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किसानों की आय बढ़ाने के लिए ओडिशा सरकार नई कृषि नीति लायेगी
किसानों की आय बढ़ाने के लिए ओडिशा सरकार नई कृषि नीति लायेगी

किसानों की आय बढ़ाने के लिए ओडिशा सरकार नई कृषि नीति लायेगी

राज्य के किसानों की आय में बढ़ोतरी करने के लिए ओडिशा सरकार ने कृषि और उसके बाजार की बदलती परिस्थितियों के मद्देनजर नई "कृषि नीति" लाने की पहल की है।

राज्य के मुख्य सचिव आदित्य प्रसाद पाधी की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई जिसमें प्रमुख सचिव कृषि और किसान सशक्तीकरण सौरव गर्ग से विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कर एक रूपरेखा तैयार की गई। मुख्य सचिव ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए उत्पादन और मार्किटिंग पर ध्यान केंद्रित करने का निर्देश दिया।

उन्होंने किसान सहायता समूहों का गठन करके निजी निवेश को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। विभाग को दो सप्ताह के भीतर मसौदा नीति और विकास के लिए अपने इनपुट देने के लिए कहा है। बैठक में मौजूद विकास आयुक्त असित कुमार त्रिपाठी ने कहा कि नीति को फसल विविधीकरण, मूल्य संवर्धन और बाजार संपर्क के प्रति उन्मुख होना चाहिए। कृषि उत्पादन आयुक्त गगन कुमार धाल ने आपदा रोधी बीजों और कृषि पद्धतियों के विकास की सलाह दी।

राज्य में खाद्यान्न का उत्पादन बढ़कर 117 लाख टन पहुंचा

ओडिशा में पिछले कुछ वर्षों में राज्य सरकार के ठोस हस्तक्षेप के माध्यम से कृषि और संबद्ध क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। राज्य में 2018-19 में कृषि में सार्वजनिक निवेश 17,000 करोड़ रुपये पहुंच गया है। राज्य सरकार ने कृषि के लिए विशेष बजट बनाने और अलग कृषि-कैबिनेट के गठन के लिए अग्रणी कदम उठाए हैं। इसी के परिणामस्वरूप राज्य में 2016-17 में खाद्यान्न उत्पादन बढ़कर 117 लाख टन हुआ, जिसमें चावल का उत्पादन 25 लाख टन अतिरिक्त है।

पांच साल में किसानों की मासिक औसत आय में 16.5 फीसदी की हुई बढ़ोतरी

बाजार में बदलाव के साथ, राज्य ने अपने बागवानी और पशुधन प्रस्तुतियों में भी काफी वृद्धि की है। राज्य ने 2002-03 से 2015-16 के बीच किसानों की मासिक आय बढ़ाने में देश में सबसे तेज विकास दर हासिल की है। इस अवधि के दौरान, ओडिशा के किसान की मासिक औसत आय 1,062 रुपये बढ़कर 7,731 रुपये हो गई जिसमें 16.5 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है जोकि नेशनल बढ़ोतरी 11.7 फीसदी से ज्यादा है।

वर्ष 2013 के बाद से राज्य की कृषि नीति में नहीं हुआ है बदलाव

बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए प्रमुख कृषि सचिव गर्ग ने कहा कि वर्ष 2013 में ओडिशा कृषि नीति तैयार की गई थी। इस बीच छह साल बीत चुके हैं। नई प्रौद्योगिकियां और विपणन स्थितियां भी सामने आई हैं। इन सभी के मद्देनजर, नई नीति पर काम किया जा रहा है। नई नीति से राज्य की कृषि क्षमता को स्थायी रूप से विकसित करना और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए किसानों की आय में निरंतर वृद्धि करना है।

एजेंसी इनपुट