Home एग्रीकल्चर रुरल इकोनॉमी किसानों की कर्ज माफी में देरी के लिए मध्य प्रदेश के मंत्री ने फिर मांगी माफी
किसानों की कर्ज माफी में देरी के लिए मध्य प्रदेश के मंत्री ने फिर मांगी माफी
किसानों की कर्ज माफी में देरी के लिए मध्य प्रदेश के मंत्री ने फिर मांगी माफी

किसानों की कर्ज माफी में देरी के लिए मध्य प्रदेश के मंत्री ने फिर मांगी माफी

मध्य प्रदेश में किसानों से कर्जमाफी का वादा करके ही सत्ता में आई कांग्रेस की कमलनाथ सरकार के मंत्रियों ने सार्वजनिक तौर पर कहना शुरू कर दिया है कि पार्टी तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के वादे को पूरा कर पाने में नाकाम रही है। चार महीने में दूसरी बार, मध्य प्रदेश में कृषि ऋण माफ करने में देरी के लिए राज्य के मंत्री ने किसानों से माफी मांगी है।

राज्य के सामान्य प्रशासन मंत्री गोविंद सिंह ने कर्ज माफी में देरी के लिए किसानों माफी मांगी। शुक्रवार को भिंड में एक सरकारी समारोह के दौरान मंत्री ने कहा कि हम अपने नेता राहुल गांधी की ओर से किसानों के 2 लाख रुपये तक के कर्ज माफ करने के वादे को सरकार बनाने के दस दिन के भीतर पूरा नहीं कर सके। अपने वादे को पूरा नहीं कर पाने के लिए भी उन्होंने दोष पिछली भाजपा की सरकार पर ही थोपने की कोशिश की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार ने प्रदेश को भारी कर्ज में छोड़ दिया था, जिससे मौजूदा सरकार अपना वादा समय पर नहीं पूरा कर सकी। उन्होंने कहा कि कि राज्य की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान राज्य को भारी कर्ज में छोड़ गए थे।

राहुल गांधी ने 10 दिनों के भीतर कर्ज माफी का किया था वादा

गोविंद सिंह ने सितंबर में भी किसानों से वादा पूरा करने में देरी पर इसी तरह की माफी की पेशकश की थी। राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश के किसानों का 2 लाख रुपये तक का कर्ज सत्ता में आने के सिर्फ 10 दिनों के भीतर माफ करने का वादा किया था। यही नहीं उन्होंने यहां तक कहा था कि अगर उनकी पार्टी की सरकार 10 दिन में वादा नहीं निभा पाई तो वहां के मुख्यमंत्री को ही बदल दिया जाएगा। अब वही वादे और दावे पार्टी के लिए मुसीबत बन गई है।

पहले फेज में 21 लाख किसानों का कर्ज हुआ है माफ

कमलनाथ सरकार बनने के बाद पहले फेज में 21 लाख किसानों का करीब 7,000 करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया गया लेकिन, इनमें से ज्यादातर कर्ज की रकम 50,000 रुपये या उससे कम की थी जबकि, राहुल ने वादा 2 लाख रुपये तक की कर्ज माफ करने का किया था। मध्य प्रदेश की सरकार की ओर से भरोसा दिया गया था कि दिसंबर, 2019 के दूसरे फेज में 11,675 करोड़ का कर्ज भी माफ कर दिया जाएगा। हालांकि, भाजपा का आरोप है कि अगर ये कर्ज माफ कर भी दिया गया, तब भी यह रकम राहुल गांधी के वादे का सिर्फ आधा ही रहेगा।

राज्य के किसानों का कुल 36,500 करोड़ रुपये का कर्ज होना है माफ

सूत्रों के अनुसार राज्य में किसानों का कुल 36,500 करोड़ रुपये का कर्ज माफ होना है। मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री तरुण भनोट के अनुसार राज्य बड़े वित्तीय संकट से गुजर रहा है, क्योंकि केंद्र ने राजस्व में से राज्य का हिस्सा घटा दिया है। उन्होंने कहा कि हमें शिवराज सिंह चौहान सरकार की ओर से लिए गए 14,000 करोड़ रुपये के कर्ज को चुकाने का बोझ ढोना पड़ रहा है। पिछले दो वित्तीय वर्षों से केंद्र ने राजस्व में से राज्य का हिस्सा भी कम कर दिया है। इस साल प्रदेश का बजट पेश करना मेरे लिए बहुत बड़ी चुनौती लग रही है।

एजेंसी इनपुट