Home सिनेमा बॉलीवुड ऐश्वर्या राय बच्चन से ED दफ्तर में 5 घंटे से ज्यादा चली पूछताछ, पनामा पेपर्स मामले में किया था तलब

ऐश्वर्या राय बच्चन से ED दफ्तर में 5 घंटे से ज्यादा चली पूछताछ, पनामा पेपर्स मामले में किया था तलब

आउटलुक टीम - DEC 20 , 2021
ऐश्वर्या राय बच्चन से ED दफ्तर में 5 घंटे से ज्यादा चली पूछताछ, पनामा पेपर्स मामले में किया था तलब
ऐश्वर्या राय बच्चमन से ED दफ्तर में 5 घंटे से ज्यादा चली पूछताछ, पनामा पेपस मामले में किया था तलब
ANI
आउटलुक टीम

'पनामा पेपर्स लीक' से जुड़े मामले में अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन सोमवार को पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पेश हुईं। अभिनेता अमिताभ बच्चन की 48 वर्षीय पुत्रवधू से विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के प्रावधानों के तहत करीब 5 घंटे से ज्यादा समय तक पूछताछ हुई। मामले में हाल ही में ईडी ने अभिषेक बच्चन को भी समन किया था।

ऐश्वर्या राय बच्चन आज ईडी  के जाम नगर हाउस दफ्तर पहुंची थीं। सफेद रंग की कोरोला कार में वे प्रवर्तन निदेशालय के दफ्तर में दाखिल हुईं, जहां पहले से ईडी  के अधिकारी ऐश्वर्या से पूछताछ से जुड़ी सवालों की एक लंबी फेहरिस्त के साथ मौजूद थे। ठीक दोपहर डेढ़ बजे ऐश्वर्या से पूछताछ शुरू की गई। करीब साढ़े पांच घंटे पूछताछ चली। अभिनेत्री ने ईडी को कुछ दस्तावेज भी सौंपे। ऐश्वर्या राय बच्चन को दो बार पहले भी बुलाया गया था, लेकिन दोनों ही बार उन्होंने नोटिस को स्थगित करने की गुजारिश की थी।. ये गुजारिश पनामा पेपर्स लीक की की जांच कर रही स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम के समक्ष की गई थी।

वर्जिन आइलैंड स्थित, एमिक पार्टनर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के स्वामित्व को लेकर ऐश्वर्या राय से पूछताछ की गई।  कंपनी के साल 2005 से लेकर साल 2008 तक सालाना टर्नओवर और बैंक अकॉउंट से संबंधित जानकारी भी ली गई। साथ ही कंपनी में ऐश्वर्या के माता-पिता और भाई शेयरहोल्डर थे, जिसको लेकर भी ऐश्वर्या से सवाल-जवाब हुए। ऐश्वर्या के अलावा अमिताभ बच्चन, अजय देवगन का भी नाम शामिल था। अभिषेक बच्चन से पूर्व में इससे जुड़े एक अन्य मामले में ईडी द्वारा पूछताछ की जा चुकी है।

देश के पूर्व सॉलिसिटर जनरल और सुप्रीम कोर्ट के वकील हरीश साल्वे, भगोड़े कारोबारी विजय माल्या, मोस्ट वान्टेड क्रिमिनिल इकबाल मिर्ची का नाम भी इसमें शामिल था। सुप्रीम कोर्ट तक भी मामला पहुंचा था। फिर केंद्र सरकार ने मामले में मल्टी एजेंसी ग्रुप (एमएजी)  का गठन किया था। इनमें सीबीडीटी,आरबीआई, ईडी और एफआईयू को शामिल किया गया था।

वर्ष 2016 का यह मामला वाशिंगटन स्थित ‘इंटरनेशनल कंसोर्टियम ऑफ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स’ (आईसीयूJ) द्वारा पनामा की कानूनी फर्म मोसैक फोंसेका के रिकॉर्ड की जांच से जुड़ा है, जिसे 'पनामा पेपर्स' नाम से जाना जाता है। इस दस्तावेजों में करीब 500 भारतीयों के नाम भी थे जिन्होंने ब्लैकमनी के जरिये करोड़ों रुपये के टैक्स की चोरी की थी। इसमें विश्व के कई नेताओं और मशहूर हस्तियों के नाम सामने आए थे, जिन्होंने कथित तौर पर देश से बाहर की कंपनियों में विदेशों में पैसा जमा किया था। इन्ही में बच्चन परिवार का नाम भी सामने आया था। इनमें से कुछ के बारे में कहा गया है कि उनके पास वैध विदेशी खाते हैं। इस मामले में भारत से संबंधित कुल 426 मामले थे।

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