Home सिनेमा बॉलीवुड वर्ल्ड मैथमैटिक्स डे पर जारी हुआ 'शकुंतला देवी' का फर्स्ट लुक, इस अंदाज में दिखीं विद्या बालन

वर्ल्ड मैथमैटिक्स डे पर जारी हुआ 'शकुंतला देवी' का फर्स्ट लुक, इस अंदाज में दिखीं विद्या बालन

आउटलुक टीम - OCT 15 , 2019
वर्ल्ड मैथमैटिक्स डे पर जारी हुआ 'शकुंतला देवी' का फर्स्ट लुक, इस अंदाज में दिखीं विद्या बालन
वर्ल्ड मैथमैटिक्स डे पर जारी हुआ 'शकुंतला देवी' का फर्स्ट लुक, इस अंदाज में दिखीं विद्या बालन
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आउटलुक टीम

बॉलीवुड एक्ट्रेस विद्या बालन की आने वाली फिल्म 'शंकुतला देवी- ह्यूमन कंप्यूटर' का टीजर रिलीज किया गया है। इसमें विद्या बालन को शंकुतला देवी की लुक में देखा जा सकता है। इस लुक में विद्या बालन छोटे बालों में नजर आ रही हैं। होठों पर मुस्कान लिए, माथे पर लाल बिंदी लगाए विद्या इसमें खूबसूरत लग रही हैं।

वर्ल्ड मैथामैटिक्स डे पर इस टीजर को खासरतौर पर रिलीज किया गया है। गणित विषय में महारत हासिल करने वाली शकुंतला देवी को ह्यूमन कंप्यूटर के नाम से भी जाना जाता है। इस टीजर विद्या बालन ने अपने ट्विटर अकाउंट पर रिलीज करते हुए लिखा, उन्होंने दुनिया में नंबर्स को देखने के तरीके को बदल दिया था। इस गणितज्ञ की सफलता का जश्न मनाते हुए।

बीते दिनों जारी किया गया था फर्स्ट लुक

बीते दिनों इसका फर्स्ट लुक भी जारी किया गया था। उस दौरान विद्या ने फिल्म से जुड़ी एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा, ‘हर दिन के साथ उत्साह बढ़ रहा है। फिल्म के जरिए गणित विषय की प्रतिभाशाली शकुंतला देवी के बारे में जानने का समय है’।

बता दें कि अनु मेनन के निर्देशन में विक्रम मल्होत्रा के अबुंदंतिया एंटरटेनमेंट द्वारा निर्मित यह फिल्म 2020 की गर्मियों में रिलीज होने वाली है।

यहां देखें पूरा टीजर-

कौन हैं शकुंतला देवी

शकुंतला की प्रतिभा का पता पहली बार पांच साल की उम्र में चला, जब उन्होंने 18 साल के छात्रों की गणित की समस्या को हल करके दिखाया था। हैरानी की बात तो यह है कि उन्होंने कभी कोई औपचारिक शिक्षा ग्रहण नहीं की थी। उन्होंने अपनी प्रतिभा के कारण 1982 में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया।

गणित के प्रति उनके प्रेम के अलावा वह एक ज्योतिषी, रसोई से संबंधित किताब की लेखक और एक उपन्यासकार भी थीं। शकुंतला के जीवन पर आधारित फिल्म की कहानी मेनन के साथ ही नयनिका महतानी द्वारा लिखी गई है, जबकि फिल्म के संवाद इशिता मोइत्रा ने लिखे हैं।

पिता ने ऐसे पहचाना टैलेंट

देवी अपने पिता के साथ कार्ड्स खेल रही थीं, जब उनके पिता ने बेटी के अंदर छिपी प्रतिभा को पहचाना। एक के बाद एक गेम जीततीं जा रहीं देवी के पिता को लगा कि ये लक है या फिर वो चीटिंग कर रही हैं, लेकिन उनकी बेटी ने पिता के इस खयाल को जल्द ही झूठा साबित कर दिया। शकुंतला देवी तीन साल की उम्र में अपने पिता को कार्ड्स के गेम में हराने में इसलिए कामयाब रहीं, क्योंकि वो कार्ड नंबर और सीक्वेंस को याद करती जा रहीं थीं और फिर प्रोबेबिलिटी को कैलकुलेट कर इसका फायदा ले रही थीं।

4-5 साल की उम्र से ही शकुंतला देवी ने मैथ्स प्रॉबल्म को सॉल्व कर परफॉर्मेंस देना शुरू कर दिया था। सिर्फ 6 साल की उम्र में उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ मैसूर में परफॉर्म किया था। शकुंतला देवी के लिए मैथ्स की बड़ी से बड़ी प्रॉब्लम भी छोटी थी। 13 डिजिट के मल्टीप्लिकेशन से लेकर किसी भी नंबर का क्यूब रूट निकालना, उनके लिए बांए हाथ का खेल था।

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