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दिल्ली चुनाव नतीजों पर संजय राउत का भाजपा पर निशाना, कहा- अपराजेय नहीं हैं मोदी और शाह

शिवसेना के नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने दिल्ली चुनाव नतीजों के बहाने शिवसेना पर निशाना साधा...
दिल्ली चुनाव नतीजों पर संजय राउत का भाजपा पर निशाना, कहा- अपराजेय नहीं हैं मोदी और शाह

शिवसेना के नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने दिल्ली चुनाव नतीजों के बहाने शिवसेना पर निशाना साधा है। उन्होंने कि कोई देश बिना धर्म के नहीं है, लेकिन धर्म का अर्थ देशभक्ति नहीं है। भगवान हनुमान का भक्त केजरीवाल दिल्ली में रामराज्य ले आया जबकि भाजपा ने तो भगवान राम को लगभग चुनाव मैदान में उतार ही दिया था। राउत ने शनिवार को कहा कि नतीजों से संकेत मिलता है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपराजेय नहीं हैं।

शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में राउत ने  भाजपा की 'धर्म केन्द्रित' राजनीतिक रणनीति की आलोचना करते हुए अरविंद केजरीवाल नीत दिल्ली सरकार के विकास कार्यों की तारीफ की है। इस चुनाव से सीख लेने की बात करते हुए उन्होंने कहा, 'दिल्ली की तस्वीर कुछ यूं थी, हनुमान भक्त केजरीवाल और दिल्ली की जनता बन गई थी राम। राम मजबूती से हनुमान के साथ खड़े रहे।'

'ताश के पत्तों की तरह ढह गई भाजपा'

शिवसेना सांसद ने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान अपराजेय लग रही भाजपा दिल्ली में 'ताश के पत्तों' की तरह ढह गई। राउत ने सवाल किया कि भाजपा नेताओं ने पहले कहा था कि जो भगवा पार्टी को वोट नहीं देगा वह देशद्रोही होगा, तो क्या पूरी दिल्ली पर यह मुहर लगने वाली है? उन्होंने कहा, 'दिल्ली के नतीजे बताते हैं कि अब मोदी-शाह अपराजेय नहीं रहे। इससे पता चलता है कि मतदाता बेईमान नहीं हैं। राजनीतिक लाभ के लिए धार्मिक तूफान उठाया गया लेकिन मतदाता उसमें नहीं बहे।

'फूट रहा है बुलबुला'

सांसद राउत ने  कहा कि लोगों को अब इस 'मिथक' से बाहर निकल आना चाहिए कि केवल मोदी और शाह ही चुनाव जीत सकते हैं। हाल के अंतरराष्ट्रीय यात्रा के अनुभव साझा करते हुए शिवसेना सांसद ने कहा कि ताशकंद हवाई अड्डे पर सालों से वहां रह रहे दो भारतीयों ने कहा कि भाजपा का बुलबुला अब फूट रहा है। यहां तक कि भगवान राम भी चुनाव जीतने में भाजपा की मदद नहीं कर रहे हैं। पीएम मोदी और केजरीवाल के बीच एक बात सामान्य है कि "दोनों आत्म-केंद्रित हैं", लेकिन मोदी ने "भारी अहंकार और दिखावा" है।

'केजरीवाल की योजनाओं का उड़ाया उपहास'

उन्होंने कहा कि केजरीवाल एक बार "पूरे देश को जीतना" चाहते थे, लेकिन लोकसभा चुनावों में हार का सामना करने के बाद, उन्होंने जल्द ही अपनी सीमाओं का एहसास किया और दिल्ली में अपनी पार्टी और अपना नेटवर्क बनाया। भाजपा ने केजरीवाल के मुफ्त बिजली और पानी की योजना का उपहास उड़ाया है। भाजपा की देशभक्ति की परिभाषा में पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध छेड़ना, धारा 370 को निरस्त करना, घुसपैठियों के खिलाफ मजबूत कदम और 'वंदे मातरम' और 'भारत माता की जय' के नारे लगाना शामिल हैं।"

'क्या नौकरी गंवाना देशभक्ति है'

केजरीवाल का जिक्र करते हुए राउत  ने कहा कि लेकिन, "देशभक्ति का बेहतर रूप" शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, जरूरतमंदों को बिजली, पानी और आश्रय प्रदान करना है। क्या आप (भाजपा) इसे देशभक्ति कहेंगी, जब दो करोड़ लोगों ने पिछले दो वर्षों में नौकरियां खो दीं?" उन्होंने कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले  भाजपा ने वादा किया था कि हर नागरिक के बैंक खाते में 15 लाख रुपये जमा किए जाएंगे, लेकिन 15 रुपये भी जमा नहीं किए गए। दिल्ली के चुनावों में भाजपा ने राम मंदिर, (धारा 370), जम्मू-कश्मीर, सर्जिकल स्ट्राइक और 'हिंदुत्व' जैसे मुद्दे उठाए जबकि केजरीवाल ने जरूरी सुविधाएं मुहैया कराने पर जोर दिया।

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