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कला-संस्कृति

यादें : दिलवाले और दिलवाले के आशिक की 'पूस की रात'

'जीता था जिसके लिए' की जनव्याप्ति उन दिनों चालीसा से थोड़ा ही कम थी। एक ओर हमारे गाँव के मंदिर से सुबह में...

यादें: "खता तो जब हो हम हाल-ए-दिल"-दिव्या भारती के लिए उपवास और दोस्ती में दरार

उसके मामा की एक ड्राईक्लीनिंग शॉप, सिनेमा रोड में थी। इंटर कॉलेज से जो समय बचता, वह वहीं पर बिताता। उसका...

शहरनामा / बलिया: पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर और क्रांतिकारी मंगल पांडे का बलिया

“पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर और क्रांतिकारी मंगल पांडे का बलिया” मंगल पांडे से चंद्रशेखर तक देश...

यादें: रखना किताबों को गिरवी, देखना 'दलाल' और दोस्ती का लिटमस टेस्ट

जिले से बाहर "दलाल" खूब धमाका मचाकर आयी थी। उसके गीत पहले से सबकी ज़बान पर चढ़े हुए थे। अब इंतज़ार फ़िल्म का...

भारत के प्रधानमंत्री: लोकत्रांतिक भारत की प्रगति और बाधाओं के बारे में सोचने के सूत्र देती किताब

पुस्तक: भारत के प्रधानमंत्री: देश, दशा, दिशा  लेखक : रशीद किदवई प्रकाशक : राजकमल...

डब्ल्यू टी से सिनेमा देखने वाले लड़के और एक थी एवन वाली लड़की

(स्पष्टीकरण : किस्से के दो हिस्से हैं दोनों सच में घटित) दुलारा का एक गीत हर्षवर्द्धन और आनंद के मन में...

‘सुदामा पांडे ‘धूमिल’ - क्रांतिकारी विचारधारा वाले हिंदी कविता के ‘एंग्री यंग मैन’

सुदामा पांडे ‘धूमिल’ क्रांतिकारी विचारधारा वाले कवि थे जिन्हें ‘विरोध-कविताएं’ लिखने के कारण...

शहरनामा/रानीखेत: पर्वत का अद्भुत नजारा दिखाने वाला शहर

“पर्वत का अद्भुत नजारा दिखाने वाला शहर” मुस्कुराता शहर सूर्योदय में सूर्य किरणों का पर्वतों पर...

यादें: विजयपथ, दरबार और तब्बू का खोंइछा भरा जाना

उन दिनों दूरदर्शन और डीडी मेट्रो का जमाना था। बैट्री चार्ज करने की दुकानें जगह-जगह थी और हमारी उम्र के...

यादें: गुरुजी का 'दुख हरण', रवीना टण्डन और बालकनी का बदला

वह ऐसा दिखता था या नहीं पर उसके दोस्तों ने उसके दिमाग में भर रखा था और खुद हर्षवर्द्धन को भी ऐसा लगता था...

शहरनामा/नागपुर: संतरे और राजनीति का गढ़

“संतरे और राजनीति का गढ़” संतरा नगरी नागपुर को संतरों का शहर कहा जाता है। यहां के ताजे, रसीले मीठे...

यादें: चिट्ठी की गलत पते पर डिलीवरी और इश्क में होना तड़ीपार

जो स्कूल 'कंट्री विदाउट वीमेन' सरीखा था वहाँ यह जलजला उसी वर्ष आया था कि उस साल एक ही कक्षा में कुल जमा...

अदम गोंडवी: ठेठ गंवई अंदाज और आग उगलती शायरी से आईना दिखाने वाले

‘अदम गोंडवी’ निराले-अलबेले, निर्भीक-निर्भय, बाहोश-बेखौफ़ शायर थे जिन्होंने सच्चे अर्थों में गरीबों...

शायर मजाज़ लखनवी जन्मदिन विशेष: "जिनकी तस्वीर लड़कियां छुपा कर रखती थीं, नज़्म को तकिये के नीचे रख सोती थीं"

एक मुशायरे में दो शायरों ने कलाम पढ़ा तो एक शायर बहुत ज़्यादा पसंद किये गए और...