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इस साल मानसून सामान्य रहने का अनुमान-आईएमडी
इस साल मानसून सामान्य रहने का अनुमान-आईएमडी

इस साल मानसून सामान्य रहने का अनुमान-आईएमडी

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार इस बार मानसूनी सीजन में सामान्य बारिश होने का अनुमान है। आईएमडी द्वारा सोमवार को जारी पहले पूर्वानुमान के अनुसार इस साल सामान्य के 96 फीसदी (पांच फीसदी कम या ज्यादा) बारिश होने का अनुमान है।

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव एम राजीवन नायर ने सोमवार को दिल्ली में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में कहा कि कहा कि अलीनो का प्रभाव कमजोर हुआ है। मौसम विभाग का अनुमान है कि इस मानसून सीजन में देश में लंबी अवधि के औसत की 96 फीसदी बारिश संभव है, हालांकि यह पहली भविष्यवाणी है, तथा मौसम विभाग की दूसरी भविष्यवाणी जून के पहले सप्ताह में आयेगी।

कई एजेंसियों ने अलनीनो की आशंका जताई थी

इससे पहले अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों की मौसम एजेंसियों ने मानसून की चाल पर अलनीनो के असर की आशंका जताई थी लेकिन आईएमडी के अनुसार मॉनसून के शुरू होते ही ये कमजोर पड़ने लगेगा। ऐसे में मॉनसून की चाल पर अलनीनो का असर ज्यादा नहीं रहेगा। आईएमडी ने पिछले दिनों अपने बयान में कहा था कि इस साल देश के कुछ में हिस्सों में मई-जून के बीच तापमान में 0.5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक केजे रमेश ने कहा कि 96 फीसदी बारिश होने का मतलब सामान्य मानसून है, इसमें गणना मॉडल में चूक के कारण पांच फीसदी कम या ज्यादा हो सकती है।

सामान्य बारिश होने का 32 फीसदी अनुमान

आईएमडी के अनुसार मानसून दीर्घावधिक औसत (एलपीए) का 90 फीसदी से कम होने की संभावना 17 फीसदी, तथा सामान्य बारिश 90 से 96 फीसदी होने की संभावना 32 फीसदी है। इसके अलावा 96 से 104 फीसदी बारिश होने की संभावना 39 फीसदी और 110 फीसदी बारिश होने की संभावना 2 फीसदी है। मौसम विभाग के मुताबिक प्रशांत महासागर में विषुवत रेखा के पास समुद्र के तापमान में कमी बनी हुई है। जून तक इसमें बदलाव की उम्मीदें नगण्य हैं। इस साल देश में साउथ वेस्ट मानसून नॉर्मल रहने की उम्मीद है तथा पूरे सीजन में 96 फीसदी बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने कहा है कि अल-नीनो की स्थिति कमजोर पड़ी है।

पिछले साल देश के कई जिलों में बारिश सामान्य से कम हुई थी

आईएमडी ने 2018 में 97 फीसदी बारिश (पांच फीसदी कम या ज्यादा) होने की भविष्यवाणी की थी, जबकि देशभर में 91 फीसदी बारिश हुई थी। देश के कई राज्यों महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश, गुजरात, ओडिशा, झारखंड, राजस्थान, तमिलनाडु आदि के करीब 130 जिलों में बारिश  सामान्य से कम होने के कारण सूखे जैसी स्थिति बनी हुई है।

खेती का केवल 40 फीसदी ही सिचिंत क्षेत्र है

देश के कई राज्यों में फसल सीजन 2018-19 में बारिश कम होने के बावजूद भी कृषि मंत्रालय ने दूसरे अग्रिम अनुमान में देश में खाद्यान्न का रिकार्ड 28.13 करोड़ टन के उत्पादन का अनुमान जारी किया है, इसके पिछले साल 2017-18 में भी 27.74 करोड़ टन खाद्यान्न का उत्पादन हुआ था। मानसूनी बारिश खेती के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि देश में खेती का केवल 40 फीसदी हिस्सा ही सिचिंत क्षेत्र है।