Home एग्रीकल्चर मौसम अब बंगाल की खाड़ी में उठे बुलबुल नामक चक्रवाती तूफान का खतरा, महा हुआ कमजोर
अब बंगाल की खाड़ी में उठे बुलबुल नामक चक्रवाती तूफान का खतरा, महा हुआ कमजोर
अब बंगाल की खाड़ी में उठे बुलबुल नामक चक्रवाती तूफान का खतरा, महा हुआ कमजोर

अब बंगाल की खाड़ी में उठे बुलबुल नामक चक्रवाती तूफान का खतरा, महा हुआ कमजोर

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार चक्रवाती तूफान महा गुजरात में टकराने से पहले ही कमजोर पड़ गया है लेकिन दूसरी तरफ बंगाल की खाड़ी में बुलबुल नामक चक्रवाती तूफान उठ रहा है। इसके 9 नवंबर के बाद उड़ीसा और पश्चिम बंगाल में टकराने की संभावना जताई जा रही है।

आईएमडी के अनुसार महा चक्रवाती तूफान के गुरुवार सुबह गुजरात के पोरबंदर तट पर टकराने का अनुमान लगाया गया था, लेकिन बुधवार को अरब सागर में बने विक्षोभ के कारण महा चक्रवात कमजोर पड़ गया था फिर भी मौसम विभाग ने गुजरात, महाराष्ट्र के कई जिलों में तेज हवाएं चलने और बारिश होने का अनुमान लगाया है। अरब सागर में उठा महा तूफान कमजोर होकर मात्र तीव्र दबाव के क्षेत्र (डीप डिप्रेशन) में बदल गया है। मौसम विभाग के अनुसार आज शाम तक यह और कमजोर होकर मात्र डिप्रेशन यानि सामान्य दबाव के क्षेत्र में बदल जायेगा।

बंगाल की खाड़ी में बुलबुल चक्रवात उठ रहा है। मौसम विभाग ने उड़ीसा में बुलबुल चक्रवाती तूफान का अलर्ट जारी किया है। इस चक्रवात के 9 नवंबर को उड़ीसा और पश्चिम बंगाल के तटों से टकराने की संभावना जताई जा रही है। चक्रवात बुलबुल 6 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से उत्तर-पश्चिम दिशा की तरफ बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विभाग ने चक्रवात बुलबुल किस जगह पर लैंडफाल करेगा, यह अभी स्पष्ट नहीं किया है। इस चक्रवात का प्रभाव ओडिशा में कितना पड़ेगा, यह भी अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। माना जा रहा है कि चक्रवात पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश की तरफ बढ़ सकता है। बावजूद इसके सतर्कता के तौर पर राज्य सरकार एवं प्रशासन की तरफ से हर एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। 

बुलबुल चक्रवात से उत्तर ओडिशा के जिलों में बारिश का अनुमान

आईएमडी के अनुसार बुलबुल चक्रवात से उत्तर ओडिशा के जिलों में 6 सेंटीमीटर तक बारिश होने की संभावना है। आठ नवंबर से तटीय इलाकों में प्रति घंटा 50 से 60 किमी या इससे अधिक रफ्तार से हवा चलने की संभावना जताई गई है। साथ ही उसी दिन से तटीय जिलों में बारिश शुरू हो जाएगी जो अगले दिन तक जारी रहने की संभावना है। सतर्कता के तौर पर मछुआरों को समुद्र में न जाने की हिदायत दी गई है, जो मछुआरे समुद्र में है उन्हें वापस आ जाने के लिए कहा गया है।

चक्रवात महा हुआ कमजोर, शक्रवार तक मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह

आईएमडी के अनुसार महा चक्रवात पोरबंदर से 250 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम, वेरावल से 250 किलोमीटर पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम और दीव से 290 किलोमीटर पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम की ओर है। विक्षोभ के कारण यह और कमजोर होगा। हालांकि तटीय इलाकों में मछुआरों को शुक्रवार तक अरब सागर में नहीं उतरने की सलाह दी गई है। महा चक्रवात को देखते हुए महाराष्ट्र के पालघर, ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदूर्ग, नासिक, पुणे, कोल्हापुर, सातारा, सांगली जिलों को येलो वॉच में रखा गया है। इन इलाकों में तेज बारिश हो सकती है। महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना भी जताई जा रही है।

देश के कई राज्यों में बारिश होने का अनुमान

मौसम की जानकारी देने वाली निजी एजेंसी स्काईमेट के अनुसार बंगाल की खाड़ी में उठा तूफान बुलबुल ओड़ीशा और पश्चिम बंगाल की ओर बढ़ रहा है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अगले 24 घंटों में तेज बारिश और बर्फबारी होने की संभावना। सात और आठ नवंबर के बीच पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली में बारिश कभी भी हो सकती है साथ ही गुजरात और पश्चिमी राजस्थान में भी बारिश होने का अनुमान है। गुजरात के कुछ इलाकों पोरबंदर, सोमनाथ, सूरत, अमरेली वलसाड और वेरावल में तेज बारिश देखने को मिल सकती है जबकि राजकोट, अहमदाबाद और वडोदरा में हल्की बारिश देखने को मिलेगी।