Home अर्थ जगत सामान्य रिजर्व बैंक ने रेपो रेट 0.25 फीसदी घटाया, होम-ऑटो समेत सभी कर्ज सस्ते होंगे

रिजर्व बैंक ने रेपो रेट 0.25 फीसदी घटाया, होम-ऑटो समेत सभी कर्ज सस्ते होंगे

आउटलुक टीम - OCT 04 , 2019
रिजर्व बैंक ने रेपो रेट 0.25 फीसदी घटाया, होम-ऑटो समेत सभी कर्ज सस्ते होंगे
रिजर्व बैंक ने रेपो रेट 0.25 फीसदी घटाया, होम-ऑटो समेत सभी कर्ज सस्ते होंगे
PTI
आउटलुक टीम

रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को रेपो रेट 0.25 फीसदी घटा दिया। अब यह 5.15 फीसदी हो गया है। रिजर्व बैंक ने 2019 में लगातार पांचवीं समीक्षा में रेपो रेट घटाया है। पांच बार में इसमें 1.35 फीसदी कमी की गई है। आरबीआई जिस ब्याज दर पर बैंकों को अल्प अवधि के कर्ज देता है, उसे रेपो रेट कहते हैं। बैंक अपने कर्ज पर ब्याज दरों को रेपो रेट से जोड़ रहे हैं, इसलिए इसमें कटौती से त्योहारी सीजन में होम और ऑटो लोन समेत सभी कर्ज सस्ते होने की उम्मीद है।

 जब तक जरूरी होगा, ब्याज दरों में नरमी का रुख बना रहेगाः गवर्नर

मौद्रिक नीति समिति की बैठक के बाद रिजर्व बैंक ने रेट कट का ऐलान किया। खास बात यह रही कि समिति के सभी छह सदस्यों ने कटौती के पक्ष में वोट दिया। रवींद्र ढोलकिया ने 0.40 फीसदी कटौती की सिफारिश की थी। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा, “मौद्रिक नीति समिति ने तय किया है कि विकास दर बढ़ाने के लिए जब तक जरूरी होगा, ब्याज दरों में नरम रुख जारी रखेंगे।” मौद्रिक नीति समिति की अगली बैठक 3 से 5 दिसंबर 2019 को होगी।

 बैंकों ने रेट कट का पूरा लाभ ग्राहकों को नहीं दिया

आरबीआई का कहना है कि पहले रेपो रेट में जो कटौती की गई थी, उसका पूरा लाभ बैंकों ने अभी तक ग्राहकों को नहीं दिया है। बैंकों ने कर्ज औसतन सिर्फ 0.29 फीसदी सस्ते किए हैं। आरबीआई ने बैंकों के लिए ब्याज दर को किसी बाहरी बेंचमार्क से जोड़ना अनिवार्य कर दिया है। इसके बाद ज्यादातर बैंकों ने रेपो रेट को ही बेंचमार्क बनाया है।

 0.25 फीसदी कटौती कम, इससे डिमांड नहीं बढ़ेगीः नाइट फ्रैंक

मौद्रिक नीति समीक्षा पर प्रतिक्रिया देते हुए रियल एस्टेट कंसल्टेंसी फर्म नाइट फ्रैंक इंडिया के सीएमडी शिशिर बैजल ने कहा कि अर्थव्यवस्था की हालत को देखते हुए रेपो रेट में 0.25 फीसदी बहुत कम है। यह कंज्यूमर डिमांड बढ़ाने के लिए नाकाफी है। रियल एस्टेट सेक्टर बड़ी कटौती की उम्मीद कर रहा था। पिछली छह तिमाही के दौरान रेपो में थोड़ी-थोड़ी कटौती से न तो कंज्यूमर डिमांड बढ़ी और न ही निजी निवेश।

 बैंक रेपो में कटौती का फायदा तत्काल ग्राहकों को देः फियो

निर्यातकों के संगठन फियो के प्रेसिडेंट शरद कुमार सराफ ने कहा, रिजर्व बैंक ने विश्व अर्थव्यवस्था की चुनौतियों को स्वीकार किया है। विकासशील देशों में डिमांड घट रही है और मैन्युफैक्चरिंग में भी गिरावट आ रही है। डब्लूटीओ ने ग्लोबल आयात-निर्यात में इस साल सिर्फ 1.2 फीसदी ग्रोथ का अनुमान जताया है। ऐसे में ब्याज दरें घटने से निवेश बढ़ने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि बैंकों को भी तत्काल इसका फायदा अपने ग्राहकों को देना चाहिए।

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