Home अर्थ जगत नीतियां 1 अप्रैल से उड़ान नहीं भरेंगे जेट एयरवेज के 1000 पायलट्स, जानिए क्या है वजह

1 अप्रैल से उड़ान नहीं भरेंगे जेट एयरवेज के 1000 पायलट्स, जानिए क्या है वजह

आउटलुक टीम - MAR 30 , 2019
1 अप्रैल से उड़ान नहीं भरेंगे जेट एयरवेज के 1000 पायलट्स, जानिए क्या है वजह
जेट एयरवेज फ्लाइट
File Photo
आउटलुक टीम

पिछले काफी समय से संकट में फंसी निजी विमानन कंपनी जेट एयरवेज पर मंडरा रहे संकट के बादल छंटने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। अब उसके एक हजार से अधिक पायलटों ने एक अप्रैल से विमान नहीं उड़ाने के अपने फैसले पर अडिग रहने का निर्णय किया है।

सैलरी नहीं मिलने की वजह से जेट एयरवेज के 1000 पायलट्स ने यह फैसला लिया है कि 1 अप्रैल से वह उड़ान नहीं भरेंगे। रेजोल्यूशन प्लान के तहत एयरलाइन को बैंकों से अभी तक पैसा नहीं मिला है। जेट के पायलट्स की संस्था नेशनल एविएटर्स गिल्ड (एनएजी) ने यह जानकारी दी। जेट के कुल 1600 पायलट्स हैं। इनमें से 1100 एनएजी से जुड़े हैं।

एक अप्रैल से विमान नहीं उड़ाएंगे पायलट्स

एनएजी ने पिछले हफ्ते ही कह दिया था कि 31 मार्च तक पायलट्स का बकाया वेतन नहीं मिला और एयरलाइन के रिवाइवल प्लान पर स्थिति साफ नहीं हुई तो वो एक अप्रैल से विमान नहीं उड़ाएंगे। एनएजी के अध्यक्ष करण चोपड़ा ने शुक्रवार शाम कहा कि कर्ज रिस्ट्रक्चरिंग के तहत 29 मार्च तक जेट को एसबीआई से फंड मिलने की उम्मीद की जा रही थी। लेकिन, ऐसा नहीं हो पाया। मैनेजमेंट की तरफ से सैलरी के भुगतान को लेकर भी कोई अपडेट नहीं मिला है। इसलिए मुंबई और दिल्ली के पायलट्स को फैसला लेना पड़ा।

200 पायलट्स ने जेट एयरवेज के सीईओ को लिखा था पत्र

इससे पहले न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से बताया कि करीब 200 पायलट्स ने जेट एयरवेज के सीईओ विनय दुबे को पत्र लिखकर काम पर नहीं आने की धमकी दी है। बताया गया कि सैलरी नहीं मिलने की वजह से पायलट्स कानूनी कार्रवाई के विकल्प पर भी विचार कर रहे हैं। जेट के पायलट्स और इंजीनियर्स को तीन महीने से सैलरी नहीं मिली है। पिछले हफ्ते इंजीनियर्स ने भी कहा था कि आर्थिक तंगी की वजह से उनकी मानसिक स्थिति पर असर पड़ रहा है। इसलिए जेट के विमानों की सुरक्षा खतरे में हैं।

जेट एयरवेज के बोर्ड और चेयरमैन पद से इस्तीफा दे चुके हैं नरेश गोयल

इससे पहले नरेश गोयल ने जेट एयरवेज के बोर्ड और चेयरमैन पद से इस्तीफा दे चुके हैं। लेकिन कंपनी की राह केवल उनके इस्तीफे से आसान नहीं होने वाली। प्रतिद्वंद्वी विमानन सेवा कंपनियों स्पाइसजेट और इंडिगो प्राइस वॉर को जारी रख सकती है। ऐसे में आने वाले समय में जेट में कई और संकट खड़े होंगे।

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