Home अर्थ जगत शेयर बाजार इस वजह से नहीं थम रही शेयर बाजारों की गिरावट

इस वजह से नहीं थम रही शेयर बाजारों की गिरावट

आउटलुक टीम - MAY 07 , 2019
इस वजह से नहीं थम रही शेयर बाजारों की गिरावट
इस वजह से नहीं थम रही शेयर बाजारों की गिरावट
आउटलुक टीम

मुंबई। घरेलू शेयर बाजारों में लगातार पांचवें दिन भी गिरावट का दौर बना रहा। बांबे स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक शुरू में 200 अंकों की बढ़त पा गया लेकिन देसी-विदेशी स्तर पर चिंताओं के चलते यह तेजी टिक नहीं सकी और गिरावट आने लगी। बीएसई सेंसेक्स 324 अंक गिरकर बंद हुआ। इसी तरह एनएसई निफ्टी भी 100 अंकों से ज्यादा लुढ़क गया। अमेरिका-चीन के बीच ट्रेड वार को लेकर चिंताओं और कंपनियों के कमजोर नतीजों के कारण बाजार में गिरावट देखी गई।

ट्रेड वार से विश्व अर्थव्यवस्था को खतराः आइएमएफ

सुबह शेयर बाजार मजबूती के साथ खुले। लेकिन अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आइएमएफ) की प्रमुख क्रिस्टीन लेगार्ड की इस चेतावनी के बाद बिकवाली का दबाव बढ़ गया कि अमेरिका-चीन के कारोबारी तनाव से विश्व अर्थव्यवस्था को खतरा पैदा हो सकता है।

इन शेयरों पर बड़ी चोट

सेंसेक्स पैक में शामिल शेयरों में टाटा मोटर्स, आइसीआइसीआइ बैंक, भारती एयरटेल और रिलायंस इंडस्ट्रीज में 4.60 फीसदी की भारी-भरकम गिरावट रही। आइसीआइसीआइ बैंक और भारती एयरटेल के वित्तीय नतीजे भी निवेशकों का उत्साह बढ़ाने में असफल रहे। इसके कारण इनमें बिकवाली का भारी दबाव देखा गया।

सेंसेक्स 324 अंक लढ़का

30 शेयरों वाले बीएसई सेंसेक्स का ग्राफ 323.71 अंक गिरकर 38,276.63 अंक पर बंद हुआ। कारोबारी सत्र के दौरान सेंसेक्स नीचे में 38,236.18 का स्तर छू गया जबकि इसने 38,835.54 का उच्च स्तर छुआ। एनएसई निफ्टी भी 100.35 अंकों की गिरावट के साथ 11,500 से नीचे आ गया। निफ्टी 11,497.90 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान निफ्टी 11,484.45 से 11,657.05 के बीच घूमता रहा। हालांकि सेंसेक्स पैक में एचयूएल, एलएंडटी, पावरग्रिड, इन्फोसिस, ओएनजीसी और बजाज ऑटो में 1.37 फीसद की तेजी रही।

शेयर बाजारों में सुस्त माहौल

सेंट्रम ब्रोकिंग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट तथा रिसर्च प्रमुख (वेल्थ) जगन्नाथम थुनुगुंटला ने कहा कि भारतीय बाजार पिछले कुछ दिनों से कमजोर जमीन पर काम कर रहे हैं। इसके अलावा अमेरिका-चीन के बीच कारोबारी वार्ता को लेकर भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कंपनियों के मुनाफे भी अपेक्षा के अनुरूप न रहने से भी बाजार की धारणा पर बुरा असर पड़ा है।

शुल्क बढ़ाने की धमकी दी थी ट्रंप ने

ग्लोबल मार्केट में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रविवार की धमकी के बाद घबराहट फैल गई। उन्होंने कहा था कि चीन की 200 अरब डॉलर की आयातित वस्तुओं पर शुल्क 10 फीसद से बढ़ाकर 25 फीसद किया जाएगा। इसके बाद आइएमएफ की प्रमुख ने कहा कि अमेरिका-चीन के बीच हाल के तनाव से विश्व अर्थव्यवस्था के लिए खतरा पैदा हो गया है। आइएमएफ प्रमुख ने यह भी कहा कि अफवाहों और ट्वीट ने इन देशों के बीच समझौता होने की संभावना और कम कर दी है।

विदेशी बाजारों में मिलाजुला रुख

जहां तक विदेशी शेयर बाजारों का सवाल है, चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स तेजी पाकर बंद होने में सफल रहा। हालांकि जापान और दक्षिण कोरिया में गिरावट रही। यूरोप के बाजारों में भी कारोबार गिरावट के साथ हो रहा था। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 69.39 पर कारोबार कर रहा था। ब्रेंट क्रूड ऑयल 0.74 फीसदी की गिरावट के साथ 70.71 डॉलर प्रति बैरल पर दर्ज किया गया।

अब आप हिंदी आउटलुक अपने मोबाइल पर भी पढ़ सकते हैं। डाउनलोड करें आउटलुक हिंदी एप गूगल प्ले स्टोर या एपल स्टोर से