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यादें: "खता तो जब हो हम हाल-ए-दिल"-दिव्या भारती के लिए उपवास और दोस्ती में दरार

उसके मामा की एक ड्राईक्लीनिंग शॉप, सिनेमा रोड में थी। इंटर कॉलेज से जो समय बचता, वह वहीं पर बिताता। उसका...

यादें: रखना किताबों को गिरवी, देखना 'दलाल' और दोस्ती का लिटमस टेस्ट

जिले से बाहर "दलाल" खूब धमाका मचाकर आयी थी। उसके गीत पहले से सबकी ज़बान पर चढ़े हुए थे। अब इंतज़ार फ़िल्म का...

डब्ल्यू टी से सिनेमा देखने वाले लड़के और एक थी एवन वाली लड़की

(स्पष्टीकरण : किस्से के दो हिस्से हैं दोनों सच में घटित)

यादें: विजयपथ, दरबार और तब्बू का खोंइछा भरा जाना

उन दिनों दूरदर्शन और डीडी मेट्रो का जमाना था। बैट्री चार्ज करने की दुकानें जगह-जगह थी और हमारी उम्र के...

यादें: गुरुजी का 'दुख हरण', रवीना टण्डन और बालकनी का बदला

वह ऐसा दिखता था या नहीं पर उसके दोस्तों ने उसके दिमाग में भर रखा था और खुद हर्षवर्द्धन को भी ऐसा लगता था...

शाहरुख खान: जीतने की जिद और जुनून के मिश्रण से बना अलहदा किरदार

प्रतिभा के साथ जीतने की ज़िद और जुनून का मिश्रण हो जाए तो किरदार शाहरुख खान बनता है। ऐसा कलाकार जिसकी...