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यूपीः मिलावट कर अवैध ब्लड बैंक चलाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 5 गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने खून में मिलावट कर दुगना करके बेचने वाले गिरोह का...
यूपीः मिलावट कर अवैध ब्लड बैंक चलाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 5 गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने खून में मिलावट कर दुगना करके बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है तथा गिरोह के पांच सदस्यों को गिराफ्तर किया है। ये लोग अवैध तरीके से खून निकाल कर उसको सेलाइन वाटर की मिलावट से दुगना कर बेचते थे। इनके पास से असुरक्षित ब्लड और कूटरचित दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं।

एसटीएफ की टीम ने फूड सेफ्टी ऐंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन के असिस्टेन्ट कमिश्नर (ड्रग्स) लखनऊ डिवीजन पी के मोदी की मंडल स्तरीय टीम के साथ बीएनके ब्लड बैंक एवं मेडिसिन ब्लड बैंक पर जांच-पड़ताल की। इसमें पता चला कि थाना मड़ियांव क्षेत्र में रात में अवैध ब्लड बैंक का काम किया जाता है। सूचना पर आगे बढ़ते हुए एसटीएफ की टीम ने फूड सेफ्टी ऐंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन की टीम के साथ मुखबिर की सूचना पर लखनऊ में ए-1 रुकमनी पुरम, फैजुल्लागंज स्थित मकान पर छापा मारा तो पांचों आरोपी अवैध ब्लड बैंक का कारोबार करने के विभिन्न उपकरण्‍ा  और फर्जी कागजात के साथ मिले। इन आरोपियों राशिद अली, राघवेन्द्र प्रताप सिंह, नसीम, पंकज कुमार त्रिपाठी और हनी निगम को गिरफ्तार कर ‌लिया गया है।

पूछताछ पर पता चला कि मक्कागंज, सीतापुर रोड पर भी अवैध ब्लड बैंक चलाते हैं। यहां पर छापा मारने पर बड़ी मात्रा में अवैध सामान बरामद किया गया। आरोपियों ने बताया कि पुलिस और लोगों को झांसा देने के लिए पहचान बदल-बदलकर अवैध ब्लड बैंक चलाते थे।

लालच देकर निकाला जाता था ब्लड

मुख्य आरोपी नसीम ने बताया कि मैं अपने घर पर ही प्रोफेशनल ब्लड डोनर, जिनमें नशा करने वाले लोग शामिल हैं उन्हें कुछ पैसों का लालच देकर ब्लड खुद ही निकाल लेता था और नॉरमल सलाइन वॉटर मिलाकर एक यूनिट ब्लड से दो यूनिट ब्लड बना लेता था। इस ब्लड को प्रति यूनिट दो हजार से तीन हजार में बेच देता था। इस पर अन्य ब्लड बैंक का फर्जी लेबल लगा देता था और न ही किसी तरह का संवेदनशील टेस्ट करता था। 

हर एक के जिम्मे था तय काम

राशिद अली उर्फ आतिफ ने कहा कि वह अवैध ब्लड डोनर का लाना और मिलावटी रक्त बेचने का काम करता था तो राघवेन्द्र प्रताप सिंह जो बीएनके ब्लड बैंक का लैब टेक्निशियन है, ब्लड की अवैध सप्लाई करता था। पंकज कुमार त्रिपाठी बीएनके ब्लड बैंक में लैब अटेन्डेन्ट है, जो ब्लड बैंक में प्रोफेशनल डोनर से ब्लड निकाल कर नसीम को सप्लाई करता था और हनी निगम उर्फ रजनीश निगम ब्लड बैंक के जाली स्टीकर एवं अन्य पेपर प्रिन्ट कराकर तैयार करता था। साथ ही ब्लड निकालना एवं ब्लड डोनर का इंतजाम करता था।

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