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नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने जताई उम्मीद, अगले वित्त वर्ष से विकास दर आठ फीसदी से ज्यादा होगी

भारत की आर्थिक विकास दर अगले वित्त वर्ष के दौरान आठ फीसदी का आंकड़ा पार कर लेगी। नीति आयोग के उपाध्यक्ष...
नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने जताई उम्मीद, अगले वित्त वर्ष से विकास दर आठ फीसदी से ज्यादा होगी

भारत की आर्थिक विकास दर अगले वित्त वर्ष के दौरान आठ फीसदी का आंकड़ा पार कर लेगी। नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने यह उम्मीद जताते हुए कहा कि जीएसटी जैसे ढांचागत सुधारों का फायदा अर्थव्यवस्था को मिलने लगेगा।

पांच ट्रिलियन डॉलर की इकोमी बनाना संभव होगा

संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में स्थायी विकास लक्ष्यों पर मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने के लिए कुमार यहां आए थे। अपने प्रवास के दौरान उन्होंने भारतीय महादूतावास में आयोजित इंडिया इन्वेस्टमेंट सेमिनार में मुख्य भाषण दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगले पांच साल में मोदी सरकार विकास दर को सात फीसदी से बढ़ाकर आठ फीसदी से ऊपर ले जाने पर जोर देगी। आठ फीसदी विकास दर हासिल करने पर भारत आसानी से पांच ट्रिलियन डॉलर (350 लाख करोड़ रुपये) की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य हासिल कर लेगा।

जीएसटी जैसे बुनियादी सुधारों का फायदा मिलने का अब समय

राजीव कुमार ने एक इंटरव्यू में कहा कि उनका अनुमान है कि वित्त वर्ष 2020-21 और इसके बाद के वर्षों में आर्थिक विकास दर आठ फीसदी से आगे निकल जाएगी। उसके बाद कई वर्षों तक विकास दर तेज रहेगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए आधार तैयार कर लिया या है। जीएसटी और इंसॉल्वेंसी एंड बैंक्रप्सी कोड जैसे बुनियादी सुधार लागू होने के बदलाव शुरू हो चुका है। इन सुधारों के शुरुआती झटकों से हम गुजर चुके हैं और अब फायदा मिलने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि हमारे पास दोहरे अंक में विकास दर हासिल करने की क्षमता है।

बड़ी संख्या में नौकरियां मिली पिछले पांच साल में

रोजगार पैदा होने के सवाल पर नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि पिछले पांच साल में बड़ी संख्या में रोजगार पैदा हुए हैं। उनका तर्क है कि अगर रोजगार रहित विकास होता तो हर हाल में सामाजिक असंतोष और तनाव होता और उस स्थिति में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार को दोबारा जनादेश नहीं मिलता। सरकार के दोबारा चुने जाने से पता चलता है कि सरकार के प्रदर्शन के प्रति कुछ हद तक संतोष है।

लेकिन क्वालिटी ठीक नहीं, इस पर काम करेंगे

लेकिन राजीव कुमार ने माना कि नौकरियों की क्वालिटी देश के युवाओं की उम्मीदों के अनुरूप नहीं है। वे बेहतर किस्म की नौकरियां चाहते हैं, जहां वे मन लगाकर काम कर सकें। घरेलू और विदेशी निवेशकों के लिए निवेश का माहौल सुधारकर हम बेहतर क्वालिटी की नौकरियों की सुलभता सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि इस महीने के शुरू में पेश किए गए बजट में विदेशी निवेश के लिए नीतियां उदार करके कारोबारी सुगमता और निवेशकों को सहायता देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।

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