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पतंजलि ने गाय के देशी घी से कमाए 1467 करोड़, अब 20,000 करोड़ के टर्नओवर का लक्ष्य

बाबा रामदेव की अगुवाई वाली पतंजलि ने चालू वित्त वर्ष में अपनी बिक्री दो गुना कर 20,000 करोड़ रुपये करने का लक्ष्य रखा है। पिछले वित्तीय वर्ष में पतंजलि ने अकेले गाय के देशी घी से 1467 करोड़ की कमाई की है।
पतंजलि ने गाय के देशी घी से कमाए 1467 करोड़, अब 20,000 करोड़ के टर्नओवर का लक्ष्य

पतंजलि ने देशभर के अपने वितरण नेटवर्क में वितरकों की संख्या दोगुना करने की भी योजना बनाई है। इसके अलावा कंपनी बाजार में अपनी उपस्थिति और मजबूत करना तथा ज्यादातर उत्पाद श्रेणियों में अगुवाई करना चाह रही है। गौरतलब है कि हरिद्वार की इस कंपनी ने 31 मार्च, 2017 को समाप्त हुए वित्त वर्ष में 10,561 करोड़ रुपये का कारोबार किया। योगगुरू रामदेव ने संवाददाताओं से कहा, “हम इस साल और दोगुनी रफ्तार से बढ़ेंगे। अगले साल पतंजलि ज्यादातर उत्पाद श्रेणियों में अग्रणी रहेगी। यह नंबर एक होगी।“

वितरक नेटवर्क को 6000 से बढ़ा कर 12000 करने की योजना

पतंजलि अपनी बड़ी उत्पादन इकाइयां नोएडा, नागपुर और इंदौर समेत कई स्थानों पर लगा रही है जिससे उसकी उत्पादन क्षमता वर्तमान 35,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 60,000 करोड़ रुपये हो जाएगी। योगगुरू ने कहा, हमारी नोएडा इकाई की उत्पादन क्षमता 20,000 करोड़ रुपये की, नागपुर की 15,000-20000 करोड़ रुपये की तथा इंदौर की 5000 करोड़ रुपये की होगी। कंपनी देशभर में अधिकाधिक ग्राहकों तक पहुंचने के लिए अपना वितरण नेटवर्क भी मजबूत बना रहा है। रामदेव ने कहा, हम अपने वितरक नेटवर्क को 6000 से बढ़ा कर 12000 करेंगे। इस वित्त वर्ष में कंपनी मसालों, दालों, वनस्पति तेलों, बिस्कुटों, कंफेक्शनरी और जूसों जैसी श्रेणियों में अपना ध्यान बढ़ाना चाह रही है तथा इन श्रेणियों में और उत्पादों को शामिल करना चाह रही है। वित्त वर्ष 2016-17 में पतंजलि आयुर्वेद ने अपने कारोबार में 9634 करोड रुपये का योगदान दिया था जबकि दिव्य फार्मेसी ने 870 रपये की बिक्री की थी।

पतंजलि घी से 1467 करोड़ तो दंतकांति टूथपेस्ट से 940 करोड़ की कमाई

इस वित्त वर्ष में पतंजलि घी ने 1467 करोड़ रुपये का कारोबार किया जबकि दंतकांति टूथपेस्ट ने 940 करोड़ रुपये का कारोबार किया। केशकांति की 825 करोड़ रुपये की बिक्री रही जबकि हर्बल साबुन का कारोबार 574 करोड़ रुपये का रहा। उन्होंने कहा, दंतकांति का अब इस श्रेणी में बाजार में 14 फीसदी हिस्सेदारी है। शहद ने 350 करोड़ रुपये का कारोबार किया और वह इस साल बढ़कर 500-600 करोड़ तक होगी। हमारी कच्ची घानी सरसों तेल ने करीब 522 करोड़ रुपये का कारोबार किया और वह बढ़कर 1000 करोड़ रुपये तक पहुंचेगी। कंपनी के अनुसार अब शैंपू में 15 फीसदी, फेसवाश में 14 फीसदी, डिशवाशर में 35 फीसदी और शहद में 50 फीसदी शेयर है। पतजंलि के मुख्य कार्यकारी आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि कंपनी देशभर में पांच विनिर्माण सुविधाओं के निर्माण के लिए 5000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।

 

 

 

 

 

 

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