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पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश को छोड़ पूरे देश में विमान सेवा शुरू, जानें अलग-अलग राज्यों के नियम

देश में लॉकडाउन के बीच अब आज से घरेलू विमान सेवा भी शुरू हो गई है। लगभग दो महीने तक उड़ानें निलंबित रहने...
पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश को छोड़ पूरे देश में विमान सेवा शुरू, जानें अलग-अलग राज्यों के नियम

देश में लॉकडाउन के बीच अब आज से घरेलू विमान सेवा भी शुरू हो गई है। लगभग दो महीने तक उड़ानें निलंबित रहने के बाद घरेलू विमानों का संचालन देशभर में आज से बहाल हो गया है। दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 4 बजकर 45 मिनट पर पुणे के लिए सबसे पहली फ्लाइट रवाना हुई। ये फ्लाइट इंडिगो की थी। आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल को छोड़कर पूरे देश में देर रात से यात्री एयरपोर्ट यात्रियों को आना शुरू हो गया था।  नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यात्रियों और एयरलाइंस के लिए कुछ गाइडलाइंस जारी की हैं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो पाए। हालांकि महाराष्‍ट्र, पश्चिम बंगाल, आंध्र और तमिलनाडु ने केंद्र सरकार के घरेलू विमान सेवा शुरू करने के फैसले पर आपत्ति जताई है।

कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, बिहार, पंजाब, असम, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गोवा और जम्मू-कश्मीर उन कुछ राज्यों में से हैं, जिन्होंने उनके राज्य के हवाई अड्डों पर उतरने वाले यात्रियों के लिए अलग-अलग क्वारेनटाइन के नियम तय किए हैं। कुछ राज्यों ने जहां यात्रियों को अनिवार्य संस्थागत क्वारेनटाइन केन्द्रों में रखने का फैसला लिया है, वहीं कई अन्य ने उन्हें घर और क्वारेनटाइन केन्द्रों में रखने की बात कही है।

आंध्र में 26 और बंगाल में 28 मई से होगी शुरुआत

नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ट्वीट कर बताया था, 'देश में नागरिक उड्डयन कार्यों की सिफारिश करने के लिए विभिन्न राज्यों के साथ बातचीत का एक लंबा दिन रहा। आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल को छोड़कर सोमवार से पूरे देश में घरेलू उड़ानों की शुरुआत होगी।' हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि सोमवार से मुंबई और राज्य के अन्य हवाई अड्डों से अनुमोदित और अनुसूची के अनुसार मुंबई से सीमित उड़ानें होंगी। वहीं आंध्र प्रदेश में 26 मई और पश्चिम बंगाल में 28 मई से घरेलू उड़ानों की शुरुआत की जाएगी।

सभी राज्यों ने यात्रियों के लिए जारी कीं गाइंडलाइंस
घरेलू उड़ान सेवाएं शुरू होने से पहले सभी राज्यों ने यात्रियों के लिए सख्त स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तय किया है। सभी यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग होगी। उन्हें 14 दिन के लिए होम क्वारेनटाइन में जाना होगा।

तमिलनाडु में 14 दिन का क्वारेनटाइन

तमिलनाडु ने जो नियम बनाए हैं उनके अनुसार राज्य में आने वाले सभी यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग कराई जाएगी। सभी को सामाजिक दूरी का पालन करना होगा इसके लिए एयरपोर्ट पर इंतजाम भी किए गए हैं। यात्रियों के सामान को डिसइंफेक्ट किया जाएगा। एयरपोर्ट पर सभी अधिकारी पीपीई किट में रहेंगे। इसके अलावा सबसे महत्वपूर्ण बात है कि राज्य में आने वाले सभी व्यक्ति को 14 दिनों के लिए क्वारेनटाइन में रहना होगा।  साथ ही तमिलनाडु आ रहे यात्रियों को पहले सरकारी पोर्टल पर खुद को पास के लिए रजिस्टर करवाना होगा। वही पास उन्हें एयरपोर्ट पर दिखाना होगा तभी वे एयरपोर्ट से बाहर जा सकेंगे. पास के लिए अप्लाई करते समय यात्री को अपने स्वास्थ्य का ब्यौरा भी देना होगा और बताना होगा कि वह किसी कंटेनमेंट जोन से नहीं आ रहा है।

पश्चिम बंगाल की गाइडलाइंस

पश्चिम बंगाल में 28 मई से हवाई सेवा शुरू हो रही है। यहां ममता सरकार की तरफ से जो गाइडलाइंस जारी की गई हैं। उनमें कहा गया है कि एयरपोर्ट पर यात्रियों को अपना चेहरा ढंक कर रखना होगा। इसके अलावा हैंड हाइजीन और सोशल डिस्टेंसिंग जैसे नियमों का पालन भी करना होगा। सभी यात्रियों की हेल्थ स्क्रीनिंग की जाएगी उसके बाद ही उन्हें बोर्डिंग की अनुमति दी जाएगी। एयरपोर्ट पर आने वाले यात्रियों की भी स्क्रीनिंग की जाएगी। एयरपोर्ट पर लोगों को सलाह दी जाएगी कि वे 14 दिनों तक अपने सेहत को मॉनिटर करते रहें और अगर कोई लक्षण दिखाई दे तो तुरंत स्थानीय मेडिकल ऑफिसर या राज्य के कॉल सेंटर पर सूचना दें। जिन यात्रियों में कोरोना के लक्षण नजर आएंगे उनका टेस्ट किया जाएगा। सभी यात्रियों को अपने स्वास्थ्य से जुड़ा एक घोषणापत्र भी देना होगा। एयरपोर्ट का सैनिटाइजेशन लगातार किया जाएगा और जगह-जगह सैनिटाइजर रखे जाएंगे।

दिल्ली में भी क्वारेनटाइन अनिवार्य नहीं

दिल्ली सरकार ने भी अपनी गाइडलाइंस जारी की हैं। जिसमें कहा गया है कि यात्रियों का क्वारेनटाइन अनिवार्य नहीं होगा। बिना लक्षण वाले यात्रियों को सलाह दी जाएगी कि वह अगले 14 दिन तक अपने स्वास्थ्य को मॉनिटर करें। अगर उनमें कोई लक्षण आता है तो वह तुरंत डिस्ट्रिक्ट सर्विलांस ऑफिसर को सूचना दें। जिन यात्रियों में कोरोना के लक्षण पाए जाएंगे उनको पास के अस्पताल में तुरंत ले जाया जाएगा और देखा जाएगा कि उनकी असल स्थिति क्या है। अगर पॉजिटिव पाए गए तो प्रोटोकॉल के हिसाब से इलाज होगा और यदि निगेटिव पाए गए तो उन्हें घर जाने की इजाजत होगी लेकिन अगले 7 दिन आइसोलेशन में ही रहना होगा।

केरल में भी यात्रियों को होना पड़ेगा क्वारेनटाइन

हवाई सेवा को लेकर केरल ने भी गाइडलाइन जारी की है जिसके तहत, यात्रियों को covid19jagratha.kerala.nic.in पर रजिस्टर करना होगा। केरल पहुंचे यात्रियों को 14 दिनों तक क्वारेनटाइन रहना होगा। इसके अलावा तिरुवनंतपुरम से दूसरे जिलों तक जाने के लिए केरल परिवहन विभाग की बसें चलेंगी।

कर्नाटक में ये है नियम

कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्रालय ने साफ कहा है कि यदि कोई यात्री बुरी तरह कोविड-19 प्रभावित राज्य से यात्रा कर रहा है तो उसे सात दिन के लिए अनिवार्य तौर पर प्रशासनिक निगरानी में रखा जाएगा। बाद में उसका कोविड-19 परीक्षण नकारात्मक आने पर उसे बाकी सात दिन घर पर पृथक रहना होगा.

हिमाचल प्रदेश में रेड जॉन से आने वालों को होना पड़ेगा क्वारेनटाइन

हिमाचल प्रदेश सरकार ने रेड जोन से आने वाले लोगों को संस्थागत क्वारेनटाइन में रखने का फैसला किया है। कांगड़ा के उपायुक्त राकेश प्रजापति ने कहा कि रेड जोन से आने वाले लोगों और इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी के लक्षण वाले यात्रियों को अनिवार्य रूप से पृथक-वास में रखना होगा। यही नियम हवाई यात्रियों पर भी लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिले में हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के होटलों में भुगतान करने पर पृथक-वास की सुविधाएं उपलब्ध हैं।

उत्‍तर प्रदेश की गाइडलाइन

उत्तर प्रदेश सरकार ने तय किया है कि उत्तर प्रदेश आने वाले लोग अगर इसी राज्य के रहने वाले हैं, तो उन्हें 14 दिन के लिए होम क्वारेनटाइन में रहना होगा। मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी की ओर से रविवार को जारी प्रोटोकाल के मुताबिक सभी यात्रियों को सलाह दी जाएगी कि वे हर समय भौतिक दूरी, साबुन से हाथ धोने के उपायों का कड़ाई से पालन करें तथा मास्क या फेस कवर अवश्य पहनें। उन्हें किसी भी परिस्थिति में समूह में इकट्ठा होने की अनुमति नहीं होगी। प्रमुख सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि जो यात्री उत्तर प्रदेश छोड़ने की योजना नहीं बना रहे हैं, उन्हें 14 दिन की अवधि के लिए घर में पृथक-वास में रहना होगा। इन यात्रियों को होम क्वारेनटाइन के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करना होगा. प्रसाद ने बताया कि आगमन के छठे दिन आगंतुक के द्वारा अपना परीक्षण कराया जा सकेगा तथा नेगेटिव आने पर गृह-पृथक-वास समाप्त कर दिया जाएगा। यदि किसी व्यक्ति के पास अपने घर में पृथक-वास की पर्याप्त व्यवस्था नहीं हो तो उसे पृथक-वास में रखा जाएगा।

छत्‍तीसगढ़ में  क्वारेनटाइन अनिवार्य

छत्तीसगढ़ सरकार ने घरेलू उड़ानों और सामान्य ट्रेनों से छत्तीसगढ़ आ रहे यात्रियों का पृथक-वास में रहना अनिवार्य करने का फैसला किया है। राज्य प्रशासन ने यात्रियों को नियमों का पालन करने का निर्देश जारी किया है। राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने रविवार को यहां बताया कि राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग ने निर्देश जारी कर कहा है कि अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ लौटने के इच्छुक लोगों को संबंधित राज्य से प्रस्थान के पूर्व स्वयं को छत्तीसगढ़ के पोर्टल पर पंजीकृत करना होगा। जिलाधिकारी इस सूचना के आधार पर संबंधित ग्राम पंचायत या शहरी वार्ड के मुख्य अधिकारी को सूचित करते हुए घर में पृथक-वास, शासकीय पृथक-वास या पैसा देकर पृथक-वास में रहने संबंधी प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित कराएंगे।

पंजाब में भी क्वारेनटाइन अनिवार्य

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने शनिवार को कहा कि पंजाब आ रहे सभी लोगों को 14 दिनों तक घर पर अनिवार्य रूप से पृथक-वास में रहना होगा चाहे वे घरेलू उड़ानों से आएं, ट्रेन से या फिर बसों से। मुख्यमंत्री ने अपने लाइव फेसबुक कार्यक्रम ‘आस्क कैप्टन’ में कहा, “राज्य में प्रवेश करने वाले सभी लोगों की जांच राज्य और जिले के सभी प्रवेश बिंदुओं पर किए जाने के साथ ही रेलवे स्टेशनों और हवाईअड्डों पर भी की जाएगी। जिन लोगों में लक्षण नजर आएंगे उन्हें संस्थागत पृथक-वास में भेज दिया जाएगा जबकि अन्य को अनिवार्य रूप से दो हफ्तों तक अपने घर पर पृथक-वास में रहना होगा।”


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