Home Author

आशुतोष राणा जन्मदिन विशेष: प्रतिभाशाली अभिनेता, उच्च कोटि के लेखक-कवि, उत्कृष्ट वक्ता, टेलीविजन प्रस्तोता

‘रामनारायण नीखरा’ उर्फ़ ‘आशुतोष राणा’ अपार संभावनाओं के धनी, बेहद प्रतिभाशाली अभिनेता हैं...

‘सुदामा पांडे ‘धूमिल’ - क्रांतिकारी विचारधारा वाले हिंदी कविता के ‘एंग्री यंग मैन’

सुदामा पांडे ‘धूमिल’ क्रांतिकारी विचारधारा वाले कवि थे जिन्हें ‘विरोध-कविताएं’ लिखने के कारण...

अदम गोंडवी: ठेठ गंवई अंदाज और आग उगलती शायरी से आईना दिखाने वाले

‘अदम गोंडवी’ निराले-अलबेले, निर्भीक-निर्भय, बाहोश-बेखौफ़ शायर थे जिन्होंने सच्चे अर्थों में गरीबों...

जयंती स्पेशल- मिसाइल मैन ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने क्यों कहा था, 'सर, मेरे पास ना सूट है, ना जूते, सिर्फ चप्पल है'

भारत के गौरव, महान प्रतिभाशाली वैज्ञानिक, पूर्व राष्ट्रपति डॉ. अब्दुल कलाम की जीवनगाथा श्रमसाध्य...

लालबहादुर शास्त्री- शालीनता,सत्यवादिता, सरलता, सादगी के प्रतीक

भारत के द्वितीय प्रधानमंत्री स्वर्गीय लालबहादुर शास्त्रीजी सदगुणों और आदर्शवादिता के कारण जनप्रिय...

विलक्षण अवतार, निर्भीक वीर, स्वतंत्रता संग्राम के महानतम नायक- ‘शहीद भगतसिंह’

पंजाब के एक गांव के बगीचे में आम के पौधों की रोपाई के दौरान तीन वर्ष का पुत्र नन्हे हाथों से घास के तिनके...

दिनकर ओजस्वी, आक्रोशी, विद्रोही, वीर रस के श्रेष्ठ, क्रांतिकारी 'राष्ट्रकवि'

रामधारी सिंह ‘दिनकर’ हिन्दी साहित्य में छायावादोत्तर काल के प्रमुख कवि, साहित्यकार थे जो...

शरतचंद्र की नायिकाएं - सशक्त, स्नेहिल, सबल, स्त्री शक्ति का प्रतिनिधित्व करतीं, पर नायकों पर हावी...

अप्रतिम, विरले उपन्यासकार शरतचंद्र चट्टोपाध्याय की कहानियों में उनकी नायिकाएं संवेदनशील, करुणामय पर...

जन्मदिन विशेष: आशा भोंसले- चंचल, चुलबुली, सुरीली, जीवंत आवाज की मलिका

आशा भोंसले, जिन्हें प्यार से ''आशा ताई'' भी बोला जाता है, हिंदी फिल्मों की मशहूर पार्श्वगायिका, दीनानाथ...

पंकज त्रिपाठी: अप्रतिम अभिनेता, खांटी कृषक पुत्र, जमीन से जुड़े निखालिस माटी के लाल

शिक्षक दिवस को पंकज त्रिपाठी के जन्मदिन के अवसर पर फिल्म इंडस्ट्री के भीतर और बाहर बधाइयों को तांता लग...

मोहब्बत यदि इंसानी शक्ल अख़्तियार करती तो यकीनन अमृता प्रीतम जैसी होती

अमृता प्रीतम यानि रूहानी इश्क़, आज़ादी, अपनी शर्तों पर जीने वाली बेफिक्र फितरत की मिटटी से गढ़ी गयी...

व्यंग के भीष्म पितामह हरिशंकर परसाई: समाज के ठेकेदारों को हजम नहीं होती थीं पाखंड पर करारी चोट

पद्मश्री हरिशंकर परसाई जी, हिंदी साहित्य में व्यंग्य को सर्वथा अलग विधा का दर्जा और उत्कृष्ट मुकाम...

इस्मत चुगताई- बिंदास, बोल्ड और नारीवादी अफसानानिगार

इस्मत चुगताई, उर्दू साहित्य की ऐसी सशक्त, बेबाक, प्रबुद्ध, बिंदास, बोल्ड और नारीवादी...

जब नरगिस ने मीना कुमारी के लिए कहा, 'मौत तुम्हें मुबारक हो'!

मीना कुमारी का एक अगस्त को जन्मदिन है। वो सिने जगत की ऐसी अभिनेत्री थीं जिन्होंने मार्मिक, जीवंत, अभिनय...