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कला-संस्कृति

हजारों वर्षों से ‘अन्य’ को हीन और दोयम मानता रहा है समाजः रोमिला थापर

 प्रसिद्ध इतिहासकार रोमिला थापर ने कहा है कि भारत में हजारों वर्षों से व्यवस्था के ताकतवर लोग दूसरों...

फ्रंटियर पर नया नजरिया

“पाकिस्तान के नॉर्थ वेस्ट फ्रंटियर प्रॉविंस (अब खैबर पख्तूनखवा) के बारे में भारत में लोग कम ही जानते...

दीवार पार की कथा

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में चीनी भाषा के प्राध्यापक बी.आर. दीपक की आत्मकथा ‘दीवार के उस पार’...

भारत भूषण अग्रवाल पुरस्कार विहाग वैभव को

कविता के लिए दिया जाने वाला भारत भूषण अग्रवाल पुरस्कार इस साल युवा कवि विहाग वैभव को उनकी कविता, ‘चाय...

चुनाव का भ्रम और लोकतंत्र की माया

“यहां एक बात पर सहानुभूति के साथ गौर करना जरूरी है कि कांग्रेसियों को ऐसा काम करने को कहा गया है जो...

जो अपने लिए सपने चुनती हैं

युवा कवयित्री शैलजा पाठक के कविता संग्रह ‘जहां चुप्पी टूटती है’ की पहली कविता की पहली पंक्ति है,...

बाजार, राज्य और समाज

हाल में देश में संपन्न आम चुनावों के नतीजे कई राजनैतिक जानकारों के लिए इसलिए भी चौंकाऊ थे कि जिस दौर...

जनपक्षीय संस्कृति की रूह का चले जाना

लेखक, नाटककार, अभिनेता, निर्देशक, कवि, अनुवादक, पटकथा लेखक, मुखर सोशल एक्टिविस्ट और बेहतरीन इनसान गिरीश...

जीवनियों से नया साक्षात्कार

हिंदी में सोलह दिग्गज लेखकों, कलाकारों की जीवनियां नामी-गिरामी लेखकों से लिखवाना एक नई परिघटना है।...

लंबी कविताओं में एक बड़ा क्षितिज

“लगभग दो दर्जन कविता संग्रहों के कवि रामदरश मिश्र की लंबी कविताएं हाल ही में प्रकाशित हुई हैं” कभी...

अनुभव के उजाड़ में जीवन की बारिश

“प्रत्यक्षा का नया उपन्यास बारिशगर उनके इस वैशिष्ट्य का अन्यतम उदाहरण है” हिंदी के समकालीन लेखन...

नाटक में गांधी

“हमारी चुनावी राजनीति जिस तरह महात्मा को आज भी कुचल रही है, उनके 150वीं जयंती वर्ष में नाटकों में नए...

बेचैन पत्तों का कोरस: कुंवर नारायण की कहानियों में एक दूसरा पक्ष ‘देखना’ भी है

कुंवर नारायण की कहानी ‘सीमारेखाएं’ पढ़ें और मंटो की कहानी ‘टोबा टेकसिंह’ याद न आए, ऐसा नहीं हो...

मिस्टर और मिसेज जिन्ना: प्रेमकथा से ज्यादा राजनैतिक इतिहास

जिन्ना पर न जाने कितनी किताबें आ चुकी हैं। उनकी बेहद खूबसूरत पत्नी, रती पैटी पर भी कई हैं। लेकिन उनके...