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फिच ने घटाया भारत की जीडीपी का अनुमान, कांग्रेस का केंद्र पर निशाना, कहा- लक्षण ठीक नहीं लग रहे

आउटलुक टीम - SEP 16 , 2022
फिच ने घटाया भारत की जीडीपी का अनुमान, कांग्रेस का केंद्र पर निशाना, कहा- लक्षण ठीक नहीं लग रहे
फिच ने घटाया भारत की जीडीपी का अनुमान, कांग्रेस का केंद्र पर निशाना, कहा- लक्षण ठीक नहीं लग रहे
आउटलुक टीम

ग्लोबल रेटिंग एजेंसी फिच ने भारत की जीडीपी ग्रोथ पर लगाए अनुमान को घटा दिया है। एजेंसी ने वित्त वर्ष 2023 के लिए ग्रोथ रेट घटाकर 7 प्रतिशत कर दी है। इससे पहले जून के महीने में फिच ने 7.8 प्रतिशत का अनुमान लगाया था। अब इस मामले पर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने कहा है कि पीएम मोदी की नीतियों ने जीडीपी को तबाह कर दिया है।

कांग्रेस ने इस मामले पर ट्वीट करते हुए कहा, “ग्लोबल रेटिंग एजेंसी फिच ने भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान घटा दिया है। पहले उम्मीद थी कि 2022-23 में 7.8% ग्रोथ होगी, अब इसे 7% कर दिया है। पीएम मोदी की नीतियों ने जीडीपी को तबाह कर दिया है। पिछले 3 साल में जीडीपी मात्र 3% बढ़ी। आगे के लक्षण भी सही नहीं लगते।”

बता दें कि फिच रेटिंग्स ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था की स्थिति, उच्च मुद्रास्फीति और ऊंची ब्याज दरों के कारण देश की अर्थव्यवस्था की गति धीमी पड़ेगी। रेटिंग एजेंसी ने गुरूवार को कहा था, ‘‘वैश्विक अर्थव्यवस्था, उच्च मुद्रास्फीति और सख्त मौद्रिक नीति की पृष्ठभूमि में अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी पड़ने का अंदेशा है।’’

इससे पहले फिच रेटिंग्स ने जून में चालू वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था के 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान लगाया था। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि 2023-24 में वृद्धि दर घटकर 6.7 प्रतिशत रह सकती है। पहले उसने अगले वित्त वर्ष के लिए वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था।

सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जून तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था 13.5 प्रतिशत की दर से बढ़ी है, जो जनवरी-मार्च तिमाही की 4.10 प्रतिशत की वृद्धि की तुलना में कहीं अधिक है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने चालू वित्त वर्ष में अर्थव्यवस्था के 7.2 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान लगाया है। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि कच्चे तेल के दाम कम होने से अगस्त में मुद्रास्फीति में नरमी आई है लेकिन खाद्य महंगाई दर चिंता का विषय बनी हुई है।

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