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जुलाई में यात्री वाहनों की बिक्री में 19 साल की सबसे बड़ी गिरावट, नौकरियों पर संकट

देश में ऑटोमोबाइल उद्योग की स्थिति बेहद खराब है। जुलाई में यात्री वाहनों की कुल बिक्री 31 फीसदी गिर गई...
जुलाई में यात्री वाहनों की बिक्री में 19 साल की सबसे बड़ी गिरावट, नौकरियों पर संकट

देश में ऑटोमोबाइल उद्योग की स्थिति बेहद खराब है। जुलाई में यात्री वाहनों की कुल बिक्री 31 फीसदी गिर गई जो पिछले 19 साल की सबसे तेज गिरावट है। उद्योग संगठन सियाम के अनुसार बिक्री में लगातार नौ महीनों से गिरावट आ रही है। बिक्री घटने से ऑटो कंपनियों द्वारा वाहनों का उत्पादन 15-20 फीसदी तक घटा दिया गया है। अगर स्थिति नहीं सुधरी तो इस सेक्टर में बेरोजगारी और भयानक हो सकती है।

दिसंबर 2000 में 35 फीसदी घटी थी बिक्री

सोसायटी ऑफ इंडिया ऑटोमोबाइल मैन्यूफैक्चरर्स (सियाम) के ताजा आंकड़ों के अनुसार बीते जुलाई में यात्री वाहनों की बिक्री 30.98 फीसदी घटकर 200,790 रह गई जबकि पिछले साल जुलाई में 290,931 वाहनों की बिक्री हुई थी। बिक्री में यह गिरावट पिछले 19 साल की सबसे बड़ी गिरावट है। इससे पहले दिसंबर 2000 में बिक्री 35.22 फीसदी गिरी थी। 

वाहनों की घरेलू बिक्री 36 फीसदी घटी

घरेलू बिक्री में 35.95 फीसदी की गिरावट रही है। घरेलू बिक्री 191,979 से घटकर 122,956 वाहनों की रह गई। इस दौरान मोटरसाइकिलों की बिक्री 18.88 फीसदी घटकर 933,996 रह गई। पिछले साल जुलाई 11,51,324 मोटरसाइकिलों की बिक्री हुई थी। सभी दोपहिया वाहनों की भी बिक्री 16.82 फीसदी घटकर 15,11,692 रह गई। पिछले साल जुलाई में 18,17,406 दोपहिया वाहनों की बिक्री हुई थी।

हर तरह के वाहन की बिक्री में सुस्ती

सियाम के अनुसार कॉमर्शियल वाहनों की बिक्री 25.71 फीसदी घटकर 56,866 रह गई। पिछले साल जुलाई में 76,545 कॉमर्शियल वाहन बिके थे। सभी तरह के वाहनों की बिक्री 18.71 फीसदी घटकर 18,25,148 वाहनों की रह गई। पिछले साल 22,45,223 वाहनों की बिक्री हुई थी। इस साल जुलाई में हर कैटागरी के वाहनों की बिक्री में गिरावट आई है। सभी वाहनों की बिक्री में सर्वाधिक 21.81 फीसदी गिरावट दिसंबर 2000 में ही दर्ज की गई थी।

उत्पादन में 20 फीसदी तक कटौती

वैसे तो वाहनों की बिक्री पिछले दो साल से सुस्त चल रही है। लेकिन पिछले नौ माह से बिक्री में गिरावट ने उद्योग की कमर तोड़ दी है। ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एक्मा) का अनुमान है कि बिक्री में गिरावट से करीब 10 लाख नौकरियों कम हो सकती हैं। ज्यादातर ऑटो कंपोनेंट निर्माताओं को उत्पादन के दिवस घटाने पड़ रहे हैं। यही नहीं कंपनियों को कर्मचारियों की छंटनी करनी पड़ रही है। वाहन निर्माता उत्पादन में लगातार कटौती कर रहे हैं। इस वजह से कंपोनेंट निर्माताओं को भी अपना उत्पादन घटाना पड़ रहा है। एक अनुमान के अनुसार वाहन निर्माताओं ने 15 से 20 फीसदी तक उत्पादन घटा दिया है। मौजूदा स्थिति अप्रत्याशित है।

अर्थव्यवस्था में ऑटो सेक्टर अहम

देश की अर्थव्यवस्था के लिए ऑटो सेक्टर की अहमियत इसी से समझी जा सकती है कि मैन्यूफैक्चरिंग में इस सेक्टर की हिस्सेदारी करीब 50 फीसदी है। जीएसटी का 11 फीसदी राजस्व इसी क्षेत्र से जमा होता है। इस सेक्टर में कुल करीब 3.70 करोड़ लोगों को प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रोजगार मिले हैं।

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