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कला-संस्कृति

शरतचंद्र की नायिकाएं - सशक्त, स्नेहिल, सबल, स्त्री शक्ति का प्रतिनिधित्व करतीं, पर नायकों पर हावी...

अप्रतिम, विरले उपन्यासकार शरतचंद्र चट्टोपाध्याय की कहानियों में उनकी नायिकाएं संवेदनशील, करुणामय पर...

शहरनामा | बक्सर: गंगा के तट पर बसा अलसाया, शांत शहर

“गंगा के तट पर बसा अलसाया, शांत शहर” ऋषियों का आश्रम बक्सर! पश्चिमी बिहार में गंगा के तट पर बसा...

KLF मैथिली लिटरेरी फेस्टिवल का आयोजन हुआ संपन्न, वर्चुअल लगा देश-दुनिया के दिग्गज साहित्यकारों का मेला

कलिंग लिटरेरी फेस्टिवल की अगुवाई में आयोजित मैथिली लिटरेरी फेस्टिवल के वर्चुअल आयोजन सोशल मीडिया के...

कलिंग साहित्य महोत्सव बुक अवॉर्ड्स 2020-21 का ऐलान, इन पुस्तकों को मिलेगा सम्मान; जानें- किसे मिली है सूची में जगह

कलिंग साहित्य महोत्सव ने अपने 'बुक अवॉर्ड 2020-21' की घोषणा कर दी है। भुवनेश्वर में 10 दिसंबर से होने जा रहे...

KLF मैथिली लिटरेरी फेस्टिवल का आयोजन 11-12 सितम्बर को, वर्चुअल लगेगा देश-दुनिया के दिग्गज साहित्यकारों का मेला

देश के प्रतिष्ठित साहित्य संगठन कलिंग लिटरेरी फेस्टिवल (केएलएफ) की अगुवाई में आगामी 11-12 सितम्बर 2021 को दो...

पुस्तक समीक्षा । एक देश बारह दुनिया: हाशिये पर छूटे भारत की तस्वीर

एक देश बारह दुनिया शिरीष खरे प्रकाशक  राजपाल प्रकाशन मूल्य: 295 रु.  पृष्ठ: 240   ''लेखक लिखता है कि उनकी...

दुष्यंत कुमार और हबीब तनवीर जयंती- अपनी दुनिया और अलग रास्ते बनाने वाले दो फनकार, सत्ता को ललकारते हैं जिनके शब्द

ग़ज़ल और नाटक दोनों ही विधाएं किसी बरगद की तरह उम्रदराज़ हैं। दोनों विधाओं ने परंपरागत परिवेश से बाहर...

शहरनामा | जगदलपुर: “खूबियों से भरा ये शहर है मेरा”

“खूबियों से भरा ये शहर है मेरा” अपनी मस्ती में मस्त शहर इसकी तारीफ अब मैं क्या बयां करूं, खूबियों से...

व्यंग के भीष्म पितामह हरिशंकर परसाई: समाज के ठेकेदारों को हजम नहीं होती थीं पाखंड पर करारी चोट

पद्मश्री हरिशंकर परसाई जी, हिंदी साहित्य में व्यंग्य को सर्वथा अलग विधा का दर्जा और उत्कृष्ट मुकाम...

इस्मत चुगताई- बिंदास, बोल्ड और नारीवादी अफसानानिगार

इस्मत चुगताई, उर्दू साहित्य की ऐसी सशक्त, बेबाक, प्रबुद्ध, बिंदास, बोल्ड और नारीवादी...

स्मृति: जल रही शिलूका कोई

वह जितनी डोगरी की लेखिका थीं, उतनी ही हिंदी की भी थीं। अलबत्ता, हिंदी वाले उन्हें अपनी ही भाषा की लेखिका...

विवादों के कारण नामवर की जीवनी प्रकाशकों ने वापस ली

हिंदी के युवा आलोचक अंकित नरवाल ने अपने प्रयासों से नामवर जी की जीवनी ‘अनल पाखी’ लिख डाली। वे पिछले...

शहरनामा: उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में बसी ‘रंगीली-गेवाड़ घाटी’ यानी अपना प्यारा चौखुटिया

“देव-भूमि उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में बसी ‘रंगीली-गेवाड़ घाटी’ यानी अपना प्यारा...

शहरनामा: कानपुर में कभी कोई अकेला नहीं महसूस करता

“कानपुर में कभी कोई अकेला नहीं महसूस नहीं करता” करामाती कान्हापुर उत्तर प्रदेश के कानपुर का कभी...