Home एग्रीकल्चर मौसम पूर्वोत्तर भारत के साथ दक्षिण के कई राज्यों में तेज बारिश का अनुमान, उत्तर में हल्की वर्षा की उम्मीद
पूर्वोत्तर भारत के साथ दक्षिण के कई राज्यों में तेज बारिश का अनुमान, उत्तर में हल्की वर्षा की उम्मीद
पूर्वोत्तर भारत के साथ दक्षिण के कई राज्यों में तेज बारिश का अनुमान, उत्तर में हल्की वर्षा की उम्मीद

पूर्वोत्तर भारत के साथ दक्षिण के कई राज्यों में तेज बारिश का अनुमान, उत्तर में हल्की वर्षा की उम्मीद

अगले 24 घंटों के दौरान पूर्वोत्तर भारत, अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, केरल और दक्षिणी तमिलनाडु में हल्की से मध्यम तथा कुछ जगहों पर तेज बारिश जारी रहने की उम्मीद है जबकि उत्तर भारत के कई राज्यों पंजाब, राजस्थान आदि में हल्की बारिश होने का अनुमान है।

मौसम की जानकारी देने वाली निजी एजेंसी स्काईमेट के अनुसार चक्रवाती तूफान निसर्ग कमजोर होकर निम्न दबाव के क्षेत्र के रूप में बिहार और इससे सटे पूर्वी उत्तर प्रदेश पर बना हुआ है। हिमाचल प्रदेश और इससे सटे भागों पर पश्चिमी विक्षोभ दिखाई दे रहा है। राजस्थान के पश्चिमी हिस्सों पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। बंगाल की खाड़ी के मध्य पूर्वी हिस्सों पर एक निम्न दबाव का क्षेत्र अगले 48 घंटों में विकसित हो सकता है।

अगले 24 घंटों के दौरान पूर्वोत्तर भारत, अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, केरल और दक्षिणी तमिलनाडु में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की उम्मीद है। कुछ स्थानों पर भारी वर्षा का भी अनुमान है। पश्चिमी हिमालय, पंजाब, कोंकण और गोवा, गुजरात क्षेत्र, दक्षिण-पश्चिमी मध्य प्रदेश और दक्षिणी राजस्थान में कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इन भागों में एक-दो स्थानों पर तेज बौछारें गिर सकती हैं। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, आंतरिक महाराष्ट्र, उत्तर राजस्थान, हरियाणा के कुछ हिस्सों और पश्चिम उत्तर प्रदेश के कुछ भागों में गर्जना के साथ हल्की वर्षा हो सकती है।

बीते 24 घंटों के दौरान कई राज्यों में हुई भारी बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान केरल, कोंकण और गोवा, हिमाचल प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में मूसलाधार बारिश हुई। बीते 24 घंटों के दौरान देश में सबसे अधिक बारिश मेघालय के चेरापुंजी में रिकॉर्ड की गई। बारिश का आंकड़ा 110 मिमी रहा। तटीय कर्नाटक, गुजरात के पूर्वी क्षेत्रों, विदर्भ, दक्षिणी राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, जम्मू-कश्मीर, मुजफ्फराबाद, गिलगित-बाल्टिस्तान और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों, दिल्ली-एनसीआर और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिली। हरियाणा, पंजाब, छत्तीसगढ़, गंगीय पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश में एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश हुई।

पिछले 24 घंटों में मॉनसून का पूर्वी हिस्सा बढ़ा आगे

अब संकेत मिल रहा है कि जल्द ही एक प्रभावी मौसमी सिस्टम बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहा है। इस सिस्टम के चलते मॉनसून का पूर्वी सिरा तेजी से आगे बढ़ेगा। पिछले 24 घंटों के दौरान मॉनसून की उत्तरी सीमा पूरब में आगे बढ़ी भी है। खासतौर पर तमिलनाडु में मॉनसून आगे बढ़ते हुए पुद्दुचेरी और सेलम तक पहुँच गया। चेन्नई में अभी इंतज़ार है। पूर्वोत्तर भारत में भी मॉनसून के आगमन में देरी हो रही है। पूर्वोत्तर राज्यों में आमतौर पर 5 जून को मॉनसून का आगमन हो जाता है।

निम्न दबाव से बढ़ेगी देश में बारिश

खाड़ी में संभावित निम्न दबाव से जहां मॉनसून का पूर्वी सिरा तेज़ी से आगे बढ़ेगा वहीं देश के कई राज्यों में वर्षा की गतिविधियां तेज़ हो जाएंगी। अगले 48 घंटों में यानि 8 जून को बंगाल की खाड़ी के मध्य पूर्वी हिस्सों पर निम्न दबाव का क्षेत्र बन जाएगा यह पश्चिमी और उत्तर पश्चिमी दिशा में आगे बढ़ेगा। इसके प्रभाव से आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटों पर बारिश की गतिविधियां 9 जून से तेज हो जाएंगी। बारिश के संदर्भ में व्यापक बदलाव 10 जून से दिखाई देगा।

ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश पर दिखेगा असर

अनुमान है कि निम्न दबाव का क्षेत्र ओडिशा के तटों के पास 10 जून तक पहुंचेगा। इस सिस्टम के बाईं तरफ यानी आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, विदर्भ, दक्षिणी छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के अधिकांश भागों में बारिश होगी। 9 जून से उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश में बारिश शुरू हो जाएगी। जैसे-जैसे यह सिस्टम आगे बढ़ेगा बारिश भी इसके साथ-साथ उत्तर-पश्चिमी दिशा में यानि तेलंगाना, दक्षिणी छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र और दक्षिण-पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी बारिश तेज़ हो जाएगी। मध्य भारत के अनेक हिस्सों में आगामी निम्न दबाव के क्षेत्र के चलते 11 से 15 जून के बीच काफी व्यापक बारिश देखने को मिलेगी।

मध्य प्रदेश और बिहार में 15 जून के आसपास मॉनसून का आगमन

इसी दौरान मॉनसून मुंबई समेत महाराष्ट्र, तेलंगना, आंध्र प्रदेश को पार करते हुए ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश के भी कुछ हिस्सों में दस्तक देगा। संभावना है कि 15 जून के आसपास ही दक्षिण-पश्चिम मॉनसून पूर्वोत्तर भारत को पार करते हुए बिहार और झारखंड में पहुँच जाएगा।