Home एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी खेती की आधुनिक तकनीकों को अपनाने से बढ़ेगी किसानों की आय-सारंगी
खेती की आधुनिक तकनीकों को अपनाने से बढ़ेगी किसानों की आय-सारंगी
खेती की आधुनिक तकनीकों को अपनाने से बढ़ेगी किसानों की आय-सारंगी

खेती की आधुनिक तकनीकों को अपनाने से बढ़ेगी किसानों की आय-सारंगी

किसान खेती में आधुनिक तकनीकों को अपना कर आय में बढ़ोतर कर सकते हैं। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम और पशुपालन तथा डेयरी और मत्स्य पालन राज्य मंत्री प्रताप चंद्र सारंगी ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि मशीनीकरण पर जोर दिया।

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) ने बुधवार को राष्ट्रीय कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में कृषि और ग्रामीण उद्यमों को बढ़ावा देने और विकसित करने के लिए आईसीएआर और एमएसएमई ने मिलकर कार्यशाला का आयोजन किया। इस अवसर पर सारंगी ने किसानों से वैज्ञानिकों द्वारा विकसित कृषि प्रौद्योगिकियों में नए नवाचारों को अपनाने का आग्रह किया साथ ही किसानों को जैविक खेती अपनाने के लिए भी प्रेरित किया।

कृषि मशीनीकरण से लागत, समय और श्रम की होती है बचत

कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (डीएआरई) के सचिव और आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. त्रिलोचन महापात्रा ने कृषि और ग्रामीण उद्यमों को बढ़ावा देने और विकसित करने के लिए आईसीएआर और एमएसएमई के बीच साझेदारी के बारे में जानकारी दी। महानिदेशक ने इस बात पर जोर दिया कि कृषि मशीनीकरण किसानों की आय को दोगुना करने में मदद करेगी क्योंकि यह लागत, समय और श्रम को कम करती है, जिससे कृषि उत्पादकता में बढ़ोतरी होती है। उन्होंने कहा कि आईसीएआर खेती की आधुनिक मशीनीकरण की दिशा में काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।

कृषि और ग्रामीण उद्यमों के विकास पर जोर

उन्होंने कहा कि यह उद्यम संबंधित संस्थानों की शक्ति और विशेषज्ञता का लाभ उठाकर कृषि और ग्रामीण उद्यमों के संवर्धन और विकास के लिए स्थानीय स्तर पर एक मंच प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि आईसीएआर और एमएसएमई अनुसंधान, शिक्षा, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण, कृषि उपकरणों के विकास और अन्य निर्दिष्ट क्षेत्रों में एक-दूसरे के साथ सहयोग करेंगे।

कृषि की नई तकनीक किसानों तक पहुंचे

एमएसएमई सचिव डॉ. अरुण कुमार पांडा ने एमएसएमई के कृषि-प्रसंस्करण प्रौद्योगिकियों और क्लस्टर विकास कार्यक्रमों के क्षेत्र में सफलता के उदाहरणों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि एमएसएमई ऐसी नीतियां बनायेगा, जोकि कृषि प्रौद्योगिकियों को वास्तविक उपयोगकर्ताओं यानि किसानों तक पहुंचाने में मदद कर सके।