Home एग्रीकल्चर मौसम मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा को पार कर पश्चिम बंगाल पहुंचा मानसून, मध्य प्रदेश में जल्द देगा दस्तक
मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा को पार कर पश्चिम बंगाल पहुंचा मानसून, मध्य प्रदेश में जल्द देगा दस्तक
मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा को पार कर पश्चिम बंगाल पहुंचा मानसून, मध्य प्रदेश में जल्द देगा दस्तक

मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा को पार कर पश्चिम बंगाल पहुंचा मानसून, मध्य प्रदेश में जल्द देगा दस्तक

दक्षिण पश्चिम मानसून मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा में आगे बढ़ा है। तेलंगाना के सभी हिस्सों को मानसून ने कवर कर लिया है। विदर्भ में भी मानसून पहुँच गया है और छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों में प्रगति करते हुए ओडिशा के अधिकांश हिस्सों को पार कर पश्चिम बंगाल में दस्तक दे दी है। जल्द ही मध्य प्रदेश में भी मानसून पहुंचने के आसार हैं।

मौसम की जानकारी देने वाली निजी एजेंसी स्काईमेट के अनुसार वर्ष 2020 में मानसून यह तेज गति से आगे बढ़ रहा है। 12 जून को भी मानसून ने अच्छी प्रगति की और यह मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा में आगे बढ़ा है। कोलकाता में भी मानसून का आगमन हो चुका है। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश में भी मानसून ने प्रगति की है। सिक्किम के सभी भागों में मानसून की फुहारें शुरू हो गई हैं।

जैसे-जैसे मानसून आगे बढ़ेगा, खरीफ फसलों की बुआई में भी तेजी आयेगी

इससे पहले 11 जून को भी दक्षिण-पश्चिम मानसून में अच्छी प्रगति देखने को मिली थी और यह महाराष्ट्र में प्रवेश कर गया था। साथ ही इसी दिन दक्षिणी छत्तीसगढ़ और दक्षिणी ओडिशा में भी मॉनसून ने दस्तक दी और पूर्वोत्तर भारत में भी काफी आगे बढ़ गया था। जैसे-जैसे मानसून आगे बढ़ेगा, खरीफ फसलों की बुआई में भी तेजी आयेगी। महाराष्ट्र के मराठवाडा, विदर्भ, मध्य महाराष्ट्र क्षेत्र के साथ छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल में मानसूनी बारिश शुरू होने से फसलों की बुआई बढ़ेगी।

मध्य प्रदेश, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश के किसानों को मानसून का इंतजार

मानसून का इंतज़ार अब होगा मध्य प्रदेश, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश में तथा जिस तरह से अब तक दक्षिण-पश्चिम मानसून 2020 की रफ्तार रही है उससे हम उम्मीद कर रहे हैं कि इन भागों में भी जल्द ही मानसून का आगमन होगा। मानसून अगर सामान्य गति से आगे बढ़ता है और उसका प्रदर्शन सामान्य रहता है तो धान समेत अन्य खरीफ फसलों की बुआई के अच्छा रहेगा। वर्तमान मौसमी परिदृश्य संकेत कर रहा है कि अगले 24 से 48 घंटों में मानसून महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के बाकी हिस्सों में भी पहुँच जाएगा। ओडिशा में प्रगति होगी और बिहार तथा झारखंड के पूर्वी क्षेत्रों में भी मानसून का आगमन हो जाएगा।

देश के मध्य और पूर्वी भागों में 10 से 15 जून के बीच पहुंचता है मानसून

मानसून के लिए 10 से 15 जून का समय काफी अहम होता है क्योंकि इस दौरान मानसून देश के मध्य और पूर्वी भागों में पहुंचता है। मुंबई और कोलकाता में 11 जून को ही मानसून के आगमन की सामान्य तारीख है। कोलकाता में आज मानसून ने दस्तक दे दी अब मुंबई को इंतजार है। अनुमान है कि रांची, भागलपुर और दरभंगा में सामान्य समय पर आ जाएगा। बिहार को पार करने के बाद 15 जून के बाद मानसून का इंतजार पूर्वी उत्तर प्रदेश में शुरू होगा, जहां प्रयागराज, वाराणसी, बलिया, गोरखपुर, आजमगढ़, बहराइच, बस्ती और आसपास के क्षेत्रों में मानसून कभी भी दस्तक दे सकता है। इसी दौरान मध्य प्रदेश के भी दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में मानसून के आगमन का अनुमान है।

गहरे निम्न दबाव का क्षेत्र बंगाल की खाड़ी से आगे बढ़ गया है

गहरे निम्न दबाव का क्षेत्र बंगाल की खाड़ी से आगे बढ़ते हुए उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश और इससे सटे ओडिशा पर पहुँच गया है। गुजरात के पूर्वी भागों पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। दक्षिणी छत्तीसगढ़ और इससे सटे हिस्सों पर भी हवाओं में एक चक्रवाती क्षेत्र दिखाई दे रहा है। एक अन्य चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र उत्तरी राजस्थान पर भी बना हुआ है। इस सिस्टम से ओडिशा के पास बने निम्न दबाव के क्षेत्र तक एक ट्रफ बना हुआ है।

आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, दक्षिणी छत्तीसगढ़, विदर्भ, मराठवाड़ा में अगले 24 घंटों में तेज बारिश का अनुमान

अगले 24 घंटों के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, दक्षिणी छत्तीसगढ़, विदर्भ, मराठवाड़ा, तटीय कर्नाटक, दक्षिण कोंकण व गोवा और गंगीय पश्चिम बंगाल में कई जगहों पर बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर मूसलाधार वर्षा भी हो सकती है। केरल, आंतरिक महाराष्ट्र, तटीय ओडिशा, आंतरिक कर्नाटक और पूर्वोत्तर भारत में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज़ वर्षा की संभावना है। गुजरात क्षेत्र, दक्षि-पूर्वी मध्य प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार, झारखंड, उत्तरी छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। पूर्वी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश या धूल भरी आंधी चलने की संभावना है।

कर्नाटक, छत्तीसगढ़ और रायलसीमा के कुछ इलाकों में भारी बारिश दर्ज की गई

बीते 24 घंटों के दौरान तटीय कर्नाटक, छत्तीसगढ़ और रायलसीमा के कुछ इलाकों में भीषण बारिश दर्ज की गई। केरल, दक्षिणी कोंकण व गोवा, मराठवाड़ा, तेलंगाना, पूर्वी और दक्षिणी मध्य प्रदेश, तटीय आंध्र प्रदेश, गंगीय पश्चिम बंगाल, नागालैंड और अंडमान व निकोबार द्वीपसमूह के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, दक्षिणी गुजरात में हल्की से मध्यम बारिश हुई। पश्चिमी मध्य प्रदेश, ओडिशा और झारखंड में भी एक-दो स्थानों पर बारिश शुरू हो गई। पूर्वोत्तर भारत, बिहार के पूर्वी भागों, जम्मू-कश्मीर, मुज़फ़्फ़राबाद और गिलगित-बाल्टिस्तान में हल्की बारिश के साथ कहीं-कहीं पर मध्यम बौछारें दर्ज की गईं। उत्तर-पूर्वी राजस्थान और हरियाणा के कुछ हिस्सों में धूल भरी आंधी के साथ हल्की बारिश की गतिविधियां देखने को मिलीं।