Home एग्रीकल्चर रुरल इकोनॉमी तेलंगाना में सालभर में 243 किसानों ने की आत्महत्या, सरकार प्रत्येक परिवार को देगी 6 लाख का मुआवजा
तेलंगाना में सालभर में 243 किसानों ने की आत्महत्या, सरकार प्रत्येक परिवार को देगी 6 लाख का मुआवजा
तेलंगाना में सालभर में 243 किसानों ने की आत्महत्या, सरकार प्रत्येक परिवार को देगी 6 लाख का मुआवजा

तेलंगाना में सालभर में 243 किसानों ने की आत्महत्या, सरकार प्रत्येक परिवार को देगी 6 लाख का मुआवजा

तेलंगाना में पिछले एक साल के भीतर 243 किसानों ने आत्महत्या की है। राज्य सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार फसल खराब होने की वजह से इस साल राज्य के 243 किसानों ने आत्महत्या की है, इन किसानों के परिवारों को अनुग्रह राशि देने के लिए सरकार ने 14.58 करोड़ रुपये जारी किए हैं।

राज्य सरकार के आदेश के अनुसार 243 किसानों में से प्रत्येक के परिवार को 6 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जायेगी। राज्य सरकार की राहत आयुक्त निर्देश दिए है कि सभी जिलों में किसानों की आत्महत्याओं की सावधानीपूर्वक जांच के बाद के बाद ही अनुग्रह राशि जारी की जाये। राज्य के 24 जिलों में 243 किसानों को आत्महत्या की है, इनमें नलगोंडा जिले में सबसे ज्यादा किसानों के आत्महत्याएं की हैं। सरकार के अनुसार, नलगोंडा में 45, खम्मम में 32 और संगारेद में 20 किसानों ने इस दौरान आत्महत्या की है।

महाराष्ट्र के बाद तेलंगाना में 2014 और 2015 में सबसे ज्यादा किसानों ने की आत्महत्या

केंद्र सरकार के अनुसार वर्ष 2014 और 2015 में महाराष्ट्र, तेलंगाना और मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा किसानों ने आत्महत्या की। सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक महाराष्ट्र में 2014 में 4,004 और 2015 में 4,291 किसानों ने आत्महत्या की थी। तेलंगाना में 2014 में 1,347 और 2015 में 1,400 किसानों ने आत्महत्या की। उधर मध्य प्रदेश में वर्ष 2014 में जहां 1,198 किसानों ने आत्महत्या की वहीं वर्ष 2015 में राज्य के 1,290 किसानों की मौत हुई। इस दौरान छत्तीसगढ़ में 755 और 954 किसानों ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। उत्तर प्रदेश में 2014 में 192 और 2015 में 324 किसानों की मौत हुई।

वर्ष 2015 के बाद से किसानों की आत्महत्या नहीं दी है सरकार ने जानकारी

केंद्रीय कृषि मंत्री ने लोकसभा में जानकारी देते हुए कहा था कि गृह मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) भारत में दुर्घटनावश मृत्यु एवं आत्महत्या नामक अपने प्रकाशन में आत्महत्याओं से संबंधित सूचनाएं जारी करता है। वर्ष 2015 तक की रिपोर्ट वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। वर्ष 2015 से आगे की रिपोर्ट प्रकाशित नहीं हुई है। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2014 में 12,360 किसानों ने आत्महत्या की थी, इसमें 5,650 किसान थे जबकि 6,710 किसान मजदूरों ने इस दौरान जान दी। वहीं 2015 में 12,602 किसानों ने जान दी जिसमें 8,007 किसान रहे और 4,595 किसान मजदूर थे।