मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 16 अक्टूबर को युवा कथाकार पंकज सुबीर के बहुचर्चित उपन्यास अकाल में उत्सव पर केंद्रित एक पुस्तक चर्चा का आयोजन किया गया है।
मैग्सायसाय पुरस्कार विजेता टी एम कृष्णा ने हाल ही में उठी पाकिस्तानी कलाकारों पर प्रतिबंध की मांगों की ओर इशारा करते हुए आज कहा कि देश में डर का माहौल है। कर्नाटक संगीत से जुड़े गायक कृष्णा ने उत्तराखंड के रामनगर में कुमायूं साहित्योत्सव (केएलएफ) में अपने व्याख्यान में यह बात कही।
आज के गांव संचार क्रांति से तो जुड़ गये हैं लेकिन संवेदनशीलता और भाईचारा वहां से खत्म हो रही है, जो उनकी विशिष्ट पहचान थी। यह चिंता कांस्टीटयूशन क्लब में रविवार की शाम जिंदगी पाउंडेशन द्वारा साहित्यायन ट्रस्ट के विशेष सहयोग से आयोजित वर्तमानमेंगांव विषयक संगोष्ठी में शामिल लगभग सभी वक्ताओं ने व्यक्त की। लेखक राजेश सक्षम को सुरेन्द्र तिवारी सम्मान से नवाजा गया। यह कार्यक्रम दिवंगत साहित्यकार सुरेंद्र तिवारी की याद में आयोजित किया गया।
दिल्ली के उपहार सिनेमा हादसे के 59 पीड़ितों में से दो के माता-पिता ने इस सदमे तथा न्याय के लिए अपनी लंबी लड़ाई पर एक किताब लिखी है। ट्रायल बाय फायर का प्रकाशन पेंगुइन रेंडम हाउस इंडिया ने किया है।
एसिड पीड़िताओं की पीड़ा वही समझ सकता है जो कम से कम एक बूंद एसिड अपने शरीर पर डाल कर उसका दर्द बर्दाश्त करे। यही लब्बोलुआब था दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में, प्रतिभा ज्योति की, तेजाब वार से घायल सघर्षशील महिलाओं का दर्द-ए-दास्तां हूबहू बयां करती पुस्तक ‘एसिड वाली लड़की ’ के लोकार्पण के प्रमुख वक्ताओं के वक्तव्य का।
इंडिया फाउंडेशन का धर्म और समाज अध्ययन केंद्र भोपाल में दो दिवसीय धर्म-धम्म कान्फ्रेंस करा रहा है। दो दिवसीय यह कान्फ्रेंस 19-20 अक्टूबर 2016 को होगी। चौथे अंतरराष्ट्रीय धर्म-धम्म कान्फ्रेंस में इस बार का विषय होगा, धर्म और राजतंत्र।
अमेरिकी डाक सेवा द्वारा दीवाली पर डाक टिकट जारी किया गया। भारतीय अमेरिकियों और प्रभावशाली अमेरिकी सांसदों के सात सालों के लगातार प्रयासों के बाद प्रकाश के इस त्योहार पर यह मुमकिन हो सका।
उर्दू भाषा में कहानियां बयान करने की विधा दास्तानगोई 20वीं सदी की शुरूआत की कई महान हस्तियों की जिंदगी के सफर को समेटे हुए है जिनमें गांधी के मोहनदास से महात्मा बनने की कहानी भी शामिल है।
पाकिस्तान के फिल्म उद्योग को चिंता है कि अगर भारत-पाकिस्तान संबंध और खराब होते हैं और देश में हिन्दी फिल्मों पर प्रतिबंध लगता है तो उसे 70 प्रतिशत तक नुकसान उठाना पड़ सकता है। फिल्म जगत के लोगों को डर है कि अगर स्थिति बेहतर नहीं होती है तो आखिरकार भारतीय फिल्मों पर प्रतिबंध लगाने की आवाज उठेगी।
कवि, कथाकार, कला समीक्षक, अनुवादक। यात्रा लेखक। इन सभी विधाओं में कई पुस्तकें प्रकाशित। सद्य प्रकाशति ग्लोब और गुद्ब्रबारे तथा स्मृतियां बहुतेरी। संगीत नाटक अकादेमी की पत्रिका संगना के संपादक।