Home एग्रीकल्चर रुरल इकोनॉमी किसान पेंशन योजना का शुभारंभ प्रधानमंत्री 12 सितंबर को रांची से करेंगे
किसान पेंशन योजना का शुभारंभ प्रधानमंत्री 12 सितंबर को रांची से करेंगे
किसान पेंशन योजना का शुभारंभ प्रधानमंत्री 12 सितंबर को रांची से करेंगे

किसान पेंशन योजना का शुभारंभ प्रधानमंत्री 12 सितंबर को रांची से करेंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 सितंबर को झारखंड के रांची से किसान पेंशन योजना (प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना) की शुरुआत करेंगे। राज्य के मुख्यमंत्री रघुबर दास ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री यहां से तीन राष्ट्रीय और दो राज्य स्तरीय योजनाओं का शुभारंभ करेंगे।

उन्होंने कहा कि पहली योजना किसान मानधन योजना यानि किसान पेंशन योजना है, जिसके तहत किसानों को प्रीमियम देने पर 3,000 रुपये प्रति महीने पेंशन मिलेगी, दूसरी गुणवत्ता शिक्षा के लिए विशेष रूप से एकलव्य स्कूलों के लिए आधारशिला रखी जायेगी जबकि तीसरी योजना के तहत छोटे दुकानदारों के लिए भी पेंशन योजना शुरू की जायेगी।

उन्होंने कहा कि किसान योजना के तहत, राज्य में एक लाख से अधिक किसानों को पंजीकृत किया गया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, किसान पेंशन पंजीकरण के मामले में झारखंड पांचवा सबसे बड़ा राज्य है। दास ने कहा कि 18 से 40 साल के बीच के किसानों को 60 साल की उम्र के बाद पेंशन योजना का लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि इसी तरह से 18 से 40 साल के बीच के छोटे दुकानदार भी 60 साल की उम्र के बाद पेंशन पाने के लिए पात्र होंगे। सरकार से पंजीकृत छोटे दुकानदारों को हर महीने 3,000 रुपये पेंशन मिलेगी। उन्होंने कहा कि आदिवासी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए झारखंड में 462 एकलव्य स्कूलों में से 69 को स्थापित किया जाएगा।

किसानों को उम्र के हिसाब से देना होगा प्रीमियम

60 साल की उम्र तक पेंशन खाते में किसानों को योजना में शामिल होते समय उनकी उम्र के आधार पर 55 से 200 रुपये महीने का प्रीमियम देना होगा। 18 वर्ष की आयु वाले किसान को 55 रुपये और 40 वर्ष की उम्र वाले किसान को 200 रुपये महीने प्रीमियम के तौर पर जमा करने होंगे। उनके प्रीमियम के बराबर ही सरकार भी अपनी ओर से योगदान देगी। किसान पेंशन योजना छोटी जोत और सीमांत किसानों के लिए हैं जिनके पास 2 हेक्टेयर तक ही खेती की जमीन है।

कॉमन सर्विस सेंटर पर किसान करा सकते हैं रजिस्ट्रेशन

पेंशन योजना का लाभ लेने के लिए किसान को कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। रजिस्ट्रेशन के लिए आधार कार्ड और खसरा-खतौनी की नकल ले जानी होगी। रजिस्ट्रेशन के लिए दो फोटो और बैंक की पासबुक की भी जरूरत होगी। रजिस्ट्रेशन के लिए किसानों को अलग से कोई भी फीस नहीं देनी होगी। यह रजिस्ट्रेशन पूरी तरह से फ्री है। पांच साल के लगातार योगदान के बाद किसान अपनी मर्जी से इस योजना से बाहर भी आ सकते हैं। इस दौरान उन्हें उनकी प्रीमियम राशि को पेंशन कोष प्रबंधक जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की ओर से सेविंग खाते में ट्रांसफर कर दिया जाएगा। यानी स्कीम छोड़ने तक जितनी रकम जमा की होगी उस पर सेविंग अकाउंट का ब्याज मिलेगा।

एजेंसी इनपुट