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सिंधिया बाहरी नहीं पार्टी के अभिन्न अंगः मध्य प्रदेश भाजपा अध्यक्ष

मध्य प्रदेश में उपचुनाव की घोषणा के साथ ही सियासी सुगबुगाहट शुरू हो गई है। इस बार के उपचुनाव पूर्व...

काम ही नहीं आएगा तो गॉड फादर क्या करेगा

लंबे समय से फिल्मी दुनिया से जुड़े अनिल जॉर्ज के काम को सराहना तो हमेशा मिली लेकिन पहचान उन्हें फिल्म...

इतिहास के आइने से झांकता वर्तमान

कश्मीर के इतिहास और वर्तमान परिस्थितियों पर कश्मीरनामा, कश्मीर और कश्मीरी पंडित जैसी चर्चित किताबें...

अमेरिका चुनाव: डिबेट में डोनाल्ड ट्रंप से तीखी बहस, राष्ट्रपति से बोले जो बाइडेन, 'क्या तुम चुप रहोगे'

अमेरिका में 3 नवंबर को राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होने हैं। चुनाव से पहले मौजूदा राष्ट्रपति और...

पौराणिक पॉप, बढ़ने लगा पौराणिक पात्रों के इर्दगिर्द बुनी नई किस्सागोई का बाजार

अमूमन ‘जो रुचे, सो बिके’ ही कारगर मंत्र होता है। इसे पलट दें तो यह भी कह सकते हैं कि ‘जो बिके, सो...

बॉलीवुड का सामने आया बाहरी-भीतरी संघर्ष, सुुशांत के मौत ने खोले कई राज

अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या के दुखद प्रकरण के पश्चात वही पुराने प्रश्न खड़े हो गए हैं...

असरदार है पर जानदार नहीं है पैडमेन

आखिरकार, पैडमेन रीलिज  हो ही गई। पिछले कई महीनों से पैडमेन-पैडमेन के नाम की रट से सोशल मीडिया भरा हुआ...

सुपरमैन से बड़ा है PADMAN

आखिरकार,पैडमेन रीलिज हो ही गई। अक्षय की सोशल फिल्मों की कड़ी में यह तीसरी फिल्म है। माहवारी के दौरान...

फिल्म समीक्षा : तुम्हारी नहीं सबकी सुलू

एक इमरजेंसी लाइट, एक हॉटकेस, एक कुकर और भी न जाने क्या-क्या सुलू ने अलग-अलग कॉम्पीटिशन में पुरस्कार के...

फिल्म समीक्षा: उलझनों का इत्तेफाक

आजकल की हिंदी फिल्मों में बिना भाषणबाजी फिल्म खत्म हो जाए तो खुद को भाग्यशाली ही समझना चाहिए। इस फिल्म...

काश सुपरस्टार की फिल्म सुपरहिट होती

क्या यह महज संयोग है कि गुजरात चुनाव के वक्त बड़े परदे पर गुजरात के एक शहर वड़ोदरा की एक मुस्लिम परिवार...

समीक्षा शेफ : सैफ ने परोसी साधारण डिश

चांदनी चौक का छोरा रोशन कालरा छोरे-भटूरे की छोटी सी दुकान चलाने वाले से बहुत प्रभावित है। वह उन्हीं की...

समीक्षा : जुड़वां-2 देख लो नौ से बारह

एक होती है फिल्म और एक होती है फिल्लम। फिल्म होती है आलोचकों के लिए और फिल्लम होती है दर्शकों के लिए जो...

समीक्षा भूमि : संजू बाबा को कमबैक चाहिए तो दोबारा बनना पड़ेगा ‘मुन्ना’

 एक पिता जिसकी बेटी के साथ गैंग रेप हुआ है। बाप-बेटी चैन से जीना चाहते हैं, लेकिन समाज जीने नहीं देता।...

समीक्षा लखनऊ सेंट्रल : न गायक न कैदी

छोटे शहर के लाइब्रेरियन का बेटा और बड़े ख्वाब। किशन गेहरोत्रा (फरहान अख्तर) ऐसे ही सपने देखने वाला बेटा...

समीक्षा सिमरन : अंग्रेजी-गुजराती खिचड़ी

जटिल दिमाग के लोगों की भूमिका निभाने में कंगना को महारत हासिल है। शायद यह उनका अपना व्यक्तित्व है।...