The News Scroll 16 March 2017  Last Updated at 1:59 pm

भोजपुरी को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की राज्यसभा में उठी मांग

नयी दिल्ली, 16 मार्च :भाषा: राज्यसभा में आज एक सदस्य ने भोजपुरी को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग करते हुए कहा कि देश में 20 से 25 करोड़ लोग भोजपुरी बोलते हैं।

जदयू के अली अनवर अंसारी ने शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि भोजपुरी को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने के बारे में सरकार ने चार बार संसद में आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान नेता भोजपुरी में एक दो वाक्य बोल कर मतदाताओं को लुभाते हैं। लेकिन भोजपुरी को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग धरी ही रह जाती है।

इस पर उप सभापति पी जे कुरियन ने अंसारी से भोजपुरी में बोलने को कहा। इस पर मुस्कुराते हुए अंसारी ने अपनी आगे की बात भोजपुरी में रखी। उन्होंने कहा भोजपुरी एक मीठी भाषा है और इसकी मिठास चीनी की तरह नहीं बल्कि गुड़ की तरह है। करीब 20 से 25 करोड़ लोग भोजपुरी बोलते हैं। यह भाषा गंगा जमुनी संस्कृति का प्रतिनिधित्व करती है।

उन्होंने मांग की कि देश भर में बच्चों को प्राथमिक शिक्षा भी उनकी मातृभाषा में दी जानी चाहिए।

अंसारी ने कहा कि जदयू की दिल्ली इकाई ने गृह मंत्राी को एक पत्रा लिख कर भोजपुरी को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग की है। इस सूची में फिलहाल 22 भाषाएं हैं।

विभिन्न दलों के सदस्यों ने अंसारी के इस मुद्दे से स्वयं को संबद्ध किया।

भाषा मनीषा अविनाश

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