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कौन हैं नीरव मोदी, जिन पर PNB ने दस हजार करोड़ के 'फर्जी' ट्रांजैक्शन का आरोप लगाया

FEB 14 , 2018

पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की मुंबई स्थित एक शाखा में लगभग दस हजार करोड़ रुपये का फर्जी ट्रांजैक्शन का मामला सामने आया है। मामले में पीएनबी ने दस अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। पीएनबी ने सीबीआई में करोड़पति ज्वैलरी डिजाइनर नीरव मोदी के खिलाफ दो शिकायतें दर्ज कराई थीं। वहीं, ईडी ने नीरव के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस भी दर्ज कर लिया है।

कौन हैं नीरव मोदी?

ज्वैलरी की दुनिया खासकर हीरा कारोबार में मशहूर नाम नीरव मोदी मूल रूप से गुजरात के रहने वाले हैं। उनके पिता हीरे के व्यापार से जुड़े थे और इसे ही नीरव मोदी ने आगे बढ़ाया।

अपने ही नाम से उनका खुद का ज्वैलरी ब्रांड भी है। नीरव को शोहरत तब मिली, जब क्रिस्टी ज्वैलरी ऑक्शन (2010) में नीरव मोदी की कंपनी फायर स्टार डायमंड का गोलकुंडा नेकलेस 16.29 करोड़ रुपए में बिका और नीरव के ब्रांड को ग्लोबल पहचान मिली। उनके एक और हीरे के हार ने तहलका तब मचाया जब उसकी कीमत 50 करोड़ रुपए लगाई गई।

नीरव मोदी ने अपने ही नाम से 25 बड़े लग्जरी स्टोर दिल्ली से हांगकांग और मुंबई से लेकर न्यूयॉर्क तक खोले हैं। 2016 की फोर्ब्स की सूची के मुताबिक, 11, 237 करोड़ की संपत्ति के मालिक नीरव देश के सबसे रईस लोगों की गिनती में 46वें पायदान पर खड़े हैं।

नीरव पढ़ाई के लिए व्हॉटर्न स्कूल (यूएस) गए थे। 1990 में उनके मामा ने 19 साल की उम्र में मुंबई बुलाया। यहां नीरव ने हीरे के व्यापार की समझ विकसित की। नीरव ने पढ़ाई छोड़ दी औऱ गीतांजलि ग्रुप में ज्वैलरी बनाने और मार्केटिंग के नुस्खे सीखे।

बाद में नीरव ने फायर स्टार डायमंड नाम की कंपनी बनाई। इसके बाद दुनिया भर की खदानों से उन्होंने हीरे जुटाने शुरू किए और रेयर डायमंड के बड़े कारोबारी बन गए।

नीरव की कंपनी

नीरव की कंपनी का नाम यूं तो फायरस्टार डायमंड है लेकिन उनके तैयार किए गए डिजाइंस नीरव मोदी के नाम से ही बिकते हैं। नीरव खुद भी ज्वैलरी डिजाइन करते हैं। मुंबई में रह रहे मोदी दुनिया के बड़े डायमंड मार्केट में अपनी ज्वैलरी की प्रदर्शनी लगाते हैं। नीरव मोदी ब्रांड ज्वैलरी की रेंज 10 लाख से 50 करोड़ तक है। दुनिया के कई रईस और सेलिब्रिटी नीरव के ग्राहक हैं। भारत के टॉप 10 अमीरों में से 6 उनके नियमित ग्राहक हैं। 

पीएनबी के आरोपों के बाद बैंक पर असर

फर्जीवाड़ा कर बैंक को चपत लगाई गई यह रकम शेयर बाजार में बैंक के कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन का लगभग एक तिहाई है। इसके चलते जहां शेयर बाजार पर बैंक के शेयरों को 10 फीसदी का नुकसान उठाना पड़ा वहीं एक अनुमान के मुताबिक बैंक के आम खाताधारक को भी बैंक में जमा उसके 100 रुपये में 30 रुपये का नुकसान झेलना पड़ेगा।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के मुताबिक, पंजाब नेशनल बैंक का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग 36,566 करोड़ रुपये है और उसने लगभग 4.5 लाख करोड़ रुपये का बाजार में कर्ज दे रखा है। बैंक में फर्जीवाड़े के खबर के बात बैंक के शेयर मूल्य में आई गिरावट से निवेशकों को एक दिन में लगभग 3,000 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।

पहले भी पीएनबी ने दर्ज कराई थी शिकायत

पंजाब नेशनल बैंक ने 5 फरवरी को सीबीआई के सुपुर्द लगभग 280 करोड़ रुपये के फर्जी ट्रांजैक्शन का मामला सुपुर्द किया था। इस मामले की जांच सीबीआई कर ही रही थी कि बैंक के मुंबई स्थिति महज एक ब्रांच से आई फर्जीवाड़े सूचना ने बैंक को 11,360 करोड़ रुपये के अतिरिक्त नुकसान में ला दिया। हालांकि बैंक को अभी यह साफ करना बाकी है कि 5 फरवरी को सीबीआई को सूचित किया गया 280 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा इस नए फर्जीवाड़े से अलग है अथवा दोनों मामले जुड़े हुए हैं।


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