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भारत में पहली बुलेट ट्रेन की तैयारी, जानें इसकी सारी अहम बातें

SEP 12 , 2017

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि अहमदाबाद और मुंबई के बीच 508 किमी लंबे रूट पर बुलेट ट्रेन चलाने के लिए 14 सितंबर को प्रॉजेक्ट का शिलान्यास किया जाएगा। उसी दिन बड़ोदा में इस प्रॉजेक्ट के लिए ट्रेनिंग सेंटर का भी निर्माण शुरू किया जाएगा। 

देश के रेल नेटवर्क में क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद

भारत के पहले बुलेट ट्रेन प्रॉजेक्ट के शिलान्यास से पहले रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि बुलेट ट्रेन के शुरू होने से देश के रेल नेटवर्क में क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद है। मीडिया से बातचीत के दौरान रेलमंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को बताया कि इस प्रॉजेक्ट के लिए काफी कम ब्याज दर पर फाइनेंस उपलब्ध करवाया गया है। उन्होंने कहा कि मुबंई-अहमदाबाद के बीच शुरू होने वाले इस प्रॉजेक्ट से हजारों लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

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14 सितंबर को शिंजो आबे रखेंगे इस प्रॉजेक्ट की आधारशिला

रेलमंत्री ने आगे कहा, 'इस हाई स्पीड ट्रेन कॉरिडोर के निर्माण से रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। इससे 4,000 डायरेक्ट जॉब्स और कम से कम 20,000 इनडायरेक्ट जॉब्स के सृजन की उम्मीद है।' हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक,  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके जापानी समकक्ष शिंजो आबे इस प्रॉजेक्ट की आधारशिला 14 सितंबर को रखेंगे।

हाई स्पीड ट्रेन को 2022 तक ऑपरेशनल करने की कोशिश

पीयूष गोयल ने बताया कि जापानी सहयोगियों की तरफ से इसे पूरा करने के लिए 2023 की समयसीमा तय की गई है। हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि हम इसे आधिकारिक समयसीमा से पहले पूरा करने में सक्षम हैं। हम हाई स्पीड ट्रेन को 2022 तक ऑपरेशनल करने के लिए हर मुमकिन कोशिश करेंगे।

आम आदमी भी कर सकेगी इस ट्रेन से यात्रा

वहीं, हाई स्पीड ट्रेनों के अनुमानित किराए के बारे में गोयल ने कहा कि यह एयरलाइंस की तुलना में कॉम्पिटिटीव होगा। आज हवाई किराए इतने कम हैं, लिहाजा हमें इस बात का ध्यान रखना होगा कि आम आदमी भी हाई स्पीड ट्रेन से यात्रा कर सके।

प्रॉजेक्ट के 80% हिस्से की फंडिंग जापान करेगा

रेलमंत्री ने बताया कि दोनों शहरों के बीच हाई स्पीड ट्रेन नेटवर्क तैयार करने की लागत 1.8 लाख करोड़ रुपये है। भारत और जापान के बीच सहयोग के लिए समझौते के तहत जापान सरकार इसके लिए सॉफ्ट लोन मुहैया कराएगी। इस लोन के भुगतान की अवधि 50 साल होगी। प्रॉजेक्ट के 80 फीसदी हिस्से की फंडिंग जापान करेगा। इस प्रॉजेक्ट में 'मेक इन इंडिया' का पहलू भी होगा, जिसके तहत यूनिट्स को रोलिंग स्टॉक और अन्य कंपोनेंट्स की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को जापानी सहयोग के साथ भारत में स्थापित किया जाएगा।

मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड नेटवर्क में होंगे12 स्टेशन

पीयूष गोयल ने बताया कि मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड नेटवर्क में 12 स्टेशन होंगे और ट्रेन की अधिकतम ऑपरेशनल स्पीड 320 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। उन्होंने बताया कि मांग बढ़ने के आसार को देखते हुए सरकार दिल्ली-नागपुर, नागपुर-मुंबई, दिल्ली-चंडीगढ़ आदि रूट्स पर हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए स्टडी करवा रही है।


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