Home एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी आलू शोध केंद्र बंद करने का तमिलनाडु सरकार ने किया विरोध
आलू शोध केंद्र बंद करने का तमिलनाडु सरकार ने किया विरोध
आलू शोध केंद्र बंद करने का तमिलनाडु सरकार ने किया विरोध

आलू शोध केंद्र बंद करने का तमिलनाडु सरकार ने किया विरोध

तमिलनाडु सरकार ने राज्य में चल रहे केंद्रीय आलू शोध केंद्र को बंद करने के प्रस्ताव का विरोध करते हुये कहा है कि इससे समूचे दक्षिण भारत के आलू किसानों के हित प्रभावित होंगे।

न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे एक पत्र में मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी ने कहा कि उटकमंडलम के मुथरोई में बने केंद्रीय आलू शोध केंद्र पर फसलों में लगने वाली खास बीमारियों पर शोध हो रहा है और किसानों को इससे मदद मिल रही थी।

उन्होंने पत्र में कहा कि मीडिया रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) ने इस केंद्र को बंद करने का निर्णय लिया है।

उन्होंने पत्र में लिखा है कि अगर यह केंद्र बंद कर दिया जाता है तो दक्षिण भारत के किसान आलू अनुसंधान केंद्र, जालंधर (पंजाब) पर निर्भर हो जायेंगे। इससे किसानों की लागत तो बढ़ेगी ही साथ ही उत्तर भारत के आलू की किस्में दक्षिण भारत के लिए उपयुक्त भी नहीं हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केंद्र पूरे दक्षिण भारत में एकमात्र ऐसा केंद्र है जो आलू की फसल पर लगने वाले पोटेटे सिस्ट नेमेटोडे और पोटेटे अर्ली ब्लाइट जैसे रोगों पर ध्यान केंद्रित कर रहा था। इस केंद्र की स्थापना 1957 में आलू किसानों की मदद के लिए की गई थी।