Advertisement

कश्मीर पर अल कायदा ने भारतीय सेना को दी धमकी, मुहाजिदीनों को धमाकों के लिए उकसाया

आतंकी संगठन अल कायदा के सरगना आयमन अल-जवाहिरी ने कश्मीर के मुद्दे पर भारतीय सेना को धमकी दी है। जवाहिरी...
कश्मीर पर अल कायदा ने भारतीय सेना को दी धमकी, मुहाजिदीनों को धमाकों के लिए उकसाया

आतंकी संगठन अल कायदा के सरगना आयमन अल-जवाहिरी ने कश्मीर के मुद्दे पर भारतीय सेना को धमकी दी है। जवाहिरी ने एक वीडियो जारी करके कश्मीर के मुहाजिदीनों से कहा है कि वे  जम्मू कश्मीर में भारतीय सेना और सरकार पर धमाके करें। अल कायदा के मीडिया विंग द्वारा जारी वीडियो की जानकारी एक जर्नल ने दी है।

वार जर्नल ने अल जवाहिरी के संदेश पर छापा लेख

फाउंडेशन फॉर डिफेंस ऑफ डेमोक्रेसीज (एफडीडी) के लांग वार जर्नल के अनुसार अलकायदा ने कश्मीर को मत भूलो शीर्षक से जारी संदेश में यह भी जानकारी दी है कि कश्मीर में हो रही आतंकी घटनाओं में पाकिस्तान की भूमिका है। जर्नल में थॉमस जोसलिन ने अपने लेख में कहा है कि अलकायदा कश्मीर में भारतीय सेनाओं से संघर्ष कररने के लिए एक ग्रुप तैयार कर रहा है। जवाहिरी ने कहा कि कश्मीर में मुहाजिदीनों को भारतीय सेना और सरकार के खिलाफ ज्यादा से ज्यादा धमाके करने पर ध्यान दे चाहिए। जिससे भारत और उसकी अर्थव्यवस्था को ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाया जा सके।

जाकिर मूसा का फोटो का दिखा वीडियो में

अलकायदा प्रमुख ने अपने संदेश में मारे गए आतंकी जाकिर मूसा का कोई उल्लेख नहीं किया है लेकिन जब उसने कश्मीर का उल्लेख किया, उस समय वीडियो में अंसार गुजवत उल हिंद (एजीएच) के इस संस्थापक आंतकी का फोटो दिखाई दिया।

पाकिस्तान को अमेरिका का चापलूस बताया

जोसलिन का अनुमान है कि जवाहिरी और अलकायदा का कश्मीर सेल एजीएच अपने संदेशों में समन्वय बनाकर चल रहे हैं। उन्होंने जवाहिरी और मूसा के उत्तराधिकारी आतंकी अब्दुल हमीद लेलहारी के हाल में जारी संदेशों में समानताओं पर ध्यान दिलाया है। मूसा और लेलहारी दोनों ने कश्मीरी जिहादियों को ट्रेनिंग दिए जाने में पाकिस्तान का हाथ माना था। उन्होंने चेताया था कि पाकिस्तान भरोसेमंद नहीं है। जवाहिरी ने अपने संदेश में पाकिस्तानी सना और सरकार को अमेरिका का चापलूस बताया है।

पाक ने कश्मीरी मुहाजिदीनों को ट्रेनिंग दी 

अलकायदा के प्रमुख ने दावा किया कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान से रूस द्वारा अरब मुहाजिदीनों को खदेड़े जाने के बाद उन्हें कश्मीर में जाने से रोक दिया था। जर्नल के लेखक ने कहा कि अमेरिका को पता चला था कि अफगानिस्तान स्थित अलकायदा के एक कैंप में पाकिस्तान की मिलिट्री इंटेलीजेंस का एक जासूस मौजूद है। यह जासूस अगस्त 1998 में अमेरिकी दूतावास में बमबारी के हुए जवाबी कार्रवाई में फंस गया था। पाकिस्तान द्वारा इस कैंप में कश्मीरी जिहादियों को ट्रेनिंग दी जा रही है।

पाक पर दोहरा चाल चलने का आरोप

जोसमिल ने कहा कि अमेरिका में 9/11 आंतकी हमले के बाद पाकिस्तान दोहरी चाल चलने लगा था। एक ओर, वह 2001 के आतंकी हमले के बाद अलकायदा के खिलाफ आतंक विरोधी अभियान चलाने लगा, वहीं दूसरी ओर उसने तालिबान के टॉप कमांडरों और अलकायदा के सहयोगी हक्कानी नेटवर्क को शरण दी।

अब आप हिंदी आउटलुक अपने मोबाइल पर भी पढ़ सकते हैं। डाउनलोड करें आउटलुक हिंदी एप गूगल प्ले स्टोर या एपल स्टोर से
Advertisement
Advertisement
Advertisement
  Close Ad