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मोरपेन लैब्स के शुद्ध लाभ में 256 फीसदी की बढ़ोतरी

आउटलुक टीम - AUG 14 , 2019
मोरपेन लैब्स के शुद्ध लाभ में 256 फीसदी की बढ़ोतरी
मोरपेन लैब्स के शुद्ध लाभ में 256 फीसदी की बढ़ोतरी
आउटलुक टीम

वित्त वर्ष 2019-20 की पहली तिमाही में फार्मा सेक्टर में उछाल देखने को मिला। इसकी झलक मोरपेन लैब्स के नतीजों में दिखती है। एपीआई निर्यात में बढ़ोतरी से कंपनी के शुद्ध लाभ में 256 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। कंपनी के मुताबिक, शुद्ध बिक्री राजस्व में 25.4 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह बढ़कर 186.70 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह 148.83 करोड़ रुपये था। टैक्स के बाद शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2019-20 की पहली तिमाही में 256 फीसदी बढ़कर 8.41 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में टैक्स के बाद शुद्ध लाभ 2.36 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था।

ईबीआईडीटीए वित्त वर्ष 2019-20 की पहली तिमाही में 67 फीसदी बढ़कर 19.73 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में ईबीआईडीटीए 11.81 करोड़ रुपये था। पिछले वित्त वर्ष के 11.38 करोड़ रुपये के मुकाबले इस अवधि में नकद लाभ करीब 69.6 फीसदी बढ़कर 19.31 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। एपीआई बिक्री वित्त वर्ष 2019-20 की पहली तिमाही में 44 फीसदी बढ़कर 112.42 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जो कुल टर्नओवर का 60 फीसदी है। एपीआई श्रेणी में निर्यात बिक्री में 50 फीसदी की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 79.51 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। घरेलू बिक्री में 33 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 32.91 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (यूएसएफडीए) की ओर से मोरपेन लेबोरेटरीज लिमिटेड के बद्दी और मसूलखाना के निर्माण संयंत्रों को मिली मंजूरी के बाद कंपनी ने अपनी बल्क दवा (एपीआई) मोंटेलुकास्ट सोडियम, का वित्त वर्ष 2019-20 की पहली तिमाही से अमेरिकी बाजार और विश्व के अन्य विनियमित बाजारों में निर्यात करना शुरू कर दिया है। वित्त वर्ष 2019-20 की पहली तिमाही में मोंटेलुकास्ट सोडियम, की बिक्री में 210 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। इसके अलावा अटोरवास्टेटिन कैल्शियम की बिक्री में पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही की तुलना में 57 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

कंपनी ने वित्त वर्ष 2019-20 की पहली तिमाही में 36.7 मिलियन ब्लड ग्लूकोज टेस्ट स्ट्रिप्स की बिक्री की, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 27.4 मिलियन ग्लूकोज टेस्ट स्ट्रिप्स की बिक्री की गई थी। इसमें 34 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

मोरपेन लेबोरेटरीज लिमिटेड के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक सुशील सूरी ने वित्त वर्ष 2019-20 की पहली तिमाही के नतीजों पर हुई बोर्ड मीटिंग के बाद कहा कि नए अणुओं औरनई पेटेंट प्रक्रिया पर हमारे फोकस और नई दिल्ली स्थित वैज्ञानिकी और औद्योगिक अनुसंधान विभाग की ओर से बद्दी (हिमाचल प्रदेश) में स्थित हमारे रिसर्च और अनुसंधान (आर एंड डी) सेंटर को मिली मान्यता के बाद कंपनी के और ज्यादा विकास के लिए इस सेंटर के आधारभूत ढांचे में और ज्यादा निवेश की योजना बना रहे हैं।

मोरपेन लैब्स ने वित्त वर्ष 2019-20 की पहली तिमाही में घरेलू मार्केट में भी शानदार प्रदर्शन किया। इस तिमाही में घरेलू एपीआई बिजनेस में 33 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और यह 32.91 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इस अवधि में रोसुवास्टेटिन और अटोरवास्टेटिन, दोनों दवाओं में, 262 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की। अन्य बल्क ड्रग लोराटाडीन की बिक्री में 28 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। 

अगर समग्र रूप से देखा जाए तो सामान्य आर्थिक मंदी और प्रतिस्पर्धी दबाव की वजह से कंपनी की फिनिश्ड डोसेज डिविजन ने इस तिमाही में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया। वित्त वर्ष 2019-20 की पहली तिमाही में कंपनी के इस श्रेणी के कारोबार में 6 फीसदी की गिरावट आई।

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