Advertisement

कला-संस्कृति

गंगा-जमुनी तहजीब बयां करते महरौली के पत्‍थर

गंगा-जमुनी तहजीब बयां करते महरौली के पत्‍थर

एक गिरजाघर है जो मंदिर सा दिखता है... और मस्जिद सा भी। एक त्यौहार है जो मुगलों के दौर से चला आ रहा है... जी हां , महरौली का हर पत्थर कुछ बोलता है और हिंदुस्तान की नायाब गंगा-जमुनी तहजीब के तराने सुनाता है।
कहानी: पाई टु पाई ऑनेस्ट

कहानी: पाई टु पाई ऑनेस्ट

सन 1963 में पहली कहानी ‘कहानी’ नाम की पत्रिका में छपी। पिछले पांच दशकों में हिंदी की तमाम छोटी-बड़ी पत्रिकाओं में नियमित प्रकाशन। कविता संग्रह, सिर्फ सोलह सफे, पठार को सुनो, अतिपूर्वा, इंधन चुनते हुए, सीढ़ियों पर धूप, आग के आसपास, बीस सुरों की सदी। कहानी संग्रह, कोरस वाली गली, नायाब नर्सरी। इसके अलावा भी कई अन्य क्षेत्रों में लेखन और संपादन। झारखंड पर केंद्रित कई किताबें। झारखंड के जाने-माने लेखकों में शुमार।
चर्च चाहता है नाटक पर प्रतिबंध

चर्च चाहता है नाटक पर प्रतिबंध

कैथोलिक चर्च ने अमेरिकी नाटक लेखिका जान पलमायर द्वारा लिखित नाटक एग्नेस ऑफ गॉड पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। यह नाटक एक नन द्वारा मृत बच्चे को जन्म देने पर आधारित है।
दक्षिण अफ्रीका प्रवास के सौ साल

दक्षिण अफ्रीका प्रवास के सौ साल

महात्मा गांधी ने पूरी दुनिया को मानवता और शांति का संदेश देकर भावी पीढ़ियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने देश को अहिंसा के रास्ते आजादी दिलाई और विश्व को सत्य और प्रेम के माध्यम से एकजुट होकर आगे बढ़ने का रास्ता दिखाया। वह आदमी के द्वारा आदमी का शोषण किए जाने के खिलाफ थे। उन्होंने सत्य को ईश्वर माना और अपने विचारों पर हमेशा दृढ़ रहे। यह बातें राजधानी कालेज में महात्मा गांधी के दक्षिण अफ्रीका से स्वदेश लोटने की सौवीं वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ताओं ने कही।
दिल्ली में अमृता से मिले साहिर

दिल्ली में अमृता से मिले साहिर

साहिर लुधियानवी और अमृता प्रीतम के प्रेम के किस्से ही किस्से हैं। एक शायर तो एक कहानियों को शब्द देने वाली। ता उम्र दोनों साथ न रहते हुए भी एक-दूसरे को शिद्दत से प्रेम करते रहे। इसी प्रेम कहानी को एक मुलाकात नाम से नाटक के माध्यम से मंच पर उतारा गया।
एलपी रेकॉर्ड्स को सीडी की सौगात

एलपी रेकॉर्ड्स को सीडी की सौगात

रवीन्द्र संगीत के शौकीन और किसी वक्त में इसे सीखने वाले मलय घोष को अंदाजा भी नहीं रहा होगा कि संगीत की यह शिक्षा एक दिन उनके लिए रोजी-रोटी का जरिया बनेगी।
नौटंकी राजा के हवाले प्रजा

नौटंकी राजा के हवाले प्रजा

युवा व्यंग्यकार और पत्रकार अनुज खरे ने आज के समय पर करारी चोट करते हुए एक नाटक लिखा, नौटंकी राजा। नाटक राजनीतिक, सामाजिक और लोकतांत्रिक मूल्यों में हो रहे पतन पर बहुत गहरे तरीके से अपनी बात रखता है। इस नाटक की सबसे बड़ी खासियत रही हंसी-हंसी में बड़ी बात को आसानी से कह देना। पिछले दिनों, पंचानन पाठक नाट्य समारोह के तहत एलटीजी ऑडिटोरियम में इस व्यंग्य नाटक का मंचन हुआ।
वीरेन दा जब तुम्हारे न रहने की खबर आई

वीरेन दा जब तुम्हारे न रहने की खबर आई

प्रख्यात कवि वीरेन डंगवाल का मुंह के कैंसर से निधन हो गया। उनकी याद में कवि-कहानीकार प्रियदर्शन की कलम भी रो पड़ी। उन्हीं के शब्दों में, ‘मुंबई के रास्ते था। तभी वीरेन डंगवाल के न रहने की खबर सुनी। मन खराब हो गया। भिंची हुई रुलाई जैसा कुछ। इसी में जैसे तैसे कुछ लिखा। यह श्रद्धांजलि नहीं है। पता नहीं क्या है।’ तीन भावनाएं आउटलुक के पाठकों के लिए।
उजले दिनों के कासिद वीरेन डंगवाल नहीं रहे

उजले दिनों के कासिद वीरेन डंगवाल नहीं रहे

अपनी कर्मभूमि बरेली में आज सुबह अंतिम सांसे ली, हिंदी के हस्ताक्षर कवि वीरेन डंगवाल ने। पिछले कुछ सालों से वह मुंह के कैंसर से बहादुराना लड़ाई लड़ रहे थे।
आशा पांडे की कहानी - खुद्दार

आशा पांडे की कहानी - खुद्दार

एम. ए.। प्राचीन इतिहास में पीएच.डी। कहानी-कविता के साथ-साथ यात्रा वृत्तां पर भी पुस्तक। धूप का गुलाब और चबूतरे का सच नाम से कहानी संग्रह। बादल को घिरते देखा है यात्रा वृत्तांत और तख्त बनने लगा आकाश नाम से कविता संग्रह प्रकाशित। साथ में खिले हैं शब्द नाम से एक हाइकू संग्रह। महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी का मुंशी प्रेमचंद पुरस्कार।
Advertisement
Advertisement
Advertisement