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कला-संस्कृति

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में भी सीएए की गूंज, अमित शाह को मार्गरेट अल्वा की चुनौती

केरल साहित्य उत्सव की तरह जयपुर में भी साहित्य महोत्सव में सीएए और एनआरसी की गूंज सुनाई पड़ रही है।...

व्यावहारिक आर्थिकी जरूरी

अभिजीत बनर्जी, उनकी पत्नी एस्टर डुफलो को हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर माइकल क्रेमर के साथ...

उथल-पुथल के दौर में साहित्य संसार

यह 28वां विश्‍व पुस्‍तक मेला है। इसका शीर्षक है ‘गांधी: राइटर्स राइटर’ यानी गांधी लेखकों के लेखक।...

कविता की सबसे विश्वसनीय इकाई

ओम निश्चल उदय प्रकाश बेशक आज कहानी के क्षेत्र में एक स्थापित हस्ताक्षर हैं, पर इससे पहले वे हमारे समय...

आग के खेल में शरीक एक कवि का परिचय

इस काव्य संग्रह को पढ़ते हुए जो बात सबसे पहले जेहन में आती है वह है, कविता को कैसे निर्दोष और निराक्रांत...

भारतीय संस्कृति का यह विचलन !

“देश की एकता और अखंडता के लिए अनिवार्य है कि सभी धर्म, समुदाय, संस्कृतियों के बीच साझा संवाद हो” जिस...

राजनीति की गर्द और गांव के दर्द का आईना

“किताब के सफों में दर्ज लफ्ज और उनको ललकारते कार्टून खुद बताएंगे कि उनमें रोचक/रोमांचक क्या...

दिल के हर कोने को छूती कहानियां

“अधिकांश कहानियों में दांपत्य प्रमुखता से दर्ज है” सुपरिचित कथाकार राम नगीना मौर्य का यह तीसरा...

भोपाल में ‘विश्व रंग’ का आयोजन, दुनिया भर से साहित्यकार हुए शामिल

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में साहित्य, संस्कृति और कला के विभिन्न रंगों को समेटता अंतरराष्ट्रीय...

समय से मुठभेड़

“प्रेम पर कुछ बहुत मर्मस्पर्शी कविताएं इस संग्रह में हैं” कवि मदन कश्यप के छठे कविता संग्रह पनसोखा...

बेगम के बोल

“बेगम अख्तर के संगीत, उनके किरदार और उनके जीवन-संगीत के इर्द-गिर्द फैली अनेक कहानियों को चार खंडों...

वास्तविक समाजवादी

समाजवादी चिंतक किशन पटनायक के लेखों के संकलन की नई किताब, संभावनाओं की तलाश पढ़ने के बाद समाजवादियों का...

जिए जा रहे जीवन की गूंज

“जो लोग कुलदीप कुमार को साहित्यिक-सांस्कृतिक, सामाजिक-राजनैतिक विषयों पर निरंतर हिंदी-अंग्रेजी में...

भूला-बिसरा कलमकार

“कहानीकार अरविंद कुमार ने भोजपुरी जी की रचनावली निकाल कर नई पीढ़ी को उनके व्यक्तित्व और योगदान से...