Home एग्रीकल्चर मौसम बाढ़ से महाराष्ट्र, गुजरात, केरल और कर्नाटक के दो दर्जन जिलों में खरीफ फसलों को नुकसान की आशंका
बाढ़ से महाराष्ट्र, गुजरात, केरल और कर्नाटक के दो दर्जन जिलों में खरीफ फसलों को नुकसान की आशंका
बाढ़ से महाराष्ट्र, गुजरात, केरल और कर्नाटक के दो दर्जन जिलों में खरीफ फसलों को नुकसान की आशंका

बाढ़ से महाराष्ट्र, गुजरात, केरल और कर्नाटक के दो दर्जन जिलों में खरीफ फसलों को नुकसान की आशंका

चालू खरीफ में जून-जुलाई में बारिश सामान्य से कम होने के कारण जहां किसान खरीफ फसलों की बुआई नहीं कर पा रहे थे, वहीं अगस्त में हुई भारी बारिश से केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र और गुजरात के दो दर्जन से ज्यादा जिलों में बाढ़ जैसे हालात बनने से खरीफ में बोई गई फसलों को नुकसान होने की आशंका है। महाराष्ट्र में बाढ़ से करीब एक लाख हेक्टेयर में खरीफ फसलों का नुकसान का अनुमान है।

केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात समेत देश के कई राज्यों में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश से बाढ़ ने विकराल रूप ले लिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि पिछले दो दिनों में महाराष्ट्र, केरल और कर्नाटक में मूसलधार बारिश होने से हालात और खराब हुए हैं। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में इन सभी राज्यों के साथ गुजरात, पश्चिमी मध्य प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। प्रभावित राज्यों में बाढ़ से दलहन, तिलहन और मोटे अनाजों की फसलों को नुकसान की आशंका है।

कृषि मंत्रालय कर रहा है स्थिति की निगरानी

मौसम विभाग के अनुसार पहली जून से 9 अगस्त तक देशभर में बारिश की कमी का दायरा कम होकर केवल एक फीसदी ही रह गया है। अगस्त में कर्नाटक, महाराष्ट्र, केरल और गुजरात में बारिश होने से इन राज्यों के दो दर्जन से ज्यादा जिलों में बाढ़ से जैसे बन गए हैं। कृषि मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड में भारी बारिश से बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। इससे खेतों में खड़ी फसलों के नुकसान की आशंका है, केंद्र लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। उन्होंने बताया कि नुकसान की भरपाई के लिए कृषि मंत्रालय ने योजना तैयार करनी शुरु कर दी है। राज्यों की ओर से सूचना मिलते ही टीमें नुकसान का आकलन करने और वैकल्पिक खेती की योजना की तैयारी की जायेगी। बिहार और असम के ज्यादातर जिलों में बाढ़ के पानी से फसलों की क्षति हुई है, इसका जल्दी ही आकलन करने के लिए केंद्रीय टीम रवाना होगी।

महाराष्ट्र में बाढ़ से एक लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को नुकसान

पिछले एक सप्ताह से पश्चिमी महाराष्ट्र में हो रही बरसात के कारण लगभग पूरा पश्चिम महाराष्ट्र बाढ़ की चपेट में आ गया है। कोल्हापुर और सांगली पूरी तरह से जलमग्न हो गए हैं जबकि पुणे और सातारा में भी बाढ़ का असर है। महाराष्‍ट्र के चीफ सेक्रेटरी अजय मेहता के मुताबिक राज्य में बारिश के कारण एक लाख हेक्‍टेयर कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा है। नासिक के जिला अधिकारी के अनुसार जिले के 11 तालुका के 758 गांव में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं जिस कारण 32,433 किसानों की करीब 21,901.71 हेक्टेयर भूमि में मूंग, बाजरा, कपास, सोयाबीन, अरहर और मूंगफली आदि की फसल को नुकसान हुआ है।

पहले सूखे ने किसानों को मारा, अब बाढ़ मार रही है

स्वाभिमानी शेतकारी संगठन के नेता और लोकसभा के पूर्व सांसद राजू शेट्टी ने आउटलुक को बताया कि बाढ़ से किसानों को भारी नुकसान हुआ है, पानी के तेज बहाव से जहां फसले चौपट हो गई हैं, वहीं पशुओं के चारे का संकट पैदा गया है। पिछले 100 साल में ऐसी बाढ़ नहीं आई थी। उन्होंने बताया कि पहले सूखे ने किसानों को मारा, अब बाढ़ मार रही है। उन्होंने बताया कि राज्य के मंत्री और विधायक प्रभावित क्षेत्रों में जाकर पीड़ितों के साथ सेल्फी ले रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों में जो राहत सामग्री बांटी जा रही है, उस पर भी मुख्यमंत्री और स्थानीय विधायक का फोटो लगा हुआ है। राज्य सरकार पीड़ितों के सहायता के बजाए अपना प्रचार कर रही है।

केरल के 9 जिलें प्रभावित

केरल के 14 जिलों में से राज्य सरकार ने नौ के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। प्रभावित जिलों में सभी शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे। अधिकारियों के अनुसार कि राज्य भर के 738 राहत शिविरों में 64 हजार लोगों को रखा गया है। केरल के वायनाड लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से बाढ़ को लेकर बात की और उनसे मदद मांगी है।

कर्नाटक के दर्जनभर जिले बाढ़ की चपेट में

कर्नाटक में बाढ़ की स्थिति शनिवार को भी गंभीर रही क्योंकि राज्य की अधिकांश नदियां उफान पर हैं। राज्य के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने लोगों से कहा कि राहत और पुनर्वास कार्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसानों और लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। तत्काल राहत के रूप में, वित्त विभाग ने बाढ़ राहत के लिए 100 करोड़ रुपये जारी किए हैं। राज्य के बेलगावी के अलावा, प्रभावित जिलों में बागलाकोट, विजयपुरा, रायचूर, यादगीर, गडग, उत्तरा कन्नड़, हावेरी, हुबली-धारवाड़, दक्षिण कन्नड़, चिकमंगलूरु और कोडागु हैं।