Home एग्रीकल्चर रुरल इकोनॉमी लॉकडाउन : मजूदर और परिवहन नहीं मिलने से मध्य प्रदेश के टमाटर किसानों को भारी नुकसान
लॉकडाउन : मजूदर और परिवहन नहीं मिलने से मध्य प्रदेश के टमाटर किसानों को भारी नुकसान
लॉकडाउन : मजूदर और परिवहन नहीं मिलने से मध्य प्रदेश के टमाटर किसानों को भारी नुकसान

लॉकडाउन : मजूदर और परिवहन नहीं मिलने से मध्य प्रदेश के टमाटर किसानों को भारी नुकसान

पूरे देश में कोरोना वायरस को रोकने के लिए चल रहे लॉकडाउन के कारण सब्जी एवं फलों के किसानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मध्य प्रदेश के छत्तरपुर में मजदूर और परिवहन नहीं मिलने के कारण खेतों में ही टमाटर की फसल सड़ने लगी है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

किसानों का कहना है कि सभी फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। हम टमाटर को बाजार में नहीं ले जा पा रहे हैं, इससे हमें पिछले दो हफ्तों में ही करीब 50-60 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं इस पूरी घटना पर छतरपुर के कलेक्टर शलेंद्र सिंह का कहना है कि टमाटर लाने ले जाने पर यहां रोक नहीं है। हम एक दिन छोड़ कर दूसरे दिन मंडी भी खोल रहे हैं। गांव से कोई सब्जी लेकर आने वाला है तो उस पर कोई रोक नहीं है। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के बाड़ी क्षेत्र के पास गांव किवलाझिर के किसान अनिल जाट ने बताया कि जिले की बाड़ी और बरेली तहसील के कई गांवों में टमाटर की खेती बड़े पैमाने पर ही जाती है। दिल्ली, हरियाणा और पंजाब के व्यापारी यहां से टमाटर खरीद कर ले जाते थे, लेकिन कोरोना वायरस के कारण खरीददार नहीं आ रहे हैं।

केंद्र ने राज्यों को बागवानी फसलें बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत खरीदने की दे रखी है अनुमति

हालांकि, कोरोना वायरस के कारण देश में लाकडाउन के चलते बागवानी से जुड़े किसानों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। कृषि मंत्रालय ने सभी राज्यों को पत्र लिखा है कि जल्दी खराब होने वाली बागवानी फसलों फल एवं सब्जियों की खरीद राज्य सरकारें किसानों से बाजार हस्तक्षेप योजना के माध्यम से करें। इस बारे में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने 8 अप्रैल को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से राज्यों के कृषि मंत्रियों से भी चर्चा की थी। मंत्रालय ने लॉकडाउन के दौरान किसानों और खेती की गतिविधियों को सुविधाजनक बनाने के लिए और भी कई उपाय किए हैं। मंत्रालय के अनुसार रबी सीजन 2020 के दौरान, नैफेड ने न्यूनतम समर्थन मूल्य, एमएसपी पर 1.21 लाख से अधिक दालों और तिलहन की खरीद की है, जिससे 89,000 से अधिक किसान लाभान्वित हुए हैं।

एजेंसी इनपुट