Home एग्रीकल्चर रुरल इकोनॉमी बिहार के 28 जिलों में बारिश सामान्य से कम, सूखा प्रभावित हर किसान को डीजल पर अनुदान
बिहार के 28 जिलों में बारिश सामान्य से कम, सूखा प्रभावित हर किसान को डीजल पर अनुदान
बिहार के 28 जिलों में बारिश सामान्य से कम, सूखा प्रभावित हर किसान को डीजल पर अनुदान

बिहार के 28 जिलों में बारिश सामान्य से कम, सूखा प्रभावित हर किसान को डीजल पर अनुदान

दक्षिण बिहार में सूखे से निपटने के लिए राज्य सरकार एक लीटर डीजल पर 60 रुपये का अनुदान किसानों को दे रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमान ने सभी किसानों को डीजल अनुदान का लाभ मिल सके, इसके लिए जिला कृषि पदाधिकारी को सख्त निर्देश दिये।

बिहार के कई जिलों में बाढ़ के बाद दक्षिण बिहार में सूखे की आशंका बढ़ गई है। एक जून से 18 जून तक राज्य के 38 में से 28 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। सिर्फ 10 जिलों में सामान्य से 2 से 33 फीसदी अधिक बारिश हुई है। राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बाढ़ और सुखाड़ की स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम विज्ञान केन्द्र के अनुसार दक्षिण बिहार में सूखे की स्थिति बन रही है। ऐसे में हमें पहले से सचेत रहना होगा।

सूखे की स्थिति का पंचायतवार आकलन 

नीतीश कुमार ने कहा है कि बाढ़ पीड़ितों की तरह ही सूखा पीड़ित किसानों को सहायता दी जायेगी। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी डीएम को सूखे की स्थिति का पंचायतवार आकलन कराने का टास्क सौंपा। उन्होंने जिला कृषि पदाधिकारियों को जल्द किसानों को डीजल अनुदान का लाभ दिलाने को कहा। मुख्यमत्री ने कहा कि लीटर डीजल पर 60 रुपये का अनुदान दिया जा रहा है।

राज्य में धान की रोपाई पिछले साल से कम

चालू खरीफ में राज्य में 33 लाख हेक्टेयर में धान की रोपाई का लक्ष्य तय किया था लेकिन बारिश की कमी के कारण अभी तक राज्य में केवल 25.44 लाख हेक्टेयर में ही रोपाई हुई है, जबकि पिछले साल इसी समय तक 30.37 लाख हेक्टेयर में धान की रोपाई हो चुकी थी। यानी पिछले साल की तुलना में 5 लाख हेक्टेयर कम रोपाई हुई है। नवादा, जमुई, गया, जहानाबाद, पटना, बांका, नालंदा, भागलपुर और मुंगेर सहित जिलों में सूखे के कारण धान की रोपाई में कमी आई है। राज्य में पहली जून से 18 अगस्त तक 604.9 मिलीमीटर ही बारिश हुई है जबकि सामान्यत: इस दौरान 681.8 मिलीमीटर बारिश होती है। राज्य के बेगूसराय, बांका, औरंगाबाद में चालू खरीफ में सामान्य से क्रमश: 56 फीसदी, 32 फीसदी और 31 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। इसी तरह से गया में सामान्य से 35 फीसदी, जहांनाबाद में 32 फीसदी, पटना में 39 फीसदी, और नालंदा में 33 फीसदी बारिश सामान्य से कम हुई है।

सूखे की स्थिति के मद्देनजर वैकल्पिक फसलों पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि सूखे की स्थिति के मद्देनजर वैकल्पिक फसल लगाने की व्यवस्था करें। जो किसान फसल नहीं लगा पाए, उनकी किस प्रकार सहायता की जा सकती है और उनके लिए रोजगार के क्या विकल्प हो सकते हैं, इसका भी विचार करें। बैठक में मौसम विज्ञान केंद्र के अफसरों ने बताया कि रविवार तक सूबे में 609.90 मिलीमीटर बारिश हुई। यह सामान्य 681.80 मिलीमीटर से कम है। मुख्यमंत्री ने सभी डीएम से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए बाढ़ और सुखाड़ की ताजा स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत दो अक्तूबर तक सभी पंचायतों में कोई-न-कोई काम शुरू किया जायेगा। उन्होंने कहा कि राज्य में वर्षा की कमी से भूजल नीचे जा रहा है। पर्यावरण संरक्षण का काम जरूरी है, इसके लिए पेड़ लगाने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग को फसल चक्र के बारे में जल्द योजना बनाने को कहा, इससे जल संरक्षण भी होगा और फसलों का उत्पादन भी बढ़ेगा।