Home अर्थ जगत सामान्य वित्त वर्ष 2020-21 के लिए आयकर रिटर्न जमा करने की समय सीमा दो महीने बढ़ाई, सरकार ने कोरोना को देखते हुए लिया फैसला

वित्त वर्ष 2020-21 के लिए आयकर रिटर्न जमा करने की समय सीमा दो महीने बढ़ाई, सरकार ने कोरोना को देखते हुए लिया फैसला

आउटलुक टीम - MAY 20 , 2021
वित्त वर्ष 2020-21 के लिए आयकर रिटर्न जमा करने की समय सीमा दो महीने बढ़ाई, सरकार ने कोरोना को देखते हुए लिया फैसला
वित्त वर्ष 2020-21 के लिए आयकर रिटर्न जमा करने की समय सीमा दो महीने बढ़ाई, सरकार ने कोरोना को देखते हुए लिया फैसला
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आउटलुक टीम

भारत सरकार ने 2020-21 के लिए गुरुवार को व्यक्तिगत आयकर रिटर्न जमा करने की समय सीमा को दो महीने के लिए बढ़ा दिया है। यानी अब आप 30 सितंबर तक आईटीआर फाइल कर सकते हैं। वहीं, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने कंपनियों के लिये आयकर रिटर्न भरने की समयसीमा एक महीने बढ़ाकर 30 नवंबर कर दी है।

पहले इसकी डेडलाइन 31 जुलाई थी, जिसे अब बढ़ाकर 30 सितंबर कर दिया गया है।.आयकर विभाग ने बताया कि कोरोना संक्रमण के लगातार बढ़ते मामलों के मद्देनजर सरकार ने ये फैसला किया है।. इसके साथ ही सर्कुलर में ये कहा गया है कि अब नियोक्ताओं को अपने कर्मचारियों को फॉर्म-16 पंद्रह जून के बजाय 15 जुलाई तक मुहैया कराना होगा।

आयकर कानून के अनुसार जिन व्यक्तियों के खातों का ऑडिट करने की आवश्यकता नहीं है और जो आमतौर पर आईटीआर-1 या आईटीआर-4 का उपयोग करके अपना आयकर रिटर्न दाखिल करते हैं, आईटीआर दाखिल करने की समय सीमा 31 जुलाई होती है। वहीं कंपनियां या फर्म जैसे करदाताओं के लिए जिनके खातों का ऑडिट होना आवश्यक है, समयसीमा 31 अक्टूबर है।

टैक्स ऑडिट रिपोर्ट और ट्रांसफर प्राइसिंग सर्टिफिकेट जमा करने की नियत तारीख एक महीने बढ़ाकर क्रमशः 31 अक्टूबर और 30 नवंबर कर दी गई है। देर से या संशोधित आयकर रिटर्न अब 31 जनवरी, 2022 तक दाखिल किए जा सकते हैं। इसके अलावा, वित्तीय संस्थानों के लिए वित्तीय लेनदेन विवरण (एसएफटी) रिपोर्ट प्रस्तुत करने की समय सीमा 31 मई, 2021 से बढ़ाकर 30 जून कर दी गई है।

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