Home एग्रीकल्चर रुरल इकोनॉमी बाढ़ पीड़ितों के लिए पंजाब सरकार ने 100 करोड़ रुपये देने की घोषणा की
बाढ़ पीड़ितों के लिए पंजाब सरकार ने 100 करोड़ रुपये देने की घोषणा की
बाढ़ पीड़ितों के लिए पंजाब सरकार ने 100 करोड़ रुपये देने की घोषणा की

बाढ़ पीड़ितों के लिए पंजाब सरकार ने 100 करोड़ रुपये देने की घोषणा की

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने सोमवार को राज्य के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आपातकालीन राहत और पुनर्वास उपायों के लिए 100 करोड़ रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जैसे ही जल स्तर कम होगा, प्रभावित किसानों के लिए पर्याप्त मुआवजा सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष 'गिरदावरी' (फसल हानि का आकलन) किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने पिछले 72 घंटों में मूसलाधार बारिश के कारण हुए नुकसान का आंकलन करने के समय यह बात कही। मुख्यमंत्री ने उन लोगों से मुलाकात भी की, जिन्हें बाढ़ के कारण अपनी संपत्तियों का नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री के साथ उनके प्रमुख प्रमुख सचिव सुरेश कुमार, कैबिनेट मंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, आनंदपुर साहिब के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी सहित अन्य लोग भी थे। पिछले दो, तीन दिनों में हुई भारी बारिश के बाद पंजाब और हरियाणा के कई हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। मौसम विभाग ने कहा कि पंजाब और हरियाणा के अधिकांश हिस्सों में सोमवार को मौसम साफ रहा, हालांकि दोनों राज्यों में पिछले तीन दिनों के दौरान भारी बारिश हुई थी।

उत्तर भारत के कई जिलों में पिछले दो-तीन दिनों में हुई है भारी बारिश

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत के कई जिलों में पिछले दो-तीन दिनों में भारी बारिश हुई है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में कम से कम 28 लोगों के मरने की खबर है, वहीं कई लोगों के लापता होने की खबर है। हिमाचल प्रदेश में रविवार को अकेले बारिश संबंधी घटनाओं में कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई और नौ अन्य लोग घायल हो गए।

कई राज्यों में बाढ़ की तबाही

देश के कई राज्यों में पहले ही बाढ़ ने तबाही मचा रखी है। अब तक बाढ़ से सैकड़ों लोगों की जान चली गई है, वहीं हजारों आशियाने बरबाद हो चुके हैं। कर्नाटक, केरल, पंजाब, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई इलाके बाढ़ से प्रभावित हैं। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश की वजह से तबाही मची हुई है।

दिल्ली में बाढ़ का खतरा

देश की राजधानी में दिल्ली में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। यमुना नदी का जलस्तर सोमवार को 204.50 मीटर के चेतावनी के निशान को पार कर गया और 205.33 मीटर के खतरे के निशान को पार करने के कगार पर पहुंच गया, जिसके कारण प्रशासन को नदी से सटे तराई के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के आदेश देना पड़ा। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ये भी बताया कि अगले आने वाले 2 दिन बेहद नाजुक हैं, ऐसे में हम 24 घंटे स्थिति पर नजर रखेंगे। इसके अलावा 30 जगहों पर 30 नावों को तैयार रखा गया है।