Home अर्थ जगत सामान्य श्रमिक संगठनों की हड़ताल से दूसरे दिन भी प्रभावित हुईं बैंकिंग सेवाएं

श्रमिक संगठनों की हड़ताल से दूसरे दिन भी प्रभावित हुईं बैंकिंग सेवाएं

आउटलुक टीम - JAN 09 , 2019
श्रमिक संगठनों की हड़ताल से दूसरे दिन भी प्रभावित हुईं बैंकिंग सेवाएं
श्रमिक संगठनों की हड़ताल से दूसरे दिन भी प्रभावित हुईं बैंकिंग सेवाएं
File Photo

केंद्रीय श्रमिक संगठनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल से बैंकिंग सेवाएं बुधवार को दूसरे दिन भी आंशिक तौर पर प्रभावित हुईं। सरकार की कथित श्रमिक विरोधी नीतियों के विरोध में दस केंद्रीय श्रमिक संगठनों ने आठ और नौ जनवरी को दो दिन की हड़ताल का आह्वान किया है। कुछ बैंक कर्मचारी संगठनों ने भी इस हड़ताल का समर्थन किया है।

ऑल इंडिया बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन (एआईबीईए) तथा बैंक एम्पलाइज फेडरेशन आफ इंडिया (बीईएफआई) ने हड़ताल का समर्थन किया है। हड़ताल से उन बैंकों का परिचालन प्रभावित हुआ है जहां इन दो संगठनों का ज्यादा प्रभाव है।

हालांकि, भारतीय स्टेट बैंक और निजी क्षेत्र के बैंकों में कामकाज पर असर नहीं पड़ा है, क्योंकि बैंक कर्मचारियों के सात अन्य संगठन हड़ताल में भाग नहीं ले रहे हैं। एआईबीईए के महासचिव सी.एच.वेंकटचलम के अनुसार, नकद लेन-देन, चेक निस्तारण, निकासियों, विदेशी मुद्रा विनिमय आदि पर असर पड़ा है।

उन्होंने दावा किया कि हड़ताल के कारण मंगलवार को 20 हजार करोड़ रुपये के चेक का निस्तारण नहीं हो सका। सार्वजनिक क्षेत्र के कई बैंक पहले ही अपने ग्राहकों को सूचित कर चुके हैं कि हड़ताल की स्थिति में सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।

क्यों है बैंकों की हड़ताल

सरकार पर एंटी वर्कर्स पॉलिसी का आरोप लगाकर विरोध के रूप में ये हड़ताल बुलाई गई है। अब इस हड़ताल को दो बैंक यूनियंस का भी समर्थन मिला है। केंद्रीय श्रमिक संघों के कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार की नीतियां श्रमिक विरोधी हैं। इसके खिलाफ प्रदर्शन के लिए हड़ताल का फैसला लिया गया।

यूनियनों ने केंद्र सरकार के सामने रखी ये 12 मांगें

वेतन बढ़ोतरी समेत श्रमिक संगठनों की 12 सूत्रीय मांगें हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, टेलीकॉम, कोल, स्टील, बैंकिंग, इंश्योरेंस और ट्रांसपोर्ट सेक्टर में 10 श्रमिक संगठनों के कर्मचारी हड़ताल में शामिल हैं। इससे इन सेक्टर की सेवाओं पर असर पड़ेगा।

कामकाज हो सकता है प्रभावित

बैंक ऑफ बड़ौदा ने बंबई शेयर बाजार को अलग से सूचित किया है कि 8 और 9 जनवरी को एआईबीईए और बीईएफआई के हड़ताल के कारण कुछ क्षेत्रों में बैंकों की शाखाओं एवं कार्यालयों में कामकाज प्रभावित हो सकता है।

 

जानें कैसे बचें परेशानी से

लेकिन, इस दौरान अगर आप कुछ बातों का ध्यान रखें तो आप कैश की किल्लत से बच सकते हैं। सबसे पहले बता दें कि हड़ताल वाले दिनों में केवल सरकारी बैंक बंद रहेंगे, जबकि प्राइवेट बैंकों में कामकाज जारी रहेगा इसलिए अगर आपका अकाउंट किसी प्राइवेट बैंक है तो वहां से आप लेन-देन कर सकते हैं।

यहीं नहीं इस दौरान आप अगर कहीं से खरीदारी कर रहे हैं तो डेबिट या क्रेडिट कार्ड से ही पेमेंट करने की कोशिश करें। साथ ही, दूसरे डिजिटल पेंमेंट के तरीकों जैसे पेटीएम, एयरटेल पेमेंट बैंक वगैरह का इस्तेमाल करके परेशानी से बचा जा सकता है।

20 करोड़ कर्मचारी हैं हड़ताल पर

सरकार के एक तरफा श्रम सुधार और श्रमिक-विरोधी नीतियों का हवाला देते हुए केंद्रीय श्रमिक संघों ने मंगलवार से दो दिन की देशव्यापी हड़ताल बुलाई है। संघों ने एक संयुक्त बयान में जानकारी दी कि करीब 20 करोड़ कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल होंगे।

एटक की महासचिव अमरजीत कौर ने दिल्ली में 10 केंद्रीय श्रमिक संघों की एक प्रेस कांफ्रेस में सोमवार को कहा था कि बीजेपी सरकार की जनविरोधी और श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ इस हड़ताल में सबसे ज्यादा संख्या में संगठित और असंगठित क्षेत्र के कर्मचारी शामिल होंगे।' उन्होंने कहा कि दूरसंचार, स्वास्थ्य, शिक्षा, कोयला, इस्पात, बिजली, बैंकिंग, बीमा और परिवहन क्षेत्र के लोगों के इस हड़ताल में शामिल होने की उम्मीद है।

26 दिसंबर को भी बैंक कर्मी हड़ताल पर थे

इससे पहले बीते माह 26 दिसंबर को भी बैंककर्मी हड़ताल पर थे। विजया बैंक और देना बैंक के बैंक ऑफ बड़ौदा में प्रस्तावित विलय के खिलाफ सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक कर्मचारियों की यूनियन ने यह हड़ताल आयोजित किया था।

यूनियनों का दावा है कि सरकार विलय के जरिये बैंकों का आकार बढ़ाना चाहती है, लेकिन यदि देश के सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को भी मिलाकर एक कर दिया जाए तो भी विलय के बाद अस्तित्व में आई इकाई को दुनिया के शीर्ष दस बैंकों में स्थान नहीं मिलेगा।

अब आप हिंदी आउटलुक अपने मोबाइल पर भी पढ़ सकते हैं। डाउनलोड करें आउटलुक हिंदी एप गूगल प्ले स्टोर या एपल स्टोर से