Home एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी देश के आठ भौगालिक जोन में होगा कृषि विज्ञान मेला का आयोजन : केंद्रीय कृषि मंत्री
देश के आठ भौगालिक जोन में होगा कृषि विज्ञान मेला का आयोजन : केंद्रीय कृषि मंत्री
देश के आठ भौगालिक जोन में होगा कृषि विज्ञान मेला का आयोजन : केंद्रीय कृषि मंत्री

देश के आठ भौगालिक जोन में होगा कृषि विज्ञान मेला का आयोजन : केंद्रीय कृषि मंत्री

पूसा में आयोजित कृषि विज्ञान मेला की तर्ज पर देश के आठ भौगोलिक क्षेत्रों में इनके आयोजन करने पर विचार किया जाएगा ताकि राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के अनुसंधानों से देश के अधिक से अधिक किसान लाभान्वित हों सके। पूसा कृषि विज्ञान मेला-2020 के उद्घाटन के मौके पर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री ने पेस्टीसाइट को कृषि पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने का निर्देश दिया है।

उन्होंने कहा कि कृषि को लाभकारी उद्यम बनाने की जरूरत है ताकि देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में कृषि की हिस्सेदारी बढ़े। उन्होंने कहा कि इसके लिए आईसीएआर के सेवानिवृत्त वैज्ञानिकों, अधिकारियों और कर्मचारियों के अनुभवों का उपयोग किया जाएगा, ताकि किसान उनके अनुभवों से लाभान्वित हों  सके। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों की आमदनी बढ़ाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए फसलों की लागत का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य, एमएसपी तय कर दिया है।

देश के 8.52 करोड़ किसानों को मिलने लगा है पीएम-किसान योजना का लाभ

तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए इसके बजट में इजाफा किया है और वर्ष 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत लाभार्थी किसानों को सालाना 6,000 रुपये, तीन समान किस्तों में उनके बैंक खाते में सीधे हस्तांतरित किया जा रहा है और इस योजना का लाभ देश के 8.52 करोड़ किसानों को मिलने लगा है।

पीएम-किसान के सभी लाभार्थियों को केसीसी देने का फैसला

उन्होंने कहा कि पीएम-किसान के सभी लाभार्थियों को सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) की सुविधा देने का फैसला लिया है। कृषि मंत्री ने कहा कि देश में छोटी जोत के किसानों की संख्या ज्यादा हैं इसलिए सरकार ने उन्हें उनके उत्पादों को उचित मूल्य दिलाने के मकसद से बीज से लेकर बाजार तक उनकी भागीदारी बढ़ाने के मकसद से देशभर में 10,000 किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) बनाने फैसला लिया है जिसकी शुरुआत हाल ही में प्रधानमंत्री ने चित्रकूट से की है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक एफपीओ को 15 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी जिसके लिए बजट में 6,600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए नाबार्ड और एनसीडीसी द्वारा 1,500 करोड़ रुपये का क्रेडिट गारंटी फंड बनाया गया है।

किसान एफपीओ बनाकर अपने उत्पाद की पैकेजिंग, प्रोसेसिंग और विपणन करेंगे

तोमर ने कहा कि किसान एफपीओ के माध्यम से अपने उत्पादों की पैकेजिंग और प्रोसेसिंग और विपणन करेंगे जिससे उन्हें उनकी पैदावार का उचित दाम मिल पाएगा। उन्होंने कहा कि एफपीओ के माध्यम से कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा दिया जाएगा। मोदी सरकार बिचौलियों को समाप्त करते हुए पारदर्शिता से काम कर रही है, अब पूरे 100 के 100 रुपये नीचे तक पहुंच रहे हैं। कृषि संस्थानों व वैज्ञानिकों से कृषि मंत्री ने आग्रह किया कि सही क्वालिटी के बीज उचित दाम पर किसानों को उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें।