Home अर्थ जगत सामान्य कचौड़ी वाले का सालाना टर्नओवर 60 लाख रुपए से ऊपर, टैक्स के लिए मिला नोटिस

कचौड़ी वाले का सालाना टर्नओवर 60 लाख रुपए से ऊपर, टैक्स के लिए मिला नोटिस

आउटलुक टीम - JUN 25 , 2019
कचौड़ी वाले का सालाना टर्नओवर 60 लाख रुपए से ऊपर, टैक्स के लिए मिला नोटिस
कचौड़ी वाले का सालाना टर्नओवर 60 लाख रुपए से ऊपर, टैक्स के लिए मिला नोटिस
ANI
आउटलुक टीम

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में एक कचौड़ी बेचने वाले की सालाना कमाई ने कमर्शियल टैक्स वालों को हैरान कर दिया। दावा किया जा रहा है कि इस दुकान का टर्नओवर सालाना 60 लाख से 1 करोड़ रुपए के बीच है। इसे लेकर दुकान के मालिक मुकेश को टैक्स ना देने के आरोप में जीएसटी एक्ट के तहत नोटिस दिया गया है।

अलीगढ़ में सीमा सिनेमा हॉल के पास मुकेश कचौड़ी भंडार लोगों के बीच काफी चर्चित है। मुकेश कचौड़ी भंडार के मालिक पर आरोप है कि उन्होंने गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) एक्ट के तहत अपनी दुकान का पंजीकरण नहीं कराया है जबकि उनकी दुकान का कारोबार 60 लाख से ज्यादा का है।

की गई थी शिकायत

मुकेश की दुकान के साथ सब कुछ ठीक चल रहा था लेकिन हाल ही में किसी ने कमर्शियल टैक्स विभाग में शिकायत दर्ज करा दी। टैक्स इंस्पेक्टरों की एक टीम ने मुकेश कचौड़ी की दुकान के पास ही स्थित एक दूसरी दुकान पर बैठकर लगातार नजर रखनी शुरू कर दी। इस दौरान उन्होंने पाया कि मुकेश का सालाना टर्नओवर 60 लाख से 1 करोड़ या इससे अधिक है।

टैक्स जमा ना करने का आरोप

इसके बाद मुकेश को नोटिस जारी किया गया कि उन्होंने अपनी दुकान को जीएसटी के तहत रजिस्टर नहीं कराया और साथ ही कोई टैक्स भी अदा नहीं किया। मुकेश ने कहा, 'मुझे इसकी जानकारी नहीं है। मैं पिछले 12 साल से अपनी दुकान चला रहा हूं और किसी ने मुझे नहीं बताया कि ये फॉर्मैलिटी जरूरी है। हम साधारण लोग हैं और कचौड़ी-समोसा बेचकर घर चलाते हैं।'

40 लाख सालाना से ऊपर की आय वाले का रजिस्ट्रेशन जरूरी

मामले की जांच कर रहे राज्य खुफिया ब्यूरो के एक सदस्य ने बताया, 'मुकेश ने आसानी से अपनी आय को स्वीकार कर लिया और हमें कच्चे माल, तेल, एलपीजी सिलिंडर वगैरह पर अपने खर्च का पूरा विवरण दे दिया।' बता दें कि नियम के तहत जिस किसी का वार्षिक टर्नओवर 40 लाख या इससे अधिक है उसे जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है।

देना होगा एक साल का टैक्स

साथ ही तैयार भोजन पर 5 फीसदी टैक्स लगाया जाता है। एसआईबी अधिकारियों ने बताया कि मुकेश को जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराना होगा और एक साल का टैक्स भी अदा करना होगा।

(एजेंसी इनपुट्स के साथ)

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