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इफको देशभर में अपने कृषि उत्पादों की मुफ्त होम डिलीवरी करेगी

JAN 10 , 2018

दुनिया की सबसे बड़ी उर्वरक सहकारी, इफको ने आज अपने डिजिटल मंच इंडियन को-ऑपरेटिव डिजिटल प्लेटफॉर्म (आईसीडीपी) के माध्यम से अपने कृषि उत्पकादों को घर-घर तक पहुंचाने की सेवा शुरु करने की घोषणा की। इसका मकसद नवीनतम तकनीकी साधनों से एक सक्षम आपूर्ति श्रृंखला तंत्र की सह-क्रिया द्वारा ग्रामीण भारत तक आधुनिक ई-कॉमर्स के लाभ और अनुभव को पहुंचाना है।
किसानों को अब आवश्यक कृषि उतपादों की पूरी श्रृंखला मिलेगी, जैसे पानी में घुलनशील उर्वरक, कृषि-रसायन, जैव-उर्वरक, बीज, पौधों को विकसित करने वाले संरक्षक और अन्य कृषि आधारित उत्पाद। ये उत्पाद 5 किलोग्राम तक की पैकिंग में उपलब्ध होंगे और बगैर किसी अतिरिक्त मूल्य के किसानों तक पहुंचाए जाएंगे। पारंपरिक उर्वरकों, जैसे यूरिया, डीएपी, एनपीके, इत्यादि ऑनलाइन नहीं बेचे जाएंगे। यह उद्योग-जगत में अपनी तरह की पहली पहल आईसीडीपी ने की है। वह दूर-दराज के उन ग्रामीण क्षेत्रों तक वितरण सेवाएं उपलब्ध कराएगी, जहां ई-कॉमर्स के अग्रणी किरदार मौजूदा परिदृश्य में अपने सामान नहीं पहुंचा पाते हैं।
इफको के प्रबंध निदेशक डॉ. यू. एस. अवस्थी ने कहा, ‘इफको में हम लगातार किसानों को सेवायें देने का प्रयास करते हैं। कृषि-वाणिज्य को सरल बनाने के लिए अपने मजबूत ग्रामीण नेटवर्क के जरिये नई व निशुल्क आपूर्ति की सेवा देने की घोषणा कर हम बहुत प्रसन्न हैं। किसान हमारे डिजिटल मंच से कृषि उत्पादों को सिर्फ एक क्लिक के जरिये खरीद पाएंगे। इस दिशा में आईसीडीपी काम कर रही है। इसका उद्देश्य है कि ज्यादा से ज्यादा किसान डिजिटलीकरण का लाभ उठाएं। हमने किसानों के बीच प्रशिक्षण और जागरूकता-निर्माण अभियान भी शुरू किया, जहां वे ऑनलाइन व डिजिटल भुगतान गेटवे के उपयोग के बारे में सीख सकते हैं। यहां उन्हें नकद रहित रहने के लाभ की शिक्षा भी मिलेगी। इससे आगे जाते हुए, हमारी योजना यह है कि इस मंच को एक सफल डिजिटल बाजार में बदल दें, जहां किसान और सहकारी समितियां, दोनों अपने उत्पाद ऑनलाइन खरीद-बेच सकें । हमें उम्मीद है कि यह पहल दूर-दराज के किसानों को लाभ पहुंचाएगी और इस क्षेत्र की बाधाओं को स्थायी तौर पर खत्म करेगी।
इफको के इंडियन को-ऑपरेटिव डिजिटल प्लेटफॉर्म (आईसीडीपी) का लक्ष्य एक डिजिटल मंच पर देश की सभी सहकारी समितियों और किसानों को एक साथ लाना और उन्हें आपस में जोड़ना है। यह पोर्टल 13 प्रमुख भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है और इसमें 2.5 करोड़ की मेंबरशिप है। इफको ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को बाकी दुनिया से जोड़ने के लिए प्रेरित करने में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इंडियन को-ऑपरेटिव डिजिटल प्लेटफॉर्म खेती-किसानी के सभी पहलुओं में किसानों को लाभ पहुंचाने में जुटी है और उन्हें एक अधिक जागरूक जीवन देने में मदद करती है। यह किसानों की आय दोगुना करने के इफको के 2020 दृष्टिकोण का हिस्सा है।


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