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कला-संस्कृति

शहरनामा /ग्वालियर: गोली, गजक और तेल वाला शहर

“गोली, गजक और तेल वाला शहर” मीठी-तीखी गंध और बंदूक गजक की मीठी और सरसों तेल की तीखी महक महसूस होने...

खेला: धर्म-अर्थ-आतंक का वैश्विक दुष्चक्र

खेला: नीलाक्षी सिंह प्रकाशक: सेतु प्रकाशन, नोएडा कच्चा तेल ऐसा प्राकृतिक संसाधन है जिसके दम पर ही विकास...

एक 'दिव्यांग बच्चे' की लघुकथा

मैं एक दिव्यांग बालक हूँ और यह मेरी लघु कथा है। मेरी उम्र अभी 16 साल है लेकिन...

सिर्फ 'डिस्को किंग' ही नहीं थे बप्पी लहरी...

बप्पी लहरी (1952-2022), बंगाल से निकला एक विलक्षण कलाकर, जो 1980 के दशक में सबसे जाना-माना संगीत निर्देशक बना,...

यादें: एडवांस मैथ इश्क, रोटोमैक और 'सफर तो छोटा रहा तुम्हारे साथ पर तुम...'

राशियों के चरित्र में परिवर्तन होता रहता है। ग्रह भी अपने घर बदलते रहते हैं। आनंद के ग्रहों ने भी उस...

शहरनामा/चौकोड़ी: अतुलनीय पहाड़ी सौंदर्य

“चौकोड़ी की प्राकृतिक सुंदरता अत्यंत दर्शनीय है” अतुलनीय पहाड़ी सौंदर्य उत्तराखंड का चौकोड़ी शहर...

यादें: छीना जाना मासूमियत का, आर्किमिडीज की नाक और 'अच्छा सिला दिया तूने...'

उस रोज पंकज की हालत देखने लायक थी। उसकी हंफ़नी में हमें भींगा हुआ आर्किमिडीज़ निर्वस्त्र अवस्था में...

यादें: वह कहानी, जिसके अंत में शुरुआत थी- 'देखो तुम भी खत मेरा आते ही..."

ऐसा नहीं था कि इस तरह की यह पहली घटना थी पर अब तक किसी ने ऐसा नहीं किया था पर इस गाँव में ऐसा कुछ नहीं हुआ...

शहरनामा/इंदौर: खाने के शौकीनों का शहर

“खाने के शौकीनों का शहर” आन, बान, शान और पहचान इंदौर का वर्णन राजबाड़ा के उल्लेख के बिना अधूरा...

यादें: एक उड़नतश्तरी, 'हाथों में आ गया जो कल' और दोस्त की घर वापसी

वैसे वह दौर तो जादुई था। जब हवाओं में वायलिन बजाता कोई एक राज था और हवाओं में सूखे पत्ते, पीले फूल तैरते...

कथक सम्राट पंडित बिरजू महाराज का निधन, 83 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

भारत के साथ-साथ दुनियाभर में अपने कथक के लिए मशहूर पद्म विभूषण पंडित बिरजू महाराज का निधन हो गया। उनकी...

शहरनामा/लखनऊ: दुरुस्त शीन काफ और तहजीब वाला शहर

“दुरुस्त शीन काफ और तहजीब वाला शहर” शीन काफ से दुरुस्त आज भी मैं उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को शीन...

यादें: 'किताबें बहुत-सी पढ़ी' पर मिलना ज्ञान बरास्ते आर्केस्ट्रा वाला नाच

(डिस्क्लेमर : यह किस्सा नब्बे के दौर का एक जरूरी सच है। हम सबने सिनेमा और संगीत बदलते देखा, अन्य...

यादें: सिंसियर लड़का, ब्रूटस मामा और 'दिल तो पागल है' से 'इसे समझो ना रेशम' का सफर

मन का क्या है, किसी भी मौसम में मचल सकता है । दिल का क्या है बेवजह भी गुलाटियां भर सकता है। पंकज का मन...


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