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कला-संस्कृति

पुस्तक समीक्षा : छोटी आंखों की पुतलियों में (ताइवान डायरी)

देवेश पथ सारिया की कविताओं और अनुवादों से हिंदी-साहित्य पहले से ही परिचित है। उनकी रचनाओं में जो...

गांधी शांति प्रतिष्ठान ने की कुलदीप नैयर पत्रकारिता सम्मान की घोषणा, अजीत अंजुम और आरफा खानम शेरवानी किए जाएंगे सम्मानित

दिल्ली प्रेस क्लब में सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता में गांधी शांति प्रतिष्ठान ने कुलदीप नैयर स्मृति...

हिंदी के प्रख्यात मार्क्सवादी आलोचक मैनेजर पाण्डेय नहीं रहे

हिंदी के प्रख्यात मार्क्सवादी आलोचक एवं जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में भारतीय भाषा केंद्र...

पुस्तक समीक्षा - सुखी घर सोसाइटी : त्रासद कहानियों में रचा-बसा उपन्यास

‘सुखी घर सोसाइटी’ विनोद दास का इसी वर्ष (2022) प्रकाशित उपन्यास है। विनोद दास की पहचान कवि, समीक्षक और...

पुस्तक समीक्षा : एक्स वाई का जेड

एक्स वाई का जेड वरिष्ठ गद्यकार एवं अनुवादक प्रभात रंजन के हालिया प्रकाशित कहानी संग्रह का शीर्षक है।...

अमृता प्रीतम : लेखिका जो जीते जी अफसाना बन गईं

अमृता प्रीतम का जन्म 31 अगस्त सन 1919 को गुजरांवाला पाकिस्तान में हुआ था। उनकी मां राज बीवी और पिता करतार...

पुस्तक समीक्षाः मैंने जो जिया- 2

किशोरावस्था में ही अपने गीतों और कविताओं के माध्यम से अलग पहचान बनाने वाले, शताधिक पुस्त‍कों के...

पुस्तक समीक्षा : सदानीरा पत्रिका (ग्रीष्म 2022 एंथ्रोपोसीन विशेषांक)

“वह समझाते हैं  लड़ो   धर्म है लड़ना धरती और आदमी को बचाने के लिए लड़ो।   शुरू होती है लड़ाई सबसे...

उर्दू शायर जोश मलीहाबादी का शानदार किस्सा

  भारत के विभाजन के बाद जब उर्दू के मशहूर शायर जोश मलीहाबादी पाकिस्तान पहुंचे तो शुरुआती दिनों में ही...

पुस्तक समीक्षा: लक्खा सिंह

यह युवा लेखक विक्रम सिंह का तीसरा उपन्यास है। इससे पहले उनके चार कहानी संग्रह और दो उपन्यास 'अपना खून'...

मजाज लखनवी की जिन्दगी से जुड़ा खूबसूरत किस्सा

शायर जोश मलीहाबादी और मजाज़ लखनवी के रिश्ते बहुत अच्छे थे। दोनों का काफ़ी वक़्त साथ में गुज़रता। इस...

दशहरा स्पेशलः मिथिला के राम

  “राम संसार के लिए कुछ और हैं, पर मिथिला के लिए कुछ और! मिथिला ने उन्हें इतना प्रेम किया कि बेटी के...

असुरा: राम के तीर से घायल रावण के अंतिम शब्द

कल मेरा अंतिम संस्कार है। मैं नहीं जानता कि मुझे एक राजसी व्यक्ति का संस्कार मिलेगा या मुझे नीच शत्रु...

श्रीरामदासु: परदे पर संत

रामदासु को परम भक्त के रूप में जाना जाता है, यही कारण है कि नागय्या और नागार्जुन जैसे दिग्गज अभिनेताओं...


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