विपक्ष के पास मुद्दे नहीं

शशिकांत
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य
नईम अंसारी

शशिकांत
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की गिनती राज्य के कद्दावर पिछड़े नेता के रूप में होती है। पार्टी के स्टार प्रचारक बन चुके मौर्य के सामने पिछले लोकसभा चुनाव का प्रदर्शन दोहराने की चुनौती है। प्रदेश में भाजपा की चुनावी रणनीति को लेकर आउटलुक के वरिष्ठ संवाददाता शशिकान्त ने उनसे बातचीत की। प्रमुख अंशः

उप-चुनाव के बाद गठबंधन की चुनौती सामने थी। लोकसभा चुनाव के लिए रणनीति में क्या बदलाव किए गए?

रणनीति में बदलाव नहीं हुआ है। उप-चुनाव में देश का प्रधानमंत्री नहीं चुनना था, लेकिन अब जनता को प्रधानमंत्री  चुनना है। मैं बताना चाहूंगा  कि जितना परिश्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह सरकार और संगठन के माध्यम से करते हैं, उतना परिश्रम कोई दल नहीं कर रहा है। आने वाले दिनों में परिश्रम करके ही लोग राजनीति में टिक पाएंगे। 

विपक्ष तो कह रहा था कि ये सरकार की नाकामियों की हार थी?

केंद्र से लेकर प्रदेश तक में इतना काम हुआ है कि गिनती करने में कई दिन लग जाएंगे। यह बात जनता महसूस कर रही है। कांग्रेस ने जितना काम 55 साल में नहीं किया, उससे ज्यादा काम 55 महीने में मोदी सरकार ने करके दिखा दिया। सपा-बसपा ने प्रदेश में जो काम पिछले 15 सालों में नहीं किया, उससे ज्यादा काम योगी सरकार ने दो सालों में कर दिया।

सपा-बसपा-रालोद गठबंधन के पास मजबूत जातिगत वोट बैंक है। आप इसका कैसे सामना करेंगे?

बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के पंच तीर्थों का विकास किया गया है। मोदी ने कुंभ मेले में सफाई कर्मियों के पैर धोकर उन्हें सम्मान देने का काम किया है। भाजपा सरकार में ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया गया और गरीब सवर्णों को भी 10 प्रतिशत का आरक्षण किसी वर्ग के आरक्षण में कटौती किए बगैर दिया गया। जाति की राजनीति करने वालों के दिन अब लद गए।

कांग्रेस में प्रियंका गांधी वाड्रा की एंट्री से क्या कोई फर्क नजर आ रहा है?

सपा-बसपा-कांग्रेस तीनों मिली हुई हैं। सपा-बसपा की बैसाखी के सहारे सरकार चलाने वाली पार्टी को जनता ने जवाब देकर 2014 में मोदी को जनादेश दिया था। इस बार अमेठी से स्मृति ईरानी का सांसद बनना और राहुल गांधी का विदा होना तय है। इसीलिए बहन को ले आए। लेकिन जनता सब समझती है, कोई फर्क नहीं पड़ने वाला।

विपक्ष का आरोप है कि भाजपा असली मुद्दों को छोड़कर राष्ट्रवाद को मुद्दा बना रही है?

भाजपा  ने विकास की राजनीति की है। पिछले पांच साल में केंद्र सरकार ने अनेक काम किए हैं। इसलिए विपक्ष के पास मुद्दा ही नहीं बचा। देश को एयरस्ट्राइक करने वाला प्रधानमंत्री चाहिए, न कि संसद में आंख मारने वाला। कांग्रेस कह रही है कि हम कश्मीर से सेना हटाएंगे, वह कभी भी 370 नहीं हटने देंगे। भाजपा अपने वादे पर अटल है।

भाजपा का नारा था, ‘बहुत हुआ भ्रष्टाचार, अबकी बार भाजपा सरकार’ क्या हुआ?

भ्रष्टाचार पर रोक नहीं लगाया गया होता तो विकास नहीं हो पाता। मोदी बड़े और कड़े निर्णय लेने में सक्षम हैं। वे ही भ्रष्टाचार, गरीबी, आतंकवाद से देश को मुक्त करा सकते हैं। जिन नेताओं के खिलाफ कभी कोई जांच नहीं हुई, कोई अधिकारी उनसे पूछने की हिम्मत नहीं कर पाता था, आज वे बेल पर हैं। मोदी के दोबारा पीएम बनने पर हो सकता है कि तिहाड़ जेल छोटी पड़ जाए, कोई नई जेल बनवानी पड़े।

पार्टी में टिकट बंटवारे पर लोगों में काफी रोष है। कई स्थानों पर धरना प्रदर्शन भी हुए?

इस चुनाव से देश पांच साल नहीं बल्कि 100 साल आगे जाएगा। यह चुनाव देश को दुनिया में नंबर एक बनाने के लिए है। पार्टी ने जिसे टिकट दिया है उसे जिताने के लिए सभी लोगों को लग जाना चाहिए।

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