Home एग्रीकल्चर रुरल इकोनॉमी पंजाब के मुख्यमंत्री ने बाढ़ राहत के लिए केंद्र से मांगी 1,000 करोड़ रुपये की मदद
पंजाब के मुख्यमंत्री ने बाढ़ राहत के लिए केंद्र से मांगी 1,000 करोड़ रुपये की मदद
पंजाब के मुख्यमंत्री ने बाढ़ राहत के लिए केंद्र से मांगी 1,000 करोड़ रुपये की मदद

पंजाब के मुख्यमंत्री ने बाढ़ राहत के लिए केंद्र से मांगी 1,000 करोड़ रुपये की मदद

पंजाब के मुख्यमंत्रत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर बाढ़ के कारण हुए नुकसान की भरपाई के लिए 1,000 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज देने की मांग की है, साथ ही प्रधानमंत्री से यह भी आग्रह किया कि वे संबंधित अधिकारियों को बाढ़ पीड़ित किसानों के फसली कर्ज को माफ करने का निर्देश दें। शुरुआती अनुमान के अनुसार राज्य में बाढ़ से करीब 1,700 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है।

केंद्र से प्रभावित किसानों के फसली ऋण को माफ करने की मांग

राज्य सरकार के अनुसार 326 गांवों पर बाढ़ का प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है, जिससे लगभग 1.20 लाख एकड़ क्षेत्र में खड़ी फसलें जलमग्न होकर नष्ट हो गई हैं। बाढ़ से धान, गन्ना और मक्का के अलावा सब्जियों की फसल को ज्यादा नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से यह भी आग्रह किया है कि वे संबंधित अधिकारियों को मौजूदा फसली सीजन के दौरान प्रभावित गांवों में प्रभावित किसानों द्वारा लिए गए बैंकों या वित्तीय संस्थानों के फसली ऋण को माफ करने का निर्देश दें।

आरंभिक आंकलन में 1,700 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 1958 के बाद भाखड़ा बांध से सतलुज दरिया में अब तक सबसे ज्यादा पानी छोड़े जाने के कारण बाढ़ के हालात पैदा हुए हैं। इससे खेतों में खड़ी फसलों के साथ गांवों में पानी भर गया है। बाढ़ से हुए नुकसान का आरंभिक आंकलन 1,700 करोड़ रुपये से अधिक का है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हालात की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदा घोषित की है।

राज्य में 1.20 लाख एकड़ में फसलों को नुकसान की आशंका

सतलुज नदी में बाढ़ ने कई स्थानों जिलों रोपड़, लुधियाना, जालंधर और कपूरथला जिलों में 100 गांवों के खड़ी फसलों, घरों समेत ग्रामीण और शहरी बुनियादी ढांचे को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने राज्य सरकार के संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया था कि वे केंद्र सरकार के विचारार्थ रिपोर्ट तैयार करे। रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य के 326 गांवों पर बाढ़ का प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है, जिससे लगभग 1.20 लाख एकड़ क्षेत्र में खड़ी फसलें जलमग्न होकर नष्ट हो गई हैं। लोगों को बचाने के लिए सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की मदद ली ली गई है। शाहकोट सब डिवीजन के बाढ़ प्रभावित 18 गांवों के लोगों को राहत पहुंचाने के लिए सेना के छह हेलीकॉप्टर तैनात तैनात किए हैं।

पंजाब के अलावा हरियाणा और दिल्ली में भी बाढ़ के हालात बने हुए हैं। यमुना नदी में जलस्तर बढ़ने के बाद हरियाणा ने यमुनानगर में हथनीकुंड बैराज से 8.28 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा था।

एजेंसी इनपुट