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कला-संस्कृति

जो अपने लिए सपने चुनती हैं

युवा कवयित्री शैलजा पाठक के कविता संग्रह ‘जहां चुप्पी टूटती है’ की पहली कविता की पहली पंक्ति है,...

बाजार, राज्य और समाज

हाल में देश में संपन्न आम चुनावों के नतीजे कई राजनैतिक जानकारों के लिए इसलिए भी चौंकाऊ थे कि जिस दौर...

जनपक्षीय संस्कृति की रूह का चले जाना

लेखक, नाटककार, अभिनेता, निर्देशक, कवि, अनुवादक, पटकथा लेखक, मुखर सोशल एक्टिविस्ट और बेहतरीन इनसान गिरीश...

जीवनियों से नया साक्षात्कार

हिंदी में सोलह दिग्गज लेखकों, कलाकारों की जीवनियां नामी-गिरामी लेखकों से लिखवाना एक नई परिघटना है।...

लंबी कविताओं में एक बड़ा क्षितिज

“लगभग दो दर्जन कविता संग्रहों के कवि रामदरश मिश्र की लंबी कविताएं हाल ही में प्रकाशित हुई हैं” कभी...

अनुभव के उजाड़ में जीवन की बारिश

“प्रत्यक्षा का नया उपन्यास बारिशगर उनके इस वैशिष्ट्य का अन्यतम उदाहरण है” हिंदी के समकालीन लेखन...

नाटक में गांधी

“हमारी चुनावी राजनीति जिस तरह महात्मा को आज भी कुचल रही है, उनके 150वीं जयंती वर्ष में नाटकों में नए...

बेचैन पत्तों का कोरस: कुंवर नारायण की कहानियों में एक दूसरा पक्ष ‘देखना’ भी है

कुंवर नारायण की कहानी ‘सीमारेखाएं’ पढ़ें और मंटो की कहानी ‘टोबा टेकसिंह’ याद न आए, ऐसा नहीं हो...

मिस्टर और मिसेज जिन्ना: प्रेमकथा से ज्यादा राजनैतिक इतिहास

जिन्ना पर न जाने कितनी किताबें आ चुकी हैं। उनकी बेहद खूबसूरत पत्नी, रती पैटी पर भी कई हैं। लेकिन उनके...

नेहरू के बारे में कहा-अनकहा

“किताब में लेखक ने नेहरू के अनगिनत भाषणों, पत्रों और आकाशवाणी पर उनके संदेशो में से सिर्फ वे ही पत्र...

अकाल में यह सूनापन !

डॉ. नामवर सिंह का निधन हमारी भाषा और समाज के लिए बड़ी क्षति तो है ही, यह बड़े संकट का संकेत भी हो सकता है।...

कोई दूसरा नामवर न हुआ

“उर्दू साहित्य में जैसे कोई दूसरा गालिब न हुआ, भाषा विज्ञान में कोई दूसरा नोम चोम्स्की न हुआ, बांग्ला...

भारत-पाकिस्तान की साझा विरासत थीं राणा लियाकत अली खान

एक किताब के जरिये यदि पता लगे कि भारत और पाकिस्तान में क्या आम है, तो यकीनन यह किताब ‘बेगम : अ पोर्ट्रेट...

नहीं रहे मशहूर साहित्यकार और आलोचक नामवर सिंह

प्रख्यात साहित्यकार और आलोचक डॉ. नामवर सिंह का मंगलवार रात 11.50 बजे 92 साल की उम्र में निधन हो गया। देर रात...