Home एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी गन्ने के रस से सीधे एथेनॉल बनाने वाली पहली चीनी मिल होगी पिपराइच-सरकार
गन्ने के रस से सीधे एथेनॉल बनाने वाली पहली चीनी मिल होगी पिपराइच-सरकार
गन्ने के रस से सीधे एथेनॉल बनाने वाली पहली चीनी मिल होगी पिपराइच-सरकार

गन्ने के रस से सीधे एथेनॉल बनाने वाली पहली चीनी मिल होगी पिपराइच-सरकार

उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार गोरखपुर स्थित पिपराइच चीनी मिल उत्तर भारत में गन्ने के रस से सीधे तौर पर एथेनॉल बनाने वाली पहली चीनी मिल होगी। राज्य के गन्ना राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सुरेश राणा ने विधान परिषद में प्रश्नकाल के दौरान बताया कि पूरे उत्तर भारत में गोरखपुर स्थित पिपराइच चीनी मिल ऐसी पहली मिल बनने जा रही है जो सीधे तौर पर गन्ने के रस से एथेनॉल बनाएगी।

उन्होंने कहा कि हमारा एथेनॉल उत्पादन 42.37 करोड़ लीटर है तथा केन्द्र सरकार ने 81.36 करोड़ लीटर एथेनॉल उत्पादन का लक्ष्य दिया है। गन्ना राज्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार की नीति आने के बाद एथेनॉल का उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि जब तक गन्ने के दूसरे उत्पादों को लेकर व्यवस्था नहीं बनेगी, तब तक किसानों का गन्ना मूल्य भुगतान कहीं ना कहीं चीनी के निर्यात या फिर घरेलू बिक्री पर ही निर्भर करेगा, उसके कारण कई बार कठिनाइयां पैदा होती है।

पहले चरण में 34 एथेनॉल परियोजना उत्तर प्रदेश में

उन्होंने कहा कि केन्द्र की नीति के आधार पर सीधे तौर पर गन्ने के रस से एथेनॉल बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई है। पूरे देश में 9,106 करोड़ रुपये की 174 एथेनॉल परियोजनाएं स्वीकृति हुई हैं। उनमें से पहले चरण में 2,369 करोड़ रुपये की 34 परियोजनाएं उत्तर प्रदेश में बनेंगी। दूसरे चरण की परियोजनाओं में से कुल 563 करोड़ रुपये की छह परियोजनाएं उत्तर प्रदेश के लिये स्वीकृत हुई हैं।

खांडसारी उद्योग को दी है राहत

उन्होंने कहा कि वर्षों से जिस तरह खांडसारी उद्योग उत्तर प्रदेश में बरबादी की कगार पर था। उसका एक कारण यह भी था कि चीनी मिल से खांडसारी उद्योग की अधिकतम दूरी 15 किलोमीटर थी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उसे घटाकर साढ़े सात किलोमीटर कर दिया है। उन्होंने बताया कि सरकार ने इस साल खांडसारी उद्योग के 86 नये लाइसेंस जारी किये गये हैं। ऐसे लाइसेंस जारी करने की अधिकतम अवधि 100 घंटे रखी गयी है और गुड़ को तमाम करों से मुक्त किया गया है।

एजेंसी इनपुट