Home अर्थ जगत सामान्य पीएमसी बैंक घाटाले में पूर्व चेयरमैन 9 अक्टूबर तक पुलिस कस्टडी में, आमने-सामने पूछताछ होगी

पीएमसी बैंक घाटाले में पूर्व चेयरमैन 9 अक्टूबर तक पुलिस कस्टडी में, आमने-सामने पूछताछ होगी

आउटलुक टीम - OCT 06 , 2019
पीएमसी बैंक घाटाले में पूर्व चेयरमैन 9 अक्टूबर तक पुलिस कस्टडी में, आमने-सामने पूछताछ होगी
पीएमसी बैंक घाटाले में पूर्व एमडी के बाद पूर्व चेयरमैन 9 अक्टूबर तक पुलिस कस्टडी में, आमने-सामने पूछताछ होगी
आउटलुक टीम

पंजाब एंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव बैंक (पीएमसी) घोटाले में इसके पूर्व चेयरमैन वारियाम सिंह को 9 अक्टूबर तक के लिए पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है। पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने वारियाम के अलावा बैंक के पूर्व प्रबंध निदेशक जॉय थॉमस को भी गिफ्तार किया है। बैंक के हजारों करोड़ रुपये के कर्ज पाने वाली कंपनी हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एचडीआइएल) के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर राकेश वाधवान और उनके बेटे सारंग को भी गिरफ्तार किया गया था।

बैंक चेयरमैन के साथ एचडीआइएल के ईडी का भी पद संभाला

मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने शनिवार को वारियम सिंह को गिरफ्तार किया था। उन्हें रविवार को मुंबई की एसप्लेनेड कोर्ट में में पेश किया गया। पीएमसी बैंक में 4355 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच कर रहे अधिकारी ने अदालत को बताया कि हम इस मामले में दूसरे आरोपियों के सामने वारियाम से पूछताछ करनी है। वह पीएमसी में जिस समय चेयरमैन थे, उसी समय वह एचडीआइएल में एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर भी थे।

बचाव में वकील ने कहा- सिर्फ दस्तखत किए

इस मामले में सिंह की ओर से पेश हुए अधिवक्ता विभव कृष्ण ने कहा कि पीएमसी बैंक के फैसले पूर्व प्रबंध निदेशक जॉय थॉमस द्वारा लिए गए। वारियाम से दस्तावेजों पर सिर्फ हस्ताक्षर कराए गए थे। दावा किया गया कि वारियाम ने आत्मसमर्पण किया है। इसकी सूचना भी दी थी। गिरफ्तारी दिखाने गलत है।

चुनाव जीतने पर बने थे चेयरमैन

अधिवक्ता ने कहा कि एक अक्टूबर को जारी सम्मन में भी पेश होने की कोई तारीख नहीं दी गई थी। इस केस में वारियाम की भूमिका सिर्फ हस्ताक्षर करने तक सीमित थे। वह कोई बैंकर भी नहीं हैं। चुनाव के तहत चुने जाने के कारण वह बैंक के चेयरमैन बने थे। पीएमसी बैक के पूर्व प्रबंध निदेशक थॉमस को 17 अक्टूबर तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है।

ये है मामला

पीएमसी बैंक संकट के पीछे एचडीआईएल का भी नाम है। कंपनी पर आरोप है कि इसने पीएमसी बैंक से बहुत ज्यादा लोन लिया था, जिसे समय पर नहीं चुकाया। पीएमसी बैंक के कुल बुक साइज का 73 फीसदी कर्ज एचडीआईएल का ही है जो कि 19 सितंबर तक करीब 8,880 करोड़ रुपये है। पिछले सप्ताह ही भारतीय रिजर्व बैंक ने पीएमसी बैंक पर कार्रवाई करते हुए लेन देन संबंधी प्रतिबंध लगाया था।

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