Home एग्रीकल्चर रुरल इकोनॉमी एनआरआई की पंजाब में पराली की समस्या से निपटने के लिए 2,500 करोड़ के निवेश की पेशकश
एनआरआई की पंजाब में पराली की समस्या से निपटने के लिए 2,500 करोड़ के निवेश की पेशकश
एनआरआई की पंजाब में पराली की समस्या से निपटने के लिए 2,500 करोड़ के निवेश की पेशकश

एनआरआई की पंजाब में पराली की समस्या से निपटने के लिए 2,500 करोड़ के निवेश की पेशकश

पंजाब सरकार द्वारा राज्य में पराली की समस्या से निपटने के लिए उठाए जा रहे कदमों के बीच एक अमेरिकी सिख ने राज्य में पराली के बायोगैस और बिजली बनाने संबंधी प्रोजैक्ट लगाने की पेशकश की है जिस पर करीब 2,500 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है।

राज्य के राजस्व मंत्री गुरप्रीत सिंह कांगड़ के साथ पंजाब भवन में पहुंचे एनआरआई डा. चिरंजीव कथूरिया ने पत्रकारों को इस प्रोजैक्ट की जानकारी दी। कांगड़ ने बताया कि जब वह राज्य के ऊर्जा और नविकरणीय ऊर्जा मंत्री थे तो उन्होंने पराली के निपटारे संबंधी नई संभावनाएं तलाशने की दिशा में काम शुरू किया था। इसी के अंतर्गत न्यू जनरेशन पावर इंटनेशनल के सह-संस्थापक और चेयरमैन डॉ. चिरनजीव कथूरिया से मुलाकात हुई थी और उन्हें इस क्षेत्र में पंजाब सरकार का मार्गदर्शन करने की अपील की थी।

पूरे पंजाब में 4,000 मेगावॉट के पावर प्रोजेक्ट लाने की योजना

उन्होंने बताया कि अब डॉ. कथूरिया ने पंजाब के किसानों की समस्या और किसानी संकट संबंधी अध्ययन करने के बाद राज्य में प्रदूषण का कारण बनी पराली से ऊर्जा बनाने के क्षेत्र में निवेश करने का फैसला लिया है। डॉ. कथूरिया अपने स्पेस एक्सप्लोरेशन प्रोजेक्ट़्स को लेकर पहले ही काफी चर्चा में रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी न्यू जेनरेशन पावर इंटरनेशनल पूरे पंजाब में 4,000 मेगावॉट के पावर प्रोजेक्ट लगाएगी।

अब पंजाब सरकार के रुख का इंतजार

इसमें से 3,000 मेगावॉट सोलर एनर्जी का होगा और 1,000 बायोमास का। उन्होंने बताया कि हम लोग किसानाें से खरीदी हुई पराली का इस्तेमाल करेंगे। इससे पर्यावरण को साफ रखने में मदद मिलेगी और पावर की समस्या को हल कर सकेंगे। डॉ. कथूरिया अब इस मामले में पंजाब सरकार के रुख का इंतजार कर रहे हैं ताकि सारी बातें एग्रीमेंट का रूप लेकर आगे बढ़ें और समस्या का समाधान हो सके। ऐसी बहुत सारी योजनाएं आती हैं और घोषणा के बाद उनका कहीं पता नहीं चलता? इसके जवाब में डॉ. कथूरिया ने कहा-हमने इस प्रोजेक्ट के सारे एंगल जांच लिए हैं और ये पूरी तरह प्रैक्टिकल हो सकने लायक है। इसमें किसी सेकेंड थाॅट की गुंजाइश नहीं है।

एजेंसी इनपुट